शारीरिक शिक्षा

संवादसहयोगी,सांकतोड़िया:काशीपुरमनिहाराग्रामपंचायतकेसियालडांगामेंगुरुवारसेशुरुहुईपांचदिवसीयजगधात्रीपूजाकीनवमीकेदिनशनिवारकोबड़ेचूल्हेपरप्रसादकोएकसाथ22बर्तनोंमेंपकानेकाकार्यशुरूकियागया।इसप्रसादकोकरीबतीनहजारसेअधिकस्थानीयएवंआसपासकेग्रामीणग्रहणकरतेहैं।बतायाजाताहैकिपंचकोटकेवैदिकविद्वानहराधनआचार्यकोबेटाहोनेकीआशामेंएककेबादएक19बेटियांहुईं।तबवर्ष1871मेंउन्होंनेदेवीजगधात्रीकीपूजाशुरूकी।करीबदोवर्षोंकेबादउन्हेंएकपुत्रहुआ।उससमयसेइलाकेमेंदेवीपूजाकामहात्म्यफैलगया।आजयहपूजाउनकेउत्तराधिकारीआगेबढ़ारहेहैं।

बतायाजाताहैकिहराधनआचार्यकेपरदादादीनमोनीगंगोपाध्याय(आचार्य)हुगलीकेहामाटासेसियालडांगागांवमेंआएथे।तभीसेयहपरिवारभट्टाचार्यपरिवारकेनामसेजानाजानेलगा।उससमयकाशीपुरकेपंचकोटशाहीपरिवारकेएकराजानेदीनमोनीआचार्यकेअपारज्ञानकेकारणउन्हेंआचार्यकीउपाधिसेसम्मानितकियाथा।तभीसेइसपरिवारकाउपनामआचार्यहोगया।जगधात्रीदेवीकीपूजाकेबारेमेंआचार्यपरिवारकेसदस्यजगतआचार्यनेकहा,मांकीपूजाआजभीअतीतकेसभीनियमोंकापालनकरतेहुएकीजातीहै।पूजाकीविशेषताहैकिएकादशीमेंभीमांकीपूजाहोतीहै।भोगअभिनवतरीकेसेबनायाजाताहै।जयाऔरविजयादोसहेलियांमांकीमूर्तिकेदोनोंओररहतीहैं।ऋषिमार्कंडेयऔरदेवर्षिनारदभीरहतेहैं।सभीकेऊपरदोपरियांरहतीहैं।शेरपरसवारदेवीजगधात्रीयहांचतुर्भुजहैं।इसपूजामेंइलाकेसेसटेबांकुड़ाकेछातनाथानाकेकुलाडाबर,सांतुड़ीप्रखंडकेतालबेरियासहितकईगांवोंकेलोगशामिलहोतेहैं।सांस्कृतिककार्यक्रमोंमेंदशमीऔरएकादशीपरगांवकेलोगदोदिनोंतकनाटकप्रस्तुतकरस्थानीयलोगोंकोउपहारदेतेहैं।दोपहरकेसमयमहानवमीकोचावल,मूंगकीदाल,कुम्हड़ेकीसब्जी,स्थानीयमछलीकाभोगकरीबतीनहजारलोगग्रहणकरतेहैं।सफेदचावलअलगतरहसेबनाएजातेहैं।चावलकोएकगोलचूल्हेमें22बर्तनोंमेंपकायाजाताहै।पूजासमितिकेअध्यक्षबामापदोआचार्यनेकहाकिइसबारहमलोग151वींजगधात्रीपूजाकाआयोजनकररहेहैं।पूजामेंकोरोनानियमोंकाअनुसरणकरहीतैयारियांकीगईहैं।

By Cox