शारीरिक शिक्षा

आगरा,जागरणटीम।मथुरा शहरकीसड़कोंसेलेकरगांवोंतकबेसहारागोवंशघूमरहाहै।उसकीपहचानकोटैगलगाएजानेथे,लेकिनपशुपालनविभागइनकेटैगनहींलगापारहाहै।पशुपालकभीअपनेपशुओंकेटैगलगवानेमेंकमरुचिदिखारहेहैं।पशुपालनविभागनेस्पष्टकरदियाहै,टैगनहींलगवानेपशुपालकोंकोविभागीययोजनाओंकालाभनहींदियाजाएगा।

पशुऔरउसकेमालिककीपहचानकेलिएटैगलगाएजारहेहैं।पशुपालकोंकेघर-घरजाकरपशुपालनविभागकीटीमटैगलगानेकाकार्यकियाजारहाहै।मगर,शहरकीसड़कोंसेलेकरगांवकीगलियोंतकघूमरहेबेसहारागोवंशकेटैगनहींलगपारहेहैं।यहतभीसंभवहोपाएगा,जबगोवंशकोपकड़करगोशालाभेजाजाए।गोशालापहुंचनेपरगोवंशकेटैगलगजाएगा।इससेउसकीपहचानसंबंधितगोशालासेहोजाएगी।जोगोशालातकपहुंचनहींपारहाहै।इसलिएगोवंशकोबेसहाराछोड़नेवालोंकीपहचाननहींहोपारहीहै।मुख्यपशुचिकित्साधिकारीहरेंद्रकुमारनेबताया,जोबेसहारागोवंशगोशालापहुंचरहाहै,उसकेतत्कालटैगलगाएजारहेहैं,लेकिनजोजंगलमेंघूमरहाहै।उसकोपकड़करटैगलगानेमेंकईदिक्कतेंआरहीहैं।पशुपालकभीपशुओंकेटैगलगानेवालेरुचिनहींलेरहेहैं।उनकोसमझानेकाकार्यभीकियाजारहाहै,लेकिनवहइसकेबादभीतैयारनहींहोरहेहैं।उन्होंनेबताया,सभीगोशालामेंटैगलगानेकाकार्यपूराहोगयाहै।उन्होंनेकहा,जोपशुपालकटैगनहींलगवाएंगे,उनकोसरकारीयोजनाओंकाभीलाभनहींमिलपाएगा।

सड़कोंपरघूमरहासाठहजार

जिलेमें38अस्थाईगोशालाखोलीगईं।33गोशालासंचालितहैं।इनमें11055गोवंशहैं।61,255गोवंशपंजीकृतगोशालाओंमेंपलरहाहै।20वींजनगणनाकेअनुसार,जिलेमें2,14,236गोवंशहै।72,310गोवंशगोशालाओंमेंहै।70-80हजारगोवंशपशुपालकपालरहेहैं।करीब60हजारगोवंशबेसहाराहै।जिसकेअभीटैगनहींलगसकाहै।