शारीरिक शिक्षा

नईदिल्ली।गृहमंत्रालयद्वारानियुक्तविशेषजांचदल(एसआईटी)1984मेंहुएसिखविरोधीदंगोंकेकमसेकम75मामलोंकोफिरसेखोलेगा।येदंगेतत्कालीनप्रधानमंत्रीइंदिरागांधीकीहत्याकेबादहुएथे।मानदंडकेअनुसार,एसआईटीइनमामलोंकेबारेमेंविज्ञापनजारीकरपीड़ितोंएवंगवाहोंकोजांचमेंशामिलहोनेकोकहेगी।

केंद्रसरकारकायहफैसलासिखसमुदायके,खासकर1984केसिखदंगोंकेपीड़ितोंके,प्रतिवेदनोंपरऔरअगलेसालहोनेवालेपंजाबविधानसभाचुनावसेपहलेआयाहै।

दिल्लीकेमुख्यमंत्रीअरविंदकेजरीवालनेगतछहजूनकोप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकोपत्रलिखकरएसआईटीकोढकोसलाकरारदियाथा। यहभीपढ़े-1984दंगेमेंटाइटलरकीभूमिकाकीजांचजारीरखेसीबीआई:अदालत

केजरीवालनेलिखाथा,“एसआईटीएकभीमामलेकोखोलनेमेंनाकामरहीहै।मैंआपसेआग्रहकरताहूंकियातोआपअपनेएसआईटीकोकुछकरनेदेंयाकृपाकरकेइसएसआईटीकोखत्मकरकेदिल्लीसरकारकोउचितजांचऔरपीड़ितोंकोन्यायदिलानेकेलिएएसआईटीगठितकरनेदें।”

इंदिरागांधीकीसिखअंगरक्षकोंद्वारा31अक्टूबर1984कोहत्याकिएजानेकेबाददिल्ली,उत्तरप्रदेश,हरियाणा,मध्यप्रदेश,महाराष्ट्रऔरअन्यराज्योंमेंहुएदंगोंमें3हजार325लोगमारेगएथे।

अकेलेदिल्लीमें2733लोगोंकीहत्याहुईथी। दिवंगतएच.के.एल.भगत,सज्जनकुमारऔरजगदीशटाइटलरसहितकांग्रेसकेकईनेताइनदंगोंमेंशामिलरहनेऔरअपराधमेंसंलिप्तताकेआरोपीबनाएगएथे।

मईमेंकेंद्रसरकारनेसिखविरोधीदंगोंसेप्रभावितऐसे1020परिवारोंकामुआवजाबढ़ानेकीस्वीकृतिदेदीथीजोदेशकेअलग-अलगराज्योंसेविस्थापितहोकरपंजाबचलेगएथे।

नरेंद्रमोदीसरकारने2014दिसंबरमेंसिखोंकीविभिन्नशिकायतोंकोदेखनेकेलिएसेवानिवृत्तन्यायाधीशजी.पी.माथुरकमेटीकागठनकियाथा।इसकीअनुशंसापरकेंद्रसरकारनेपीड़ितपरिवारोंकेसदस्योंकाकौशलविकासमंत्रालयऔरपंजाबसरकारकेजरिएकौशलविकासकरनेयापहलेसेहुनरमंदहैंतोउसेऔरबढ़ानेकाआदेशदियाथा।

By Cooper