शारीरिक शिक्षा

सिद्धार्थनगर:जिलेमेंआत्मनिर्भरताकीदिशामेंमहिलाओंकाकारवांबढ़ताजारहाहै।राष्ट्रीयग्रामीणआजीविकामिशनसेजुड़े146महिलाओंकासमूहसक्रियहै।महिलाओंनेकोरोनासंकटकालमेंमास्कऔरपीपीईकिटकानिर्माणकिया।सस्ताऔरबेहतरीननेपकीनबनाया।औरअबमशरूमऔरमुर्गीपालनमेंइनकीललकबढ़ीहै।भनवापुरकेग्रामपंचायतपिपरापांडेयकीएकतासमूहनेभूसेसेमशरूमकाउत्पादनशुरूकियाहैतोउसकाबाजारकीमहिमाआजीविकास्वयंसहायतासमूहनेमुर्गीपालनसेआत्मनिर्भरताकीदिशामेंकदमबढ़ायाहै।

पिपरापांडेयकीमायाबतातीहैंकिट्रेनिगकेबादपहलीबारमैंने50किलोभूसेसेमशरूमलगाया।पहलीहीबारमेंचारकिलोमशरूमनिकलाहै।अबबड़ेपैमानेपरइसेकरनेकीयोजनाबनारहीहूं।डुमरियागंजकेभग्गोभारकीमहिलाएंभीमशरूमकीखेतीमेंहाथबढ़ायाहै।सुनीतागुप्ताऔररेश्माअग्रहरिबतातीहैंकिअभीमशरूमकीखेतीशुरूकीहैं।कितनाफायदाहोगा,इसकाअभीकोईहिसाबनहींहै।खेसरहाकेकुनैनाकीबुद्धआजीविकास्वयंसहायतासमूहकीकमलावतीकाकहनाहै,उनकासमूहमुर्गीपालनशुरूकियाहै।समूहसेतीसहजारकालोनलिया।दसमहीनेपहलेकामशुरूहुआहै।इससमयपूंजीकरीबपचासहजारकेकरीबहै।मंडीकेहिसाबसेरेटरहताहै।कभीसौरुपयेकिलोतोकभीनब्बेरुपये।इसकार्यमेंहैमहिलाओंकायोगदान

होटलसंचालन,मास्क-पीपीईकिटनिर्माण,प्रेरणाकैंन्टीन,सिलाई-कढ़ाई,सब्जीउत्पादन,सब्जीबिक्रेता,स्कूलड्रेस,फर्नीचर,कपड़ेकीदुकान,धानकुटाईमशीन,पानकीगुमटीआदिकृषिउत्पादमेंभीमहिलाओंनेबढ़ायाहाथ

जिलाविकासअधिकारीशेषमणिसिंहकेअनुसारकृषिउत्पादनमेंभीमहिलाओंनेहाथबढ़ायाहै।जिलेके25ग्रामसंगठनोंके133समूहोंके1345सदस्यपरिवारोंकोसब्जीएवंअन्यकृषिउत्पादकेपैदावारकेलिएप्रशिक्षितकियाजारहाहै।इनमहिलाओंकोसरकारद्वारादोलाखरुपयेतककेकृषिसंयंत्रउपलब्धकराएजाएंगे।18सब्जीउत्पादकसमूहोंकागठनकियागयाहै।जिससेजुड़ी315सदस्योंद्वारासब्जीउत्पादकएवंमार्केटिगकाप्रयासहोरहाहै।अबतकसातसब्जीउत्पादकसमूहकोडेढ़लाखप्रतिसमूहकेहिसाबसेकृषिसंयंत्रखरीदनेकेलिएवित्तीयसहायताभीदीगईहै।अगलेवर्षमधुमक्खीपालनकोबढ़ावादेनेकेलिएमहिलासमूहोंकोजोड़नेकीयोजनाबनाईगईहै।इसयोजनासेकरीबदोहजारमहिलाएंआत्मनिर्भरबनसकेंगी।रसायनिकएवंकीटनाशकदवाओंसेबचनेकेलिएकुछमहिलाओंनेजैविकदवाओंजैसेबिजमृत,पंचामृतबनानेकाभीप्रशिक्षणदियागयाहै।इसमें162कृषिएवंपशुआजीविकासखीकाचयनकियागयाहै,जोपशुपाठशालाकाभीसंचालनकरेंगी।एक-एकसमूहमेंग्यारहमहिलाएंजुड़ीहैं।कोरोनासंकटकालमें146महिलासमूहोंनेमास्क,पीपीईकिटकानिर्माणकरस्वावलंबीबनीहैं।एकमहिलासमूहनेसेनेट्रीनेपकीनबनानेकीफैक्ट्रीडालदीहै।अबतकजिलेमें5800महिलासमूहकागठनकियाजाचुकाहै।समूहसे63800महिलाएंजुड़ीहैं।इन्हेंस्वावलंबीबनानेकीदिशामेंलगातारप्रयासहोरहेहैं।