शारीरिक शिक्षा

जागरणसंवाददाता,पूर्णिया:राजकीयचिकित्सामहाविद्यालयकेलेबरवार्डमेंसंस्थागतप्रसवकीसंख्याबढ़ीहै।द्वितीयलहरमेंजहांडेढ़गुणाकमीहुईथीउसकेउलटतीसरेलहरमेंअस्पतालमेंकमीनहींदर्जकीगईहै।नार्मलऔरसिजेरियनप्रसवमेंइजाफाहुआहै।कोरोनाकेद्वितीयलहरकेबादकईमाहतकयहांपरसंस्थागतप्रसवमेंकमीदर्जकीगईथी।पिछलेतीनमाहसिजेरियनप्रसवऔरनार्मलप्रसवमेंबढ़ोत्तरीहुईहै।पिछलेवर्षकेनवंबरमाहमेंनार्मलप्रसवकीसंख्या632थी।दिसंबरमाहमें585नार्मलप्रसवकियागयाहै।इसवर्षजनवरीमाहमें614नार्मलप्रसवहुआहै।उक्ततीनमाहमेंसर्जरीकीसंख्याक्रमश:82,85और79है।इसकुलप्रसवक्रमश:714,670और693है।संस्थागतऔरसुरक्षितप्रसवकेलिएअस्पतालकेप्रसवगृहमेंसुविधाएंउपलब्धहैं।गर्भवतीमहिलाएंऔरनवजातशिशुओंसुविधाएंमिलतीहैंऐसाअस्पतालप्रबंधककाकहनाहै।अस्पतालप्रबंधकनेबतायाकिसुविधामिलनेकाहीपरिणामहैएकबारफिरप्रसवकीसंख्यामेंबढ़ोत्तरीहुईहै।नवजातकेलिएसुविधाउपलब्धहै।नवजातकापहलाघंटाकाफीअहमहोताहै।इसदौरानसांसलेनेमेंभीतकलीफहोसकतीहै।वैसेसमयमेंनवजातशिशुओंकोआक्सीजनकीआवश्यकताहोसकतीहै।चिकित्सकीयभाषामेंबर्थएस्फीक्सियाकहाजाताहै।बड़ीसंख्यामेंबच्चेकीमौतइसकेकारणहोजातीहै।अस्पतालमेंकेंद्रीकृतएसएनसीयूमौजूदहै।जन्मकेबादबच्चेमेंसांसयाकिसतरहकीसमस्याहोनेपरएसएनसीयूवार्डमेंभर्तीकियाजाताहै।शिशुरोगविभागकेएचओडीडा.प्रेमप्रकाशनेबतायाकिनवजातशिशुओंकोजन्मकेबादहल्कीपरेशानीहोसकतीहै।सामान्यत:आक्सीजनयावार्मरमेंरखनेसेबच्चेकोतत्कालराहतमिलतीहै।एसएनसीयूवार्डमेंकेंद्रीकृतआक्सीजनकीसुविधाऔर18बेडउपलब्धहैं।यहांकंगारूकेयरयूनिटभीहैं।जहांबच्चेकोमांकादूधपिलानेकेलिएसुविधाप्रदानकीजातीहै।नवजातकेकेयरकेबारेमेंएएनएममाताकोपरामर्शदेतीहैं।परिसरकोडिब्बामुक्तबनायागयाहै।डिब्बाकादूधयाफार्मूलादूधकोहतोत्साहितकियाजाताहै।डा.प्रेमप्रकाशनेबतायाकिनवजातकोमांदूधअवश्यपिलानीचाहिए।छहमाहतककेवलमांकाहीदूधपिलानाचाहिए।