शारीरिक शिक्षा

आगरा,नितिनउपाध्याय:आगराकेशमसाबादब्लॉककागांवसोरनकापुराअपनेआपमेंएकबड़ीखूबीरखताहै.यहांकेलोगोंऔरसांपोंकाबापऔरबेटेकारिश्ताहै.इसगांवकेबच्चोंकेलिएजहरीलेसांपकिसीखिलौनेसेज्यादानहींहैं,क्योंकिबच्चेयहांखिलौनोंसेनहींबल्किसांपोंसेखेलतेहैं.खासबातयेहैकियेसांपभीयहांइंसानोंकेबीचइसतरहसेरहतेहैंजैसेवोइनकेहीपरिवारकाहिस्साहों.लेकिनअबसपेरोंकेगांवमेंशिक्षाकीबीनभीबजरहीहै,अबएकहाथमेंबच्चोंकेहाथमेंसांपहैदूसरेहाथमेंकिताब.

आगरामुख्यालयसेकरीब25किमीदूरगांवसोरनकापूराअपनेआपमेंखासहै.इसगांवकेहरघरमेंसांपघूमतेहुएमिलजाएंगे.सांपयहांघरोंमेंइसतरहसेरहतेहैंजैसेकिसीग्रामीणनेअपनेघरोंमेंगायऔरभैंसजैसेपालतूजानवरपालरखेहों.दरसअल,सोरनकापुरागांवमेंसपेरेरहतेहैंऔरपीढ़ीदरपीढ़ीइसगांवकेलोगसांपोंकाकरतबदिखाकरअपनीरोजीरोटीकाइंतजामकरतेरहेहैं.गांवमेंजहरीलेसांपोंकोदेखकरअच्छेखासेहिम्मतवालेशख्सकीहवाटाइटहोजाए,लेकिनइसगांवकेबच्चोंकेलिएयेजहरीलेसांपकिसीखिलौनेसेज्यादाकुछनहींहै.

राजस्थानकेधौलपुरजिलेसेसटेइसगांवकेबुज़ुर्गसोरननाथकहतेहैंकिहमारेलिएसांपोंसेरिश्ताबाप-बेटेकारिश्ताहै.इन्हींकीवजहसेहमारापेटभरताहैलेकिनसांपोकेकरतबदिखाकरकेवलपेटकीआगहीबुझपातीहै.इससेज्यादाहमहरसुखसुविधाकेलिएपूरीतरहमहरूमहैंलेकिनअबहमबच्चोंकीपढ़ाईभीज्यादाध्यानदेरहेहैंताकिहमारेनातीपोतेमुफलिसीकीजिंदगीनकाटें.

गांवमेंरहनेवालेराधेनाथसपेराकाकहनाहैकिहमलोगपढ़ेलिखेनहींहैंऔरनहीहमारेपासखेतीहैइसलिएसांपोंकाखेलकरतबदिखाकरदोवक्तकीरोजीरोटीकाजुगाड़करतेहैं.अलग-अलगप्रजातिकेजहरीलेसांपोंकेसाथरहनाहमारेलिएसामान्यबातहै.खासबातयेहैकिइसगांवकेसपरेबीनकेसाथमृदंगऔरअन्यवाद्ययंत्रोंकोखुदतैयारकरतेहैं.येसपेरेगांव-गांवजाकरसांपोंकाकरतबदिखातेहैंजिससेइनकेघरकाखर्चचलताहै.

अबगांवमेंपवनऔरउसकाभाईहीपढ़पायाहै.पवननेबीएससीकीपढ़ाईकीहैऔरअबवहीगांवमेंशिक्षाकीरोशनीजलारहाहै.सभीसपेरेचाहतेहैंकिबदलतेवक्तमेंमहंगाईकीमारमेंअपनेबच्चोंकोपढ़ाकरडॉक्टरऔरइंजीनियरबनाएंताकिइंज्जतसेजिंदगीजियाजासके.

पीढ़ीदरपीढ़ीसांपोंकाकरतबदिखातेइनसपेरोंकेगांवमेंविकासकीरोशनीनहींपहुंचीहै,एकतरफआजभीइनलोगोंकोजातिप्रमाणपत्रनहींजारीकिएजारहेहैं,जिससेयेसरकारीसुखसुविधाओंसेवंचितहैंतोवहीं,आएदिनइनसपेरोंपरवनविभागकीकार्रवाईसेइनकेरोजीरोटीपरसंकटबनाहुआहै.लेकिनफिरभीसपेरोंकेगांवमेंअबशिक्षाकीबजरहीहैबीन.