शारीरिक शिक्षा

जागरणसंवाददाता,वाराणसी:जनपदकेबभनियांवमेंचलरहेपुरातात्विकस्थलकीखोदाईमेंमिलेदोहजारवर्षपुरानेशिवमंदिरकेप्रदक्षिणापथकाप्रारंभिकस्वरूपसामनेआनेलगाहै।बुधवारकोहुईखोदाईमेंनिकलेचौड़ेप्रदक्षिणापथसेसंकेतमिलताहैकिअपनेसमयमेंयहमंदिरश्रद्धालुओंकीआस्थाकाबड़ाकेंद्ररहाहोगा।

बीएचयूकेप्राचीनइतिहासएवंकला-संस्कृतिपुरातत्वविभागकेअध्यक्षप्रो.ओएनसिंहऔरप्रो.अशोककुमारसिंहकेनिर्देशनमेंखोदाईकाकामबुधवारकोदूसरेदिनआगेबढ़ा।प्रो.एकेसिंहनेबतायाकिप्रदक्षिणापथकीमोटाईज्ञातकरनेकेलिएपूर्वी-उत्तरीकोनेपरउसेकाटागया।पताचलाकिऊपरसे1.90मीटरचौड़ाप्रदक्षिणापथनीचेअधिष्ठानकेबीच1.5मीटरचौड़ाहै।इससेपताचलताहैकिबादमेंमंदिरमेंश्रद्धालुओंकीभीड़कोदेखतेहुएउसकीचौड़ाईबढ़ाईगईहोगी।पथकोकाटनेपरपताचलाकिमूलदीवारउसकेनीचेहै।प्रदक्षिणापथकेनिर्माणमेंमूलबाहरीदीवारमें10कोषमिले।अर्थातनींवकीचिनाईमेंईंटोंके10स्तरोंकाप्रयोगकियागयाथाजबकिबगलमेंअधिष्ठानयानीगर्भगृहकीदीवारकीनींवमें12कोषथे।इसकटानसेयहभीसाबितहुआकिजिससमयमंदिरबना,उसीसमयचहारदीवारीकाभीनिर्माणकरदियागयाथा।गर्भगृहकाभीतरीक्षेत्रफलवर्गाकारहैऔरचार-चारमीटरसेअधिकलंबाई-चौड़ाईवालाहै।उन्होंनेबतायाकिअबयहपताकरनाहैकियहांयहढांचाएकहीमंदिरपरिसरकाहैयाइसपरिसरमेंएकसेअधिकमंदिरहैं।अभीऔरखोदाईमेंबहुतसेरहस्यमिलेंगे।प्रोफेसरसिंहनेकहाकिअबतककेज्ञातइतिहासमेंयहकाशीक्षेत्रकासबसेप्राचीनमंदिरहोसकताहै।