शारीरिक शिक्षा

यहतस्वीरलॉकडाउनमेंगरीबोंकीदयनीयहालतकीगवाहीदेतीहैं।जबइसपरिवारकोकोईदूसरातरीकानहींसूझा,तोबैलगाड़ीमेंखुदजुतकरघरकोनिकलपड़ा।मजबूरीमेंइन्हेंअपनाएकबैलसस्तेदामोंपरबेचनापड़ाथा।भावुककरनेवालायहमंजरइंदौरबायपासरोडपरदिखनेकोमिला।तेजगर्मीकेबावजूदएकयुवकबैलगाड़ीकोखींचतेदिखाईदिया।यहशख्सहैमजदूरीकरनेवालाराहुल।यहऔरउसकेभाई-भाभीमहूकेरहनेवालेहैं।कुछसमयपहलेमजदूरीकरनेइंदौरआगएथे।सभीहम्मालीकरतेथे,लेकिनलॉकडाउनमेंकाम-धंधासबबंदहोगया।जबखानेकेलालेपड़े,तोअपना15हजारकीकीमतकाबैलसिर्फ5000रुपएमेंबेचनापड़ा।

राहुलनेबतायाकिउसकीभाभीनेभीकुछदूरतकबैलगाड़ीखींची।भाईभीबीच-बीचमेंमददकोगाड़ीखींचताहै।

बैलगाड़ीपरबैठेपरिजनोंकेचेहरेपरमायूसीसाफमहसूसकीजासकतीथी।वेबारी-बारीसेबैलगाड़ीखींचरहेथे।

देवघर,झारखंड.यहहैंमैकेनिकगणेशमंडल।मूलत:पश्चिमबंगालकेरहनेवालेगणेशदिल्लीमेंकामकरतेथे।काम-धंधाबंदहुआ,तोभूखोंमरनेकीनौबतआगई।लिहाजा,उन्होंने5000रुपएमेंपुरानारिक्शाखरीदाऔरअपनेघरकोनिकलपड़े।रिक्शेपरउनकीपत्नीऔरसाढ़ेतीनसालकीबच्चीबैठीथी।करीब1350किमीरिक्शाखींचकरवेदेवघरपहुंचे,तोयहांकम्यूनिटीकिचनमेंसबनेखानाखाया।इसकेबादआगेनिकलगए।रास्तेमेंएकजगहरिक्शापंचरहोगया।पंचरसुधारनेवालेनेउनसे140रुपएवसूललिए।इतनीपरेशानीकेबावजूदगणेशकेचेहरेपरसंतोषथाकिअबवेघरकेनजदीकहैं।उन्होंनेकहाकिअबवेदिल्लीनहींलौटेंगे।

डूंगरपुर,राजस्थान. घरजानेकेलिएनतोपैसाथाऔरनहीसाधन।लिहाजा,यहफैमिलीपैदलहीअपनेघरकोनिकलपड़ी।महिलाकोमालूमथाकिवो9महीनेकीगर्भवतीहै,लेकिनवोबेबसथी।उसकेसाथ2सालकीलड़कीऔर1सालकालड़काभीथा। डूंगपुरमेंयानी200किमीकासफरकरनेकेबादएकचौकीपरपुलिसवालोंकोइनपरदयाआई।यहांउन्हेंखानाखिलायागयाऔरफिरएम्बुलेंसकीव्यवस्थाकरकेउन्हेंघरपहुंचागया।यहदम्पती6दिनपहलेअहमदाबादसेमप्रकेरतलामजिलेकेसैलानाकेगांवकूपडागांवकेलिएनिकलेथे।डूंगरपुरकेटामटियापहुंचनेपरइन्हेंचौकीसेमददमिली।

यहतस्वीरलखनऊकीहै।अपनेबीमारपतिकोसाइकिलपरहॉस्पिटललेजातीबेबसपत्नी।

यहतस्वीरलखनऊकीहै।अपनेबीमारपतिकोलेकरघरजातीमहिला।

यहतस्वीररांचीकीहै।एकबीमारमहिलापैदलहीजारहीथी।उसेदेखकरपुलिसवालोंनेरिक्शेकाइंतजामकराया।

By Daniels