शारीरिक शिक्षा

कोरोनावायरसकासंकटदेशकेअलग-अलगहिस्सोंमेंबढ़ताजारहाहै.कईतरहकीपाबंदियांलगानेकेबादभीकोरोनाकेमामलोंमेंकोईकटौतीहोतीनहींदिखरहीहै.सबसेबुराहालइसवक्तराजधानीदिल्लीऔरउसकेआसपासकेइलाकेकाहै.क्योंकियहांहरदिनकोरोनाकेमरीजोंकीसंख्याबढ़रहीहै,लेकिनअस्पतालमेंनातोबेड्सहैं,नाहीऑक्सीजन.घरपरइलाजकेलिएभीकिसीकोऑक्सीजननहींमिलपारहाहै,ऐसेमेंसंकटबढ़ताजारहाहै.

अगरराजधानीदिल्लीकीबातकरेंतोयहांबेड्सकोलेकरकिल्लतजारीहै.भलेहीसरकारहरदिनबेड्सबढ़ानेकेदावेकररहीहो,लेकिनज़मीनपरआमआदमीएकएकबेडकेलिएतरसरहाहै.सोमवारसुबह8.30बजेदिल्लीसरकारकीवेबसाइटपर1289ऑक्सीजनबेड्सखालीहोनेकीजानकारीहै,जबकि21आईसीयूबेड्सखालीहोनेकीजानकारीहै.

हालांकि,इनआंकड़ोंसेइतरअभीभीराजधानीमेंसंघर्षजारीहै.सिर्फएकबेडहीनहींबल्किऑक्सीजनकासंकटभीखत्मनहींहोरहाहै.दिल्लीकेअलग-अलगअस्पतालइसवक्तऑक्सीजनकीकमीसेजूझरहेहैं,यहीकारणहैकिहरदिनकोईनयाअस्पतालहाईकोर्टकारुखकरलेताहै,क्योंकिउसकेपासऑक्सीजननहींहै.

अदालतनेकेंद्रऔरदिल्लीसरकारकोऑक्सीजनकीसमस्यासुलझानेकोकहाहै.दिल्लीसरकारलगातारकेंद्रपरआरोपलगारहीहै,तोवहींकेंद्रकाकहनाहैकिदिल्लीसरकारऑक्सीजनरिसीवनहींकरपारहीहै.इसीतू-तूमैं-मैंमेंदिल्लीकेकईअस्पतालोंमेंऑक्सीजनकोलेकरहाहाकारमचाहै.

आसपासकेइलाकोंकाभीयहीहैहाल

सिर्फदिल्लीहीनहीं,बल्किआसपासकेइलाकोंकाभीकुछऐसाहीहालहै.यूपीकेगाजियाबादमेंबीतेदिनएकप्राइवेटअस्पतालमेंऑक्सीजनकीकमीआगईथी.जबएकघंटेकीऑक्सीजनबचीतोअस्पतालनेमेरठकमिश्नरकोखतलिखमददमांगी.गाजियाबादकेअलावानोएडा,मेरठमेंभीऑक्सीजनकीकिल्लतहै,यहांआमलोगकईबारदिल्लीजाकरसिलेंडरभरवानेकीकोशिशकरतेदिखरहेहैं.