शारीरिक शिक्षा

दिल्लीमेंकोरोनाकेसंक्रमणसेहालातबिगड़तेजारहेहैं.हरघंटे14मरीजदमतोड़रहेहैं.ज्यादामौतकाकारणऑक्सीजनकीकमीकोभीमानाजारहाहै.ऐसेमेंसबसेबड़ीदिक्कतयहीहैकिसबतकऑक्सीजनकैसेपहुंचाईजाए.दिल्लीसरकारहोयाकेंद्रसरकार,दोनोंहीइससंकटकाहलनिकालनेमेंनाकामरहीहैं.ऐसेमेंआजएकबड़ीउम्मीददिखीहै.डिफेंसरिसर्चएंडडेवलपमेंटऑर्गनाइजेशन(DRDO)नेदिल्लीकेदोबड़ेअस्पतालोंमेंदोप्लांटलगाएहैं.

डीआरडीओनेइनप्लांट्सकोदिल्लीकेदोबड़ेसरकारीअस्पतालोंएम्सऔरआरएमएलमेंलगायागयाहै.डीआरडीओनेइनप्लांट्सकोस्वदेशीतकनीकसेहीबनायाहै.इनप्लांटकीखासबातयेहैकिइनसेहरएकमिनटमें1हजारलीटरमेडकिलऑक्सीजनबनाईजासकतीहै.अगरऐसेप्लांटहरबड़ेअस्पतालमेंलगजाएंतोकाफीहदतकऑक्सीजनकासंकटदूरकियाजासकताहै.

ऐसेप्लांटसे24घंटेकेअंदर47लीटरके197सिलेंडरकमसेकम150बारभरेजासकतेहैं.औरहरदिनऐसेप्लांटसेकिसीभीअस्पतालमें195मरीजोंकीजरूरतकीऑक्सीजनआसानीसेमिलजाएगी.डीआरडीओकोप्लानिंगकरनेसेलेकरप्लांटकोअस्पतालमेंलगाकरऑपरेशनलकरनेतकसिर्फएकहफ्तेकासमयलगाहै.ऐसेप्लांटकोएम्सऔरआरएमएलकेमौजूदाऑक्सीजनस्टोरेजसेअटैचकरदियागया.

डीआरडीओकेवैज्ञानिकदेवेंदरशर्मानेइंडियाटुडेकोबतायाकि"ऐसेप्लांटलगानेकामकसदयहीहैकिऑक्सीजनसप्लायरपरअस्पतालोंकीनिर्भरताकमकीजाए."उन्होंनेबतायाकि"येप्लांटवातावरणसेहवालेंगेऔर24घंटेउसेऑक्सीजनमेंबदलतेरहेंगे.इससेअस्पतालोंपरबोझकमहोगाऔरज्यादासेज्यादाजिंदगियांबचाईजासकेंगी."

वहीं,डीआरडीओकेचेयरमैनडॉ.जी.सतीशरेड्डीनेबतायाकि"प्रधानमंत्रीनेहरजिलेमेंऐसेऑक्सीजनप्लांटलगानेकीबातकहीहै.हमेंभरोसाहैकिहमअगलेतीनमहीनेमेंदेशभरमेंऐसे500ऑक्सीजनप्लांट्सलगानेमेंकामयाबहोंगे."

ऐसेऑक्सीजनप्लांटकोदिल्लीमेंएम्सकेट्रॉमासेंटरऔरआरएमएलकेअलावाइसीहफ्तेसफदरजंगअस्पताल,लेडीहार्डिंगअस्पतालऔरहरियाणाकेझज्जरकेएम्समेंभीलगायाजाएगा.

एकखासबातयेभीहैकिडीआरडीओनेइनऑक्सीजनप्लांटकोबनानेकेलिएजिसतकनीककाइस्तेमालकियाहै,वहीतकनीकलड़ाकूविमानतेजसमेंभीऑक्सीजनसप्लाईकेलिएइस्तेमालकीजातीहै.यानीअबजिसतकनीकसेलड़ाकूविमानतेजसकेअंदरबैठेपायलट्सकोऑक्सीजनमिलतीहै,उसीतकनीकसेकोरोनामरीजोंकोऑक्सीजनबनाकरदियाजाएगा.