शारीरिक शिक्षा

(ललितकेझा)वाशिंगटन,27दिसंबर(भाषा)कांग्रेशनलरिसर्चसर्विस(सीआरएस)कीएकरिपोर्टमेंकहागयाहैकिभारतकीनरेंद्रमोदीसरकारद्वारासंशोधितनागरिकताकानून(सीएए)कोराष्ट्रीयनागरिकपंजी(एनआरसी)केसाथलानेसेभारतमेंमुस्लिमअल्पसंख्यकोंकादर्जाप्रभावितहोसकताहै।।यहरिपोर्ट18दिसंबरकोआई।इसमेंकहागयाकिस्वतंत्रभारतकेइतिहासमेंपहलीबारदेशकीनागरिकतासंबंधीप्रक्रियामेंधार्मिकपैमानेकोजोड़ागयाहै।सीआरएसअमेरिकीकांग्रेसकीएकस्वतंत्रशोधइकाईहैजोघरेलूऔरवैश्विकमहत्वकेमुद्दोंपरसमय-समयपररिपोर्टतैयारकरतीहैताकिसांसदउनसेजुड़ेफैसलेलेसकें।लेकिनइन्हेंअमेरिकीकांग्रेसकीआधिकारिकरिपोर्टनहींमानाजाताहै।संशोधितनागरिकताकानूनपरसीएसआरकीयहपहलीरिपोर्टहै।इसमेंकहागया,‘‘संघीयसरकारकीएनआरसीकीयोजनाकोसीएएकेसाथलानेसेभारतकेलगभग20करोड़मुस्लिमअल्पसंख्यकोंकादर्जाप्रभावितहोसकताहै।’’संशोधितनागरिकताकानूनकेमुताबिकपाकिस्तान,बांग्लादेशऔरअफगानिस्तानमेंधार्मिकउत्पीड़नसेबचकर31दिसंबर2014तकभारतआएगैरमुस्लिमशरणार्थियोंकोभारतकीनागरिकतादेनेकाप्रावधानहै।सीआरएसनेदोपन्नोंकीअपनीरिपोर्टमेंकहा,‘‘भारतकानागरिकताकानून1955अवैधप्रवासियोंकेनागरिकबननेकोप्रतिबंधितकरताहै।तबसेइसकानूनमेंकईसंशोधनकिएगएलेकिनउनमेंसेकिसीमेंभीधार्मिकपहलूनहींथा।’’सीआरएसकादावाहैकिसंशोधनकेमुख्यप्रावधानजैसेकितीनदेशोंकेमुस्लिमोंकोछोड़करछहधर्मोंकेप्रवासियोंकोनागरिकताकीअनुमतिदेनाभारतकेसंविधानकेकुछअनुच्छेदखासकरअनुच्छेद14और15काउल्लंघनकरसकताहै।इसमेंकहागया,‘‘कानूनकेसमर्थकोंकातर्कहैकिपाकिस्तान,बांग्लादेशयाअफगानिस्तानमेंमुस्लिमोंकोउत्पीड़नकासामनानहींकरनापड़ताऔरसीएएसंवैधानिकहैक्योंकियहभारतीयनागरिकोंनहींप्रवासियोंसेसंबंधितहै।हालांकियहसाफनहींहैकिअन्यपड़ोसीदेशोंकेप्रवासियोंकोइससेबाहरक्योंरखागयाहै।इसकेअलावापाकिस्तानकेअहमदियाऔरशियाजैसेमुस्लिमअल्पसंख्यकसमुदायोंकोसीएएकेतहतकोईसंरक्षणप्राप्तनहींहै।’’

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