शारीरिक शिक्षा

नयीदिल्ली,25मार्च(भाषा)राष्ट्रीयअल्पसंख्यकआयोगकीकार्यवाहकअध्यक्षसैयदशहजादीनेगुजरातसरकारद्वारास्कूलीपाठ्यक्रममेंभगवद्गीताकोशामिलकिएजानेकेफैसलेकीपृष्ठभूमिमेंशुक्रवारकोकहाकिभगवद्गीताकोईधार्मिकपुस्तकनहीं,बल्किएकदर्शनहैजिसकाविदेशोंमेंभीअध्ययनहोरहाहै।गुजरातसरकारनेपिछलेदिनोंघोषणाकीथीकिभगवद्गीताकोअकादमिकवर्ष2022-23सेपूरेराज्यमेंछठीसे12वींकक्षाओंतककेस्कूलीपाठ्यक्रमोंमेंशामिलकियाजाएगा।राज्यकेशिक्षामंत्रीजीतूवघानीनेकहाथाकिभगवद्गीतामेंमौजूदनैतिकमूल्योंएवंसिद्धांतोंकोस्कूलीपाठ्यक्रममेंशामिलकरनेकानिर्णयकेंद्रकीनयीराष्ट्रीयशिक्षानीति(एनईपी)कीतर्जपरलियागयाहै।शहजादीनेगुजरातसरकारकेइसफैसलेकेबारेमेंपूछेजानेपरसंवाददाताओंसेकहा,‘‘मेरीयहनिजीरायहैकिभगवद्गीताएकधार्मिकपुस्तकनहींहै।यहएकदर्शनहै।इसेजोचाहें,वहपढ़सकतेहैं।इसेदर्शनकेतौरपरदेखाजासकताहै।विदेशोंमेंभीइसकाअध्ययनहोरहाहै।’’इससवालपरकिक्यावहपवित्रकुरानऔरदूसरेधर्मग्रंथोंकीभीपढ़ाईकराएजानेकेपक्षमेंहैं,उन्होंनेकहा,‘‘हमनेकिसीकोमनानहींकियाहै।हमचाहतेहैंकिहरधर्मकेबारेमेंलोगपढ़ें।’’कर्नाटकमेंहिजाबविवादपरअल्पसंख्यकआयोगकीकार्यवाहकप्रमुखनेकहा,‘‘सबकीअपनीअपनीभावनाएंहोतीहैं।लेकिनभावनाओंसेदेशनहींचलता।देशसंविधानसेचलताहै।अदालतनेइसपरएकफैसलादियाहै।इसेहमसबकोमाननाहोगा।’’

By Connor