शारीरिक शिक्षा

नयीदिल्ली,दोजून(भाषा)विद्यालयोंकेप्रधानाध्यापकोंनेकोविड-19केमद्देनजर12वींकक्षाकीबोर्डपरीक्षारद्दकरनेकेसरकारकेफैसलेकास्वागतकरतेहुएबुधवारकोकहाकियहउचितनिर्णयहैऔरइससेछात्रोंकातनावदूरहोगा।एमआरजीस्कूलरोहिणीकेनिदेशकरजतगोयलनेकहा,‘‘फैसलेसेछात्रोंकोबड़ीराहतमिलीहैजोबोर्डपरीक्षासेजुड़ीअनिश्चितताकेकारणअसमंजसमेंथे।हमइसकदमकास्वागतकरतेहैंऔरहमेंउचितमूल्यांकनकेलिएवैकल्पिकप्रारूपकीघोषणाकाइंतजारहै।’’उन्होंनेकहा,‘‘देशबड़ेस्वास्थ्यसंकटसेगुजररहाहै।स्वस्थहोनेकीदरबेहतरहुईहैलेकिनसंक्रमणकोलेकरचिंताएंकायमहैं।परीक्षाकीतैयारीशांतदिमागसेकीजातीहैऔरमौजूदाकठिनसमयमेंबोर्डजैसीमहत्वपूर्णपरीक्षाओंकाआयोजनकरानाठीकनहींहोता।’’कोरोनामहामारीकीदूसरीलहरकेमद्देनजरकेंद्रसरकारनेमंगलवारकोकेंद्रीयमाध्यमिकशिक्षाबोर्ड(सीबीएसई)की12वींकक्षाकीबोर्डपरीक्षारद्दकरनेकानिर्णयलिया।प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेकहाकियहफैसलाछात्रोंकेहितोंकोध्यानमेंरखकरलियागयाहै।प्रधानमंत्रीमोदीकीअध्यक्षतामेंहुईएकमहत्वपूर्णबैठककेबादइसफैसलेकीघोषणाकीगई।साथहीयहफैसलाभीहुआकिसीबीएसई12वींकक्षाकेविद्यार्थियोंकेपरिणामोंकोसमयबद्धतरीकेसेएकपूर्णत:स्पष्टउद्देश्यपरकमानदंडकेअनुसारसंकलितकरनेकेलिएआवश्यककदमउठाएगा।डीपीएसइंदिरापुरमकीप्रधानाध्यापकसंगीताहजेलानेकहा,‘‘देशकेहालातकेमद्देनजरअनुभवीवरिष्ठअधिकारियोंनेबोर्डपरीक्षाएंरद्दकरनेकाफैसलाकाफीसोच-विचारकरकियाहै।’’उन्होंनेकहा,‘‘विभिन्नपृष्ठभूमिकेछात्रोंकेहितोंकोध्यानमेंरखतेहुएयहयहफैसलाकियागयाहैक्योंकिभारतएकविशालदेशहैजहांकईस्तरोंपरस्कूलीढांचेकेबीचअसमानताहै।’’डीपीएसआरएनई,गाजियाबादकीप्रधानाध्यापकपल्लवीउपाध्यायनेकहाकिछात्रोंकीसुरक्षासेबढ़करकुछभीनहींहै।हालांकि,कुछस्कूलोंकेप्रतिनिधियोंकामाननाहैकिपरीक्षाआयोजितकरनेकीदृष्टिसेसत्रमेंअबतकबहुतअधिकप्रयासकिएगएथे।ओडीएमपब्लिकस्कूलकीप्रज्ञाप्रमितासाहूनेकहा,‘‘हमबोर्डकेलिएपूरीतरहसेतैयारथेऔरमुझेइसबातकाअफसोसहैकिसाराकामबेकारहोगयाहै।वैसेमैंआभारीहूंकिभ्रमऔरचिंतासमाप्तहोगईहैऔरइसकेसाथहीछात्रों,शिक्षकोंऔरउनकेपरिवारोंकेस्वास्थ्यऔरकल्याणकोप्राथमिकतादीगईहै।’’साहूनेकहा,‘‘लेकिनछात्रोंकेवैकल्पिकमूल्यांकनकासवालअभीभीअनुत्तरितहै।मैंसरकारऔरसीबीएसईसेइससंबंधमेंउचितऔरसमयपरनिर्णयलेनेकाअनुरोधकरतीहूंताकिछात्रोंकोवेपरिणामप्राप्तहोंजिनकेवेहकदारहैं।’’आकाशएडुकेशनलसर्विसेजलिमिटेडकेप्रबंधनिदेशकआकाशचौधरीनेकहा,‘‘कोविड-19कीदूसरीलहरशुरूहोनेकेबादसेछात्रोंमेंचिंताएंव्याप्तथीं।मौजूदापरिस्थितिकोदेखतेहुएभारतकेलाखोंछात्रोंकीशारीरिकऔरमानसिकसुरक्षाकेमद्देनजरयहसहीऔरसंतुलितफैसलाहै।परीक्षारद्दकरनेसेअगलेशैक्षणिकसत्रकोसमयपरचालूकरनेमेंमददमिलेगीऔरकॉलेजोंमेंतयसमयपरदाखिलेशुरूहोंगे।’’

By Dale