शारीरिक शिक्षा

बक्सर:पौराणिक,ऐतिहासिकवसांस्कृतिकस्थलबक्सरसेसंबद्धनगरकेपांडेयपट्टीनिवासीराष्ट्रसंतसाकेतवासीपरमपूज्यश्रीनारायणदासभक्तमालीउपाख्यनेहनिधिमामाजीधर्मकेउन्नायकथे।वेदेशकेएकऐसेआध्यात्मिकसंतथे,जोअपनीआध्यात्मिकउपलब्धियोंकेलिएराष्ट्रीयस्तरकीसीमाकोपारकरअंतर्राष्ट्रीयअस्तित्वप्राप्तकरचुकेथे।

बक्सर,पटना,अयोध्या,मथुरा,वृंदावनधाम,ग्वालियरआदिस्थितविभिन्नआध्यात्मिकआश्रमोंकेसंस्थापकऔरसंचालकनेहनिधिमामाजीविभिन्नधार्मिकमंचोंकेप्रणेता,निर्माता,निर्देशकवअभिनेताकेसाथ-साथभजनोंवकीर्तनोंकेलोकगायककेरूपमेंभीअतिलोकप्रियथे।संतभीमानतेहैंकिउनमेंधर्मकेप्रतिलौकिकएवंसामाजिककर्तव्यमेंनिष्ठापूरीतरहसेविद्यमानथी।इनकीकृतरचनाओंमेंसाहित्य-भक्ति-भावकीत्रिवेणीधारासमाहितहै।दशकपूर्वब्रह्मलीनहोनेकेबादभीउनकीधरापरआध्यात्मिकताऔरधार्मिकसहिष्णुताआजभीकायमहैऔररहेगी।

साहित्यिकप्रतिभाकेधनी

अपनेजीवनकालमेंउन्होंनेजयविजय,श्रीगौरीशंकरविवाह,भक्तनरसिंहमेहता,श्रीचंद्रहास,गोस्वामीतुलसीदासआदिसमेतदर्जनोंनाटकोंकेसाथ-साथभक्तभगवंतगुणकीर्तनकी11पुस्तकोंकेअलावागौरांगचरित,शंभूचरित,शिवविवाहआदिपदावलीकेअतिरिक्तसीताजीलाडलीकेपक्षसेसीतासहचरीसहितअनेकोंपठनीयउत्कृष्टपुस्तकोंकेसृजनकिए।

जिह्वापरतैरतीथीमानसकीचौपाई

वेप्रतिपलश्रीरामचरितमानसकीचौपाइयोंकोउद्घोषितकरतेरहतेथे।हरबातपरएकचौपाईसहजढंगसेउनकीजिह्वापरऐसेतैरतीहुईआजातीथीजैसेकिउनकेमानसपटलपरकंप्यूटरकीतरहसंचालितहो।वेश्रीमद्भागवतपुराणकेभीअच्छेज्ञाताथे।बल्कि,विभिन्नपुराणोंकेजानकारविद्वतजनयदाकदाउनके(नयाबाजारस्थितश्रीसीतारामविवाहमहोत्सव)आश्रममेंआकरअपनीशंकाओंकासमाधानभीकियाकरतेथे।

धर्ममेंमाता-सीताकोमानाबहन

महाराजजीकेकृपापात्रपरमशिष्यडा.रामनाथओझाबतातेहैकिधर्ममेंश्रीकिशोरीजीकेसाथउनकानाताभाई-बहनकाथा।बल्कि,लीलामंचकेमाध्यमसेइसकीबखानयाअभिनयकेसाथप्रस्तुतिकरणभीप्रकटकरतेथे।यहीवजहरहीकिविश्वप्रसिद्धरामकथाकेप्रवक्तामुरारीबापूसमेतअनेकआध्यात्मिकक्षेत्रकेमनीषियोंनेउन्हेंमामाजीकहकरसंबोधितकरनाशुरूकरदिएऔरवेभीसभीकोअपनास्नेह,सगेमामाकीतरहहीबांटतेथे।

प्रबुद्धोंनेकहा,महर्षियोंकीश्रृंखलाकेअंतिमविश्वामित्र

प्रबुद्धसाहित्यकारसहवरीयअधिवक्तारामेश्वरप्रसादवर्माकामाननाहैकीप्रात:स्मरणीयपरमपूज्यसाकेतवासीश्रीनारायणदासभक्तमालीउपाख्यमामाजीमहर्षियोंकीपारंपरिकश्रृंखलामेंइसविश्वामित्रतपोवनकेअंतिमविश्वामित्रथे,जोआध्यात्मिकपरिवेशकेतहतमानवीयसंवेदनाओंकेप्रतिसततसजगप्रतिबद्धथे।