शारीरिक शिक्षा

सिद्धार्थनगर:जैसे-जैसेगर्मीबढ़तीजारहीहैतालाबवपोखरेसूखरहेहैं।पशुपक्षीसमेतआमजनभीबेहालहैं।पाराबढ़नेकेसाथहीजलस्तरकमहोताजारहाहै।आमलोगतोकिसीतरहसेपानीकीव्यवस्थाकरलेरहेहैं।मगरपशुपक्षियोंकेलिएपानीकीव्यवस्थाकरनामुश्किलहै।ऐसेमेंतालाबवर्षाजलसंचयनकरभूजलकीस्थितिसुधारनेकेसाथहीपशुपक्षीकेप्यासबुझानेमेंमददगारसाबितहोरहेहैं।डुमरियागंजविकासक्षेत्रकेझुझराग्रामपंचायतमहतिनियाकेराजस्वगांवकर्बलास्थिततालाबजलसंचयनकेसपनोंकोसाकारकररहाहै।पूर्वग्रामप्रधाननेचारसालपहलेमनरेगाकेतहतइसतालाबकासुंदरीकरणकरायाथा।तालाबकेचारोंतरफसुंदरीकरणकार्यकियागयाथाताकिअधिकजलसंचयहोसके।यहतालाबहमेशावर्षाकेपानीसेभरारहताहै।तपतीधूपमेंबेजुबानतालाबकेजलसेअपनीप्यासबुझारहेहैं।गर्मीकेसमयजबगांवमेंतालाबसूखजातेहैंउससमयभीयहपानीसेभरारहताहै।तालाबलोगोंकोजलसंरक्षणकासंदेशदेरहाहै।पूर्वप्रधानरामगणेशनेकहाकिकलकोसुरक्षितरखनेकेलिएजलकासंचयनजरूरीहै।पानीकीहरबूंदमहत्वपूर्णहै।इसेसहेजनेकीमुहिममेंहरकिसीकीसहभागिताजरूरीहै।

नहरोंकासंजाल,नहींमिलरहाकिसीकोलाभ

सरयूनहरखंडतृतीयवचतुर्थद्वारानहरोंकाजालबिछाहुआहै।बावजूदइसकेअधिकतरनहरेंबेपानीहीरहतीहैं।नहरोंमेंपानीउसवक्तछोड़ाजाताहैजबधानकीरोपाईहोचुकीहोतीहै,अथवाकिसानगेहूंकीबोआईकरचुकेहैं।समयसेपानीनआनेकेचलतेनहरकेपानीकाउपयोगकिसाननहींकरपाते।जिससेउन्हेंआर्थिकक्षतिउठानीपड़तीहै।पचऊथ,खुनियांव,भवानीगंजसहितअन्यमाइनरफरवरीमाहसेसूखीपड़ीहैंअबतकपानीनहींआया।चिलचिलातीधूपमेंपशुपक्षीपानीकेलिएव्याकुलहैं।सब्जीउगानेवालेकिसानपंपिगसेटकेभरोसेखेतीकररहेहैं।वहींअन्यकिसानोंकोचिताखाएजारहीहैकिआनेवालेसमयमेंवहधानकीनर्सरीवरोपाईकैसेकरेंगे।विभिन्नकिसानसंगठनोंवक्षेत्रीयलोगोंनेनहरोंमेंपानीछोड़नेकीलगातारमांगकीबावजूदनहरेंसूखीकीसूखीहीहैं।ऊंचडीहरजवाहा,सोहनामाइनर,धोबहा,सेमरीनहरवउतरौलापंपप्रणालीसेसंचालितकिसीभीनहरमेंपानीनहींहै।जिसकेचलतेकिसानपरेशानहैं।एसडीएमत्रिभुवननेकहादोनोंनहरखंडकेअभियंताओंसेपानीछोड़नेकेनिर्देशदिएजाचुकेहैं।शीघ्रपानीछोड़ाजाएगा।