शारीरिक शिक्षा

आगरा, अलीअब्बास।कोरोनानेतीनबच्चोंकेसिरसेछहमहीनेपहलेपिताकासायाछीनलिया।मांकेसाथतीनोंबच्चेकिसीतरहइससदमेसेउबरनेकीकोशिशकररहेथे।अपनीपढाईकोबरकराररखभविष्यकोसंवारनेकीचुनौतीसेजूझरहेथे।मांकेसहारेसेइसझंझावतसेनिकलनेकीउम्मीदथी।मगर,कोरोनाकीदूसरीलहरकेप्रकोपनेउनकोमांसेभीजुदाकियातोबच्चोंकीउम्मीदडूबनेलगी।भाई-बहनोंकोदुनियाकीमुश्किलोंसेलड़नेकेलिएअकेलाकरदिया।अब18सालकीबेटीछोटेभाई-बहनकेलिएमाता-पिताकीभूमिकामेंहै।

कागजीप्रक्रियापूरीहोनेमेंसमयलगनेकेचलतेतीनोंबच्चोंकीहरसुबहएकनईचुनौतीलेकरसामनेआतीहै।न्यूआगराइलाकेमेंरहनेवालेपरिवारकेमुखियाकाआरओप्लांटथा।परिवारकापालन-पोषणऔरतीनबच्चोकीपढाईइसीआरओप्लांटपरनिर्भरथी।परिवारमेंपत्नीकेअलावा18और14सालकीबेटीवएकछहसालबेटाहै।परिवारकीमुश्किलेंइससालजनवरीसेशुरूहुईं।जबपरिवारकेमुखियामेंकोरोनाकेलक्षणदिखाईदिए।उन्हें22जनवरीकोदिलकादौरापड़नेसेमौतहोगई।जिसकेचलतेआरओप्लांटबंदहोगया।इसकेबादमांकिसीतरहसेपरिवारऔरतीनबच्चोंकीजिम्मेदारीउठारहीथी।

अप्रैलकेआखिरीसप्ताहमेंमांभीकोरोनासंक्रमितहोगईं।उन्हेंतेजबुखारकेसाथसांसलेनेमेंदिक्कतकीशिकायतहुई।बेटीनेबतायाअस्पतालोंमेंबेडऔरआक्सीजननहींमिलरहीथी।किसीतरहएकअस्पतालमेंबेडमिली।स्वजनआक्सीजनसिलेंडरकीव्यवस्थाअपनेस्तरसेकरतेरहे।मगर,30अप्रैलकोआक्सीजनकास्तरकाफीकमपहुंचनेसेमांभीउनकासाथछोड़गई।उनकेबादपरिवारकीजिम्मेदारीअब18सालकीबेटीपरआगईहै।वहबारहवींकीपरीक्षाउत्तीर्णकरनेकेबादस्नातकमेंप्रवेशलेनेकीतैयारीकररहीहै।छोटीबहननवींऔरभाईदूसरीकक्षामेंहै।

आरओप्लांटबंदहोनेकेकारणखराबहोगयाहै।आर्थिकतंगीसेजूझतेबच्चोंकेसामनेअपनीपढाईकेसाथ-साथरोजी-रोटीकासंकटहै।इसबीचकिसीनेउन्हेंकोरोनामेंअपनोंकोगंवानेवालेबच्चोंकेलिएशुरूहुईमुख्यमंत्रीबालसेवायोजनाकीजानकारीदी।बच्चोंनेपरिचितोंऔररिश्तेदारोंकेमाध्यमसेआवेदनजमाकरादिया।दस्तावेजोंकेभौतिकसत्यापनकेदौरानकईकमियांपूरीनिकलनेपरउन्हेंपूराकरनेमेंएकमहीनानिकलगया।बेटीनेबतायाकिउसनेस्कूलकीफीसकीरसीददिखाईं,लेकिनकहागयाकिस्कूलसेलिखवाकरलानाहोगाकिवहांपढ़तेहैं।

स्कूलप्रबंधनसेलिखवानेकेबादशुक्रवारकोआवेदनजमाहोगा।कोरोनामें100बच्चाेंनेअपनोंकोगंवायाकोराेनामेंअपनोंकोगंवानेवाले100बच्चोंकीसूचीडीपीओकार्यालयकोमिलीथी।इनमेंसेअभी38लोगोंंकोचिन्हितकियाजाचुकाहै।जिनमेंसे26केखातोंमेंरकमपहुंचचुकीहै।इनमें60सेबच्चेअभीबाकीहैं,जिनमेंकईकेआवेदनकिन्हींकारणोंसेनिरस्तहोगएथे।बाकीकेआवेदनोंमेंभौतिकसत्यापनकेदौरानकमियांमिलनेपरदूरकरायाजारहाहै।मगर,कईपरिवारऐसेहैंकिजिनकेसामनेपरिवारकाखर्चचलानेकेसाथहीबच्चोंकीफीसजमाकरानेकीभीचिंताहै।

खुशखबर 26बच्चोंकेखातेमेंपहुंचीरकम

मुख्यमंत्रीबालसेवायोजनामें38बच्चोंकोचिन्हितकियागयाहै।डीएमप्रभुएनसिंहनेबतायाकिगुरुवारकोइनमेंसे26बच्चोंकेखातेमेंतीनमहीनेकीरकमपहुंचगई।चारहजाररुपयेप्रतिमाहकेहिसाबसेइनबच्चोंकेखातेमें12-12हजाररुपयेजमाकराएगएहैं।जबकिअन्य12बच्चोंकोमुख्यमंत्रीबालसेवायोजनाकेलाभकीमंजूरीमिलगईहै।डीएमनेबतायाकिअन्यआवेदनपत्रोंकेसत्यापनकीप्रक्रियाचलरहीहै।

महत्वपूर्णतथ्य

-योजनाकालाभपानेवाले26बच्चोंमें15बालकऔर11बालिकाहैं।

-माता-पितादोनोंकोगंवानेवालेबच्चोंकीसंख्याचारहै।

-दससालसेकमउम्रकाएकबालकहै।

-जबकि10से11सालकीउम्रकेबीचकेतीनबच्चेहैं।

-22बच्चेऐसेहैं,जिन्होंंनेकाेरोनामेंअपनेमातायापितामेंकिसीएककोगंवाया।

-चारबालकऐसेहैंजिनकीउम्रदससालसेकमहै।

-सातबालकऐसेहैंजिनकीउम्र11से18सालकेबीचहै।

-सातबालिकादससालसेकमउम्रकीहैं।चारबालिका11से18सालकीउम्रकीहैं।