शारीरिक शिक्षा

जागरणसंवाददाता,चित्रकूट:मंदाकिनीनदीकेघाटोंमेंछठपूजाकीधूमरही।पूर्वांचलवबिहारकेक्षेत्रकीसुहागिनोंनेघाटोंपरधूमधामसेछठकीपूजाकियाऔरसूर्यकोअ‌र्ध्यदेकरपरिवार,समाजकीमंगलकामनाकी।

जिलेमेंयहआयोजनरामघाटऔरपुलघाटमेंहुआ।जिलामुख्यालयमेंकार्यरतपूर्वांचलवबिहारक्षेत्रकेअनेकअधिकारियोंवकर्मचारियोंकेपरिवारोंनेइनघाटोंपरछठपूजाकिया।ग्रामोदयविश्वविद्यालयएवंजगद्गुरुरामभद्राचार्यदिव्यांगविश्वविद्यालयकेभीअनेकशिक्षकोंकेपरिवारोंमेंभीछठमाताकापूजनहुआ।परिवारकीमहिलाओंभगवानसूर्यकोअर्घदेकरछठमाताकापूजनकिया।रंजनाअग्निहोत्री,चंदनामिश्रा,इंदुमिश्रा,तूलिकारायसहितअनेकोंमहिलाओंनेविधिविधानसेपूजनकियाऔरअस्तहोतेहुएसूर्यकोअ‌र्घ्यदेकरमंगलकामनाकी।भारतीयजनतापार्टीकीपूर्वप्रदेशउपाध्यक्षरंजनाउपाध्यायनेबतायाकियहअत्यंतपात्रतावशुचिताकेसाथकियाजानेवालाव्रतपर्वहै।व्रतमेंपहलेएकदिन'नहायखायकाव्रत'होताहै।जिसमेंकेवललौकीखाकरउसदिनकाव्रतरहाजाताहै।दूसरेदिनव्रतरहकरप्रसादआदिबनायाजाताहैतथासायंकालअस्तांचलकेसूर्यकोजलचढ़ाकरव्रतीमहिलाएंअपनेघरजातीहैतथादूसरेदिनसूर्योदयसेपूर्वभोरमेंहीजलमेंआकरखड़ीहोजातीहैऔरसूर्योदयतकप्रतीक्षाकरकेभगवानभास्करकेउदयकेसाथअ‌र्घ्यदेकरभगवानसेअपनेपरिवारसमाजएवंराष्ट्रकेलिएमंगलकामनाकरतीहैं।

छठकेमहापर्वमेंभगवानभास्करकीउपासनाकाविशेषमहत्वहै।कार्तिकमासमेंहोनेवालीहैयहपूजाबिहारसेप्रारंभहुईकितुआजपूरेभारतवर्षमेंहीनहींअपितुविदेशोंमेंभीधूमधामसेमनाईजातीहै।प्रसादरूपमेंएकदूसरेकोसुहागिनीदेतीहैंसिंदूर

दिव्यांगविश्वविद्यालयकेप्रोफेसरडा.गोपालमिश्रबतातेहैंकिपिछलेकुछवर्षोंसेचित्रकूटकेघाटपरभीपूजाकाआयोजनहोताहै।हाथमेंफलोंसेभराहुआसूपलेकरपंक्तिबद्धनदीकेजलमेंखड़ेहोकरभगवानसूर्यकीआराधनाकरतीहुईमाताओंकीयहछविअछ्वुतदिखतीहै।सूर्यकोअ‌र्घ्यदेकरसमस्तमहिलाएंएकदूसरेसुहागनऔरतोंकोछठमाताकाचढ़ायाहुआसिदूरप्रसादकेरूपमेंलगातीहैऔरएकदूसरेकोआपसमेंप्रसादवितरणकरतीहैं।आस्थाकामहापर्वइसीकेसाथविश्रामहोताहै।सभीव्रतीमाताएंअपनेअपनेघरकोवापसजातीहैऔरइसकठिनव्रतकापारणप्रसादकोपाकरकेकरतीहै।

By Dale