शारीरिक शिक्षा

अभिजीत।जनसंख्यानियंत्रणकेसंदर्भमेंप्रभावीकानूनबनाएजानेकेलिएपिछलेकुछसमयसेदेशभरमेंचर्चातेजहोचुकीहै।उत्तरप्रदेशनेइसदिशामेंकदमआगेबढ़ादियाहै।हालांकियहमसलाअबसामाजिकसमस्यासेअधिकएकराजनीतिकसमस्याकेरूपमेंउभरचुकाहै,लेकिनहमारेसीमितसंसाधनोंपरपड़नेवालेइसकेव्यावहारिकपक्षकोदेखाजानाज्यादाजरूरीहै।

दरअसल18वींसदीमेंहीप्रख्यातअर्थशास्त्रीमाल्थसनेजनसंख्यावृद्धिकोसंसाधनोंऔरउनकीउपलब्धतासेजोड़करदेखतेहुएइसेइंसानकेलिएसर्वाधिकजरूरीखाद्यआपूíतकेसंदर्भमेंजनसंख्यावृद्धिकापहलासिद्धांतप्रतिपादितकिया।माल्थसकामाननाथाकिअगरहमारीजनसंख्याखाद्यआपूíतकीउपलब्धताकेअनुपातमेंतेजीसेबढ़तीहैऔरयदिइसपरनियंत्रणनहींकियागयातोउपलब्धखाद्यआपूíतवजनसंख्याकेबीचअसंतुलनपैदाहोगाजिससेखाद्यान्नसंकटकीस्थितिउत्पन्नहोसकतीहै।

माल्थसकासिद्धांतकईदशकोंतकप्रभावशालीरहा,लेकिनबादमेंजबखाद्यउत्पादनकोइंसाननेकईगुनाबढ़ालियाऔरपश्चिममेंहुईऔद्योगिकक्रांतिनेअन्यसंसाधनोंकीउपलब्धताकोभीकईगुनाबढ़ादिया,तबमाल्थसकीबातथोड़ीकमजोरदिखनेलगी।एकअन्यअर्थशास्त्रीरिकाडरेनेजनसंख्याऔरश्रमकोलेकरअपनासिद्धांतदिया।उनकेअनुसारजनसंख्यामेंतेजवृद्धिवेतनकास्तरकमकरदेगीऔरइससेलाभवपूंजीदोनोंकेहीसंचयपरअंकुशलगजाएगा,जिसकाप्रभावआíथकविकासपरपड़ेगा।

द्वितीयविश्वयुद्धकेबादजनसंख्यानियंत्रणकोलेकरचर्चाएंदोबड़ेकारणोंसेआगेबढ़ी।पहला,दुनियाकोमाल्थसदोबारायादआएजबतीसरीदुनियाकेनएस्वतंत्रहुएगरीबऔरविकासशीलदेशोंमेंजनसंख्यावृद्धिदरतेजीसेबढ़ीऔरहालातऐसेहोगएकियेदेशअपनीखाद्यान्नजरूरतोंकेलिएविकसितदेशोंपरनिर्भरहोनेलगे।शीतयुद्धकेउसदौरमेंखाद्यान्नएककूटनीतिकऔरप्रभावबढ़ानेकासाधनबनगया।दोनोंहीपक्षोंनेअपनेप्रभावबढ़ानेकेलिएनएस्वतंत्रदेशोंकोखाद्यान्नआपूíतकरनाशुरूकिया।अर्थशास्त्रियोंनेइनपरिस्थितियोंकोमाल्थसकेसिद्धांतसेजोड़करदेखाऔरयहबातसामनेआईकिअधिकजनसंख्याखाद्यान्नोंकीकमीकाकारणबनेगी।इनबातोंकाप्रभावयहहुआकिअंतरराष्ट्रीयस्तरपरजनसंख्यानियंत्रितकरनेकेलिएनीतियांभीबननीशुरूहोगईं।दूसरा,पूर्वीएशियाकेदेशोंनेइसीदौरमेंयहउदाहरणप्रस्तुतकियाकिकैसेप्रजननदरकोकमकरकेबचतऔरनिवेशकोबढ़ावादियाजासकताहै।इससेयहभीस्पष्टहोगयाकिछोटापरिवारअपनेबच्चोंकोबेहतरविकासकेअवसरप्रदानकरनेमेंअधिकसक्षमहोसकताहै।

हालांकिबादकेसमयमेंकुछअर्थशास्त्रियोंनेपूर्वीएशियाकेविकासकोप्रजनननियंत्रणसेनहीं,बल्किजनसांख्यिकीयलाभांशसेजोड़तेहुएउससमयकीयुवाआबादीकोआíथकविकासकाकारणमाना।जनसांख्यिकीयलाभांशउसआíथकविकासकोकहतेहैंजोकिसीभीदेशमेंकामकरनेवालेआयुवर्गकेलोगोंऔरउनपरआश्रितलोगोंकाअनुपातअधिकहोनेपरमिलताहै।उससमयभारतमेंभीस्थितिऔरसोचविश्वकेअन्यहिस्सोंकेजैसीहीथी।भारतमेंभीखाद्यान्नसंकटथाऔरहमभीअपनेभोजनकेलिएविदेशीमददपरनिर्भरथे।पिछलीसदीकेसातवेंऔरआठवेंदशकमेंभारतमेंभीजनसंख्याकोनियंत्रितकरनेकेप्रयासकिएगए,लेकिनदुर्भाग्यसेयहमसलाराजनीतिकवधाíमकबनगया।वहींलगभगइसीदौरमेंखेतीकेक्षेत्रमेंहुईहरितक्रांतिनेदेशमेंखाद्यसुरक्षाऔरखेतीसेहोनेवालेलाभकोबढ़ादिया।खाद्यसुरक्षानेआबादीकोलेकरउपजीचिंताकोदूरकरदियाऔरयहमसलाचर्चासेबाहरहोगया।

यहसहीहैकिदेशमेंअनाजकीउपलब्धतापर्याप्तमात्रमेंहोनेलगीथी।किसानोंकोतात्कालिकतौरपरकुछलाभभीहोरहाथा,मगरवहींदूसरीओरबढ़तेपरिवारोंकेकारणप्रतिपरिवारखेतोंकेक्षेत्रफलमेंलगातारकमीआतीगई।बढ़ीहुईउत्पादकताकेबावजूदजोतकाआकारकमहोतेजानेसेअधिकांशपरिवारोंकेलिएखेतीसेअपनीमूलभूतआवश्यकताओंकीपूíतभीनहींहोपारहीथी।रोजगारकीतलाशमेंबड़ीसंख्यामेंलोगशहरोंकीओरपलायनकरगए।

यहीसबकारणहैकिआजशहरोंऔरमहानगरोंमेंगांवोंसेबड़ीसंख्यामेंलोगआकरबसचुकेहैं।ऐसेमेंएकबड़ीआबादीकेलिएशिक्षा,स्वास्थ्यऔररोजगारकेअवसरजुटापानामुश्किलहोताजारहाहै।भविष्यकीबातकरेंतोस्थितिऔरभीचिंताजनकदिखाईदेतीहै,क्योंकिजहांएकओरआगामी30वर्षोमेंअगरकिसीएकदेशमेंसबसेज्यादाजनसंख्यावृद्धिहोगीतोवहदेशभारतहोगा।दूसरीतरफपूरेविश्वमेंमशीनीकरणतेजीसेहोरहाहैजिससेरोजगारकेअवसरोंमेंव्यापकबदलावदेखनेकोमिलेंगे।आर्टििफशियलइंटेलिजेंसऔररोबोटिक्सकेतेजीसेहोरहेविकासकेकारणघटतेरोजगारकेअवसरऔरविनिर्माणकाविकसितदेशोंकीऔरलौटनाभविष्यमेंरोजगारसंकटउत्पन्नकरसकताहै।यूरोपऔरअन्यविकसितदेशोंमेंघटरहीजनसंख्यासमेतकोरोनामहामारीकेकारणहुएअनेकबदलावइससंकटकोऔरगहराकरसकतेहैं।

जनसंख्यानियंत्रणकीजरूरतकोभारतकेबहुसंख्यकलोगोंनेगंभीरतासेसमझाहै।सराहनीययहहैकिअबइसकोलेकरएकराजनीतिकइच्छाशक्तिऔरदूरदर्शीकदमउठानेकोलेकरप्रतिबद्धताभीदिखरहीहैतथासमाजभीइसकेलिएतैयारहै।जरूरतहैकिहमजनसंख्याकोराजनीतिकचश्मेसेनदेखतेहुएभूलोंकोसुधारनेमेंलगेंतोयहदेशकेएकबेहतरभविष्यकेलिएमहत्वपूर्णकदमहोगा।

[शोधार्थी,जवाहरलालनेहरूविश्वविद्यालय]

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