शारीरिक शिक्षा

नईदिल्‍ली,जेएनएन।बड़ीआबादीकोलेकरशुरुआतसेहीदेशमेंदोरायरहीहै।पुरानीसोचकेअनुसारलोगमानतेथे,किप्रकृतिहीजबइन्सानकोधरतीपरभेजतीहैतोउसकेमुंहएकलेकिनहाथदोहोतेहैं।यानीखाएगावहएकमुंहसेलेकिनकमाएगादोनोंहाथोंसे।कालांतरमेंयहधारणाकुंदहोनेलगीऔरसीमितपरिवारसुखीपरिवारकोआर्थिकबेहतरीकीदृष्टिसेउत्तममानाजानेलगा।आइएजानतेहैंकिइसदिशामेंदेशमेंअबतकक्याक्याहुआ।

देशकीपहलीलोकसभाकेगठनसेपहलेही1951मेंपरिवारनियोजनकार्यक्रमकीशुरुआतहोगईथी।आज17बारलोकसभाकेचुनावहोचुकेहैंऔरलेकिनपरिवारनियोजनपरचर्चाअबभीजारीहै।महात्मागांधीसरकारकीओरसेजनसंख्यानियंत्रणकीपहलकेखिलाफथे।गर्भनिरोधकउपायोंकोभीउनकासमर्थननहींथा।उनकाजोरसंयमपरथा।उससमयकीनीतिभीलोगोंकोयहसमझानेपरकेंद्रितथीकिपरिवारछोटाहोनाचाहिए।हालांकिआधुनिकस्वास्थ्यसुविधाओंकीकमीकेकारणपरिवारनियोजनकेंद्रहीअसलमेंपरिवारविस्तारकेकेंद्रबनगए।

नीतिगतमोर्चेपरअसमंजस

इससंबंधमेंकानूननबननेकेपीछेभीकहानीहै।1994मेंभारतने‘इंटरनेशनलकांफ्रेंसऑनपॉपुलेशनएंडडेवलपमेंटडिक्लेरेशन’परहस्ताक्षरकरकेविश्वसमुदायकेसमक्षप्रतिबद्धताजताईहैकिवहबच्चेपैदाकरनेकेमामलेमेंकिसीदंपतीकेअधिकारोंकासम्मानकरेगा।उन्हेंहीयहअधिकारभीहोगाकिवेअपनेबच्चोंकेबीचकितनाअंतररखतेहैं।

साधनोंतकपहुंचजरूरी

एनएफएचएस-4केआंकड़ेदिखातेहैंकि15से49सालकीकरीब13फीसद(करीबतीनकरोड़)महिलाएंदेरसेबच्चाचाहतीथींयागर्भवतीनहींहोनाचाहतीथीं,लेकिनउन्होंनेइसकेलिएगर्भनिरोधकदवानहींली।संभवत:इसकीवजहयहरहीकिगर्भनिरोधकोंतकउनकीपहुंचनहींथीयाउनकेपाससहीविकल्पनहींथा।

आपातकालनेबदलीतस्वीर

जनसंख्यानियंत्रणकेलिएदोबच्चोंकीनीतिने1975मेंआपातकालकेदौरानजोरपकड़ाथा।यहवहीसमयथा,जबचीनदोबच्चेसेएकबच्चेकीनीतिपरआगयाथा।आपातकालकेदौरानअधिकारियोंनेलोगोंकीजबरननसबंदीकराई।हालांकिसमाजकेरूपमेंइसकाविपरीतअसरपड़ा।आपातकालहटनेकेबाददेशमेंजनसंख्यामेंतेजउछालदेखनेकोमिलाथा।

आबादीसीमितकरनेकेअबतककदम

2002मेंसंविधानकीकार्यप्रणालीकीसमीक्षाकरनेवालीसरकारकीसमितिनेएकनिर्देशात्मकअनुच्छेद47एजोड़नेकीसिफारिशकीथी।इसमेंकहागयाथा,‘जनसंख्यानियंत्रण:राज्योंकोशिक्षाएवंछोटेपरिवारसेजुड़ेनियमोंकोलागूकरतेहुएसुरक्षिततरीकेसेजनसंख्यानियंत्रणकाप्रयासकरनाचाहिए।’हालांकियहअनुच्छेदजोड़ानहींगया।

2016मेंकेंद्रीयमंत्रीप्रह्लादसिंहपटेलनेलोकसभामेंजनसंख्यानियंत्रणविधेयकपेशकियाथा।इसमेंउनपरिवारोंकोसभीकल्याणकारीयोजनाओंसेवंचितकरनेकाप्रस्तावथा,जहांविधेयकपासहोनेकेबादतीसरेबच्चेकाजन्महो।इसमेंतीसरीसंतानकेलिएआधिकारिकअनुमतिलेनेकीबातभीथी।इसविधेयकपरवोटिंगनहींहुई।

2019जून-भाजपाकेलोकसभासदस्यअजयभट्टनेजनसंख्यानियंत्रणविधेयक,2019पेशकिया।इसमेंएकवदोबच्चेवालेपरिवारोंकोअतिरिक्तलाभदेनेऔरतीनसंतानवालेपरिवारोंकोलाभसेवंचितकरनेवजुर्मानालगानेकाप्रस्तावथा।यहप्रस्तावभीथाकितीसरीसंतानकेलिएपरिवारनिर्धारितसमितिसेअनुमतिलें।

2019जुलाई-भाजपाकेराज्यसभासदस्यराकेशसिन्हानेभीजनसंख्यानियंत्रणविधेयकपेशकियाथा।इसमेंदोबच्चेवालेऐसेपरिवारोंकोअतिरिक्तलाभदेनेकाप्रस्तावथा,जहांपतियापत्नीमेंसेकिसीएकनेनसबंदीयाऑपरेशनकरालियाहै।इनफायदोंमेंसरकारीनौकरीमेंअतिरिक्तवेतनवृद्धि,टैक्समेंछूट,यात्रसब्सिडी,स्वास्थ्यबीमाकेलाभऔरउच्चशिक्षणसंस्थानोंमेंप्राथमिकताजैसेप्रस्तावथे।विधेयकपासहोनेकेबादतीसराबच्चाकरनेवालेपरिवारोंकोकईलाभसेवंचितकरनेकाभीप्रस्तावथा।

खूबियोंऔरखामियोंपरदलीलेंअपनी-अपनी

प्रजननदरमेंस्वाभाविकगिरावट

हालमेंदेशके22राज्योंकोलेकरप्रजननदरसेसंबंधितजारीआंकड़ेभीऐसेकानूनकीजरूरतकोखारिजकरतेहैं।इन22मेंसे19राज्योंमेंमहिलाएंऔसतनदोसेकमबच्चोंकोजन्मदेरहीहैं।नेशनलफैमिलीहेल्थसर्वे4(एनएफएचएस4)केआंकड़ोंकेमुताबिक,1992-93में15से49सालकीउम्रकीमहिलाओंकीप्रजननदर3.4थी,जो2015-16में2.2परआगई।स्वास्थ्यमंत्रलयकीरिपोर्टकहतीहैकि2025तकयहदर1.93परऔर2030तक1.8परआजाएगी।यानीबिनाकिसीसख्तकदमकेहीस्वाभाविकरूपसेएकपरिवारमेंऔसतनदोबच्चोंसेकमहोंगे।इसमेंयहभीध्यानदेनेकीबातहैकिराज्योंमेंप्रजननदरमेंबड़ाअंतरहै।उदाहरणकेतौरपर,एनएफएचएस-5केआंकड़ोंकेमुताबिक,2019-20मेंबिहारमें15से49आयुवर्गकीमहिलाओंमेंप्रजननदरतीनथी,जबकिसिक्किममेंमात्र1.1थी।

सख्तीकेनकारात्मकअसर

1991कीजनगणनाकेबादकईराज्योंनेदोसेज्यादाबच्चेवालोंकोपंचायतोंमेंकोईपदलेनेसेरोकदिया।इसकानतीजायहहुआकितीसरीबारगर्भवतीहोजानेपरकईलोगोंनेपत्नियोंसेतलाकलेलिया।लिंगजांचऔरभ्रूणहत्याकेमामलेबढ़गएऔरलोगबेटेकोप्राथमिकतादेनेलगे।

शिक्षाऔरजागरूकता

महिलाओंकीशिक्षा,परिवारनियोजनकेप्रतिजागरूकताऔरगर्भनिरोधकोंकीआसानउपलब्धताकिसीसख्तकदमकीतुलनामेंज्यादाप्रभावीहोसकतीहै।अभीनेशनलहेल्थमिशनकेबजटकाकरीबचारप्रतिशतहिस्सापरिवारनियोजनकेकार्यक्रमोंपरखर्चहोताहै।इसमेंसेभीबड़ाहिस्सानसबंदीकरवानेवालेपरिवारोंऔरइसेअंजामदेनेवालेसíवसप्रोवाइडर्सकोप्रोत्साहनकेतौरपरदियाजाताहै।

By Cooper