शारीरिक शिक्षा

जागरणसंवाददाता,बांदा:बुंदेलखंडमेंअन्नदाताजहांपिछलेदोदशकसेअन्नाजानवरोंकेकहरसेकराहरहेहैं,वहींबड़ोखरखुर्दब्लाककाएकछोटासागांवकतरावलनजीरबनाहुआहै।यहांकेकिसानोंनेसूझबूझसेछुंट्टाजानवरोंकोसंरक्षणदेरखाहै।गांवमेंछोटे-बड़ेसभीकिसानखुशहालहैंऔरसभीमौसममेंफसलोंकीबेहतरपैदावारलेरहेहैं।

पशुपालनविभागकेसर्वेकेमुताबिकजिलेमें96315अन्नाजानवरहैं।प्रत्येकग्रामपंचायतमेंऔसतन150-200मवेशीछुट्टाहैं।सरकारगांव-गांवपशुआश्रयस्थलकेसाथचारा-पानीकाइंतजामकररहीहै,फिरभीअन्नाजानवरोंकाकहरकमनहींहोरहाहै।मगर,बड़ोखरखुर्दब्लाककेकतरावलगांवमेंकिसानोंनेअन्नाजानवरोंसेबचनेकेलिएखुदहीरास्ताखोजनिकाला।इसमेंनतोसरकारीमददलीऔरनहीअधिकारियोंकेसामनेहाथफैलाया।किसानअंबिकाराजपूतकहतेहैंकिज्यादातरकिसानोंकेपासचारसेपांचबीघाखेतहैं।उन्हेंअन्नाजानवरोंसेसुरक्षाकीजरूरतनहींपड़ती।दरअसल,किसानोंनेआपसीसूझबूझदिखाई।चौपाललगाअन्नामवेशियोंकोसंरक्षितकरनेकानिर्णयलिया।सभीखेतिहरवभूमिहीनकिसानोंनेजानवरोंकोपाला।दोसालोंसेगांवमेंअबएकभीछुंट्टाजानवरनहींहै।किसानरामनरेशअपनीदोबीघाखेतीमेंसब्जीऔरगन्नाकीखेतीकरतेहैं।

किसानीमेंमहिलाएंआगे

कतरावलगांवमेंमहिलाएंकिसानीमेंपीछेनहींहैं।वहअपनेपतियोंकेसाथखेतमेंहाथबंटातीहैं।कटाईहोयामड़ाईयाफिरखेतोंकीजुताई,सभीमेंआगेरहतीहैं।किसानवर्षमेंचारफसलेंलेतेहैं।गन्नावसब्जीकीभरपूरपैदावारहै।

एकनजरमेंकतरावलगांव

किसानपरिवार:730

संरक्षितअन्नाजानवर:160

कतरावलगांवबुंदेलखंडकेलिएमॉडलहै।ऐसेहीप्रत्येकगांवमेंकिसानकदमबढ़ाएंतोअन्नाप्रथासेछुटकारामिलजाएगा।किसानोंकीसूझबूझहीउनकीखुशहालीकाआधारहै।

-वाईएनसिंह,मुख्यपशुचिकित्साधिकारी

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