शारीरिक शिक्षा

वाराणसी,जागरणसंवाददाता।कोरोनावायरसकासौकरोड़वांटीकालगवानेवालेअरुणरायमहात्माबुद्धकीप्रथमउपदेशस्थलीसारनाथसेकरीबदसकिलोमीटरदूरजयरामपुरकेरहनेवालेहैं।माता-पिताकेनिधनकेबादवर्ष2004मेंनईदिल्लीचलेगए।फिलहालवहदिल्‍लीमेंभाजपादिव्यांगप्रकोष्ठकेअध्यक्षहैं।

100करोड़वांटीकालेनेकेबाददैनिकजागरणसेबातचीतमेंबतायाकिकोरोनाकाटीकातोसभीकोलगाहोगा,लेकिनमुझेतोसौभाग्यकाटीकालगाहै।भलाप्रधानमंत्रीजीकेसामनेटीकाकिसेलगाहोगा।जागरणकोबतायाकिबनारसमेंरहतेहुएराजनीतिकीउन्‍होंनेशुरूआतकीऔरभाजपायुवामोर्चासेजुड़े।दिल्लीमेंकार्यालयमंत्रीभीरहेहैं।वहींभाजपादिल्लीपूर्वांचलमोर्चामेंकार्यालयमंत्रीभीरहचुकेहैं।गोरखपुरमेंगोलाब्‍लाककेशाहपुरकेमूलनिवासीथेजोबादमेंसारनाथमेंबसगए।उनकेपिताप्रतापगढ़मेंसरकारीविद्यालयमेंप्रिंसिपलथे।बतायाकि'पीएमनेपहलेपूछाकिटीकाअभीतकक्‍योंनहींलगायातोबतायाकिबनारसीहूंऔरयोगाकरताहूंतोलगाकिकोरोनानहींहोगा,इसपरपीएमनेकहाकिमैंभीबनारसीहूंऔरकोरोनाकाटीकालेचुकाहूं।'

अरुणदिव्यांगोंकेलिएवर्ष1997सेकामकररहेहैं।इसकेलिएउन्हें2002मेंउत्तरप्रदेशमेंराज्यालकेहाथोंपुरस्कृतभीकियागयाथा।कहतेहैंमेरातोजीवनहीदिव्यांगहितकेलिएसमर्पितहै।कलदिव्यांगप्रकोष्ठकीबैठककररहाथाकिउसीसमयटीकाकरणकेलिएचुनेजानेकीउनकोसूचनामिलीथी।इसकेबादतोपूरीरातनींदहीनहींआई। बतायाकिनईदिल्लीकेसरिताविहारमेंवहअबसपत्नीकरहतेहैं।उनकाएकबेटाहै।

दैनिकजागरणसेबातचीतकेदौरानअरुणनेकोरोनावैक्‍सीनकोपीएमकेसमक्षलगवानेकीबातकोदृढतासेरखतेहुएकहाकिआजमेरेलिएटीकालगवानाखुशीऔरसौभाग्‍यकापलहै।अरुणभाजपासेलंबेसमयसेजुड़ेरहेहैंऔरपूर्वमेंभीपीएमकेसाथफोटोखिंचवाचुकेहैंमगरगुरुवारकोकोरोनाकाटीकालगावानेकेदौरानपीएमकेसाथफोटोनहींखिंचापानेकाउनकोअफसोसभीहै।हालांकि,पीएमकीओरसेजारीतस्‍वीरकोउन्‍होंनेसाझाकरतेहुएइसेअविस्‍मरणीयपलबताया।