शारीरिक शिक्षा

नयीदिल्ली,11दिसंबर(भाषा)प्रमुखरक्षाअध्यक्ष(सीडीएस)जनरलबिपिनरावतनेशुक्रवारकोकहाकिहिंदमहासागरमेंअभीक्षेत्रसेइतरदेशोंकेबलोंके120सेअधिकजंगीजहाजतैनातहैंतथाक्षेत्रमेंबढ़तीवैश्विकरुचिकेमद्देनजरआनेवालेसमयमेंवहांसामरिकअड्डोंकेलिएहोड़औरअधिकबढ़नेवालीहै।जनरलरावतनेवैश्विकसुरक्षावार्तामंचकोसंबोधितकरतेहुएइसबातकाजिक्रकियाकिभारतकेलिएयहजरूरीहैकिवहक्षेत्रमेंअपनीरणनीतिकस्थितिकाअधिकतमलाभउठानेकेलिएसमानविचारवालेदेशोंकेसाथमजबूतद्विपक्षीय,त्रिपक्षीयऔरबहुपक्षीयसमझौतोंपरध्यानकेंद्रितकरे।हिंदमहासागरऔरहिंद-प्रशांतक्षेत्रमेंचीनकीबढ़तीसैन्यसक्रियताकेबीचजनरलरावतकीयहटिप्पणीआईहै।इनक्षेत्रोंमेंचीनकीबढ़तीसैन्यसक्रियतानेवैश्विकचिंताएंऔरआशंकाएंबढ़ादीहैं।बड़ीवैश्विकशक्तिबननेकीभारतकीआकांक्षाकाजिक्रकरतेहुएजनरलरावतनेकहाकिदेशको‘‘मुश्किलेंपैदाकरनेवालेपड़ोसियों’’औरक्षेत्रमेंबढ़तीहोड़केबावजूदइसलक्ष्यकोहासिलकरनाहोगा।जनरलरावतनेक्षेत्रकेबाहरकेदेशोंद्वाराजंगीजहाजतैनातकिएजानेकाजिक्रकरतेहुएकहा,‘‘अभीहिंदमहासागरक्षेत्रमेंविभिन्नअभियानोंमेंमददकेलिएक्षेत्रसेइतरदेशोंकेबलोंके120सेअधिकजंगीजहाजतैनातहैं।क्षेत्रमेंअबतककुलमिलाकरशांतिबनीहुईहै।’’हिंदमहासागर,भारतीयनौसेनाकेलिएकाफीमायनेरखताहैक्योंकिइसक्षेत्रमेंभारतकेरणनीतिकहितहैंऔरचीनलगातारअपनीमौजूदगीबढ़ानेकाप्रयासकररहाहै।सीडीएसनेकहा,‘‘हिंद-प्रशांतक्षेत्रमेंभू-रणनीतिकप्रतिस्पर्धाकेसाथ-साथहमहिंदमहासागरक्षेत्रमेंभीसामरिकस्थानोंएवंअड्डोंकेलिएहोड़मचतेदेखरहेहैं,जोआनेवालेसमयमेंऔरतेजहोनेजारहीहै।’’चीननेजिबूतीमेंएकबड़ासैन्यअड्डाबनायाहैऔरपाकिस्तानमेंग्वादरबंदरगाहबनारहाहै,ताकिउसेभारतकेखिलाफसामरिकक्षेत्रमेंबढ़तहासिलहोसके।जनरलरावतनेकहाकिहालकेवर्षोंमेंचीनकीअर्थव्यवस्थाऔरसेनाकाआकारबढ़नेकेसाथ-साथक्षेत्रमेंउसकाप्रभावभीबढ़ाहै,जिसनेकाफीध्यानआकर्षितकियाहै।उन्होंनेकहाकिजापान-ऑस्ट्रेलिया-भारतजैसेसमूहोंऔरदक्षिणपूर्वएशियाईराष्ट्रोंकेसंगठन(आसियान)केसाथभारतकोअपनेसंबंधोंकोमजबूतबनानेपरजोरदेनाहोगा,ताकिवहअपनेरणनीतिकहितोंकोपूराकरसके।जनरलरावतनेकहा,‘‘क्षेत्रमेंज्यादातरदेशबेहतरसमुद्रीसंपर्ककेजरिएआर्थिकलाभांशकोप्राप्तकरनाऔरनीली(समुद्री)अर्थव्यवस्थाकादोहनकरनाचाहरहेहैं,जिसकेलिएबुनियादीढांचेकाविकासजरूरीहै।’’उन्होंनेकहाकिसामान्यरूपसेहिंद-प्रशांतक्षेत्रऔरविशेषरूपसेहिंदमहासागरक्षेत्रआवागमनएवंविश्वव्यापारकेलिएमहत्वपूर्णबनारहेगा।उन्होंनेकहा,‘‘एकउभरतीक्षेत्रीयशक्तिकेतौरपरहमजिनचुनौतियोंकासामनाकररहेहैं,उसकेलिएहमेंठोसदीर्घकालीनयोजनाकीजरूरतहैताकिहमारेरक्षाबलोंकाक्षमतानिर्माणऔरक्षमताविकासकियाजासके।’’सीडीएसनेकहा,‘‘कहींअधिकमजबूतभारतबनानेकेलिएहमेंएकशांतिपूर्णऔरस्थिरतावालेसुरक्षामाहौलकीजरूरतहोगी।हमेंक्षेत्रसेइतरकीशक्तियोंकेसाथअपनीसामरिकस्वायत्तताकायमरखने,सहयोगीसंबंधरखनेकीजरूरतहोगी...।’’उन्होंनेरक्षाबलोंमेंप्रौद्योगिकीकेमहत्वकाजिक्रकरतेहुएकहा,‘‘सैन्यक्षेत्रमें,प्रौद्योगिकीअवश्यहीप्रतिरोधकामाध्यमहोनाचाहिए,नकितबाहीमचानेकास्रोतहोनाचाहिए।’’रावतनेकहा,‘‘आजकेसमयमेंहमबढ़तीसुरक्षाचुनौतियोंकासामनाकररहेहैंऔरमेरेअनुसारशांतिएवंस्थिरताकीसर्वश्रेष्ठगारंटीसमझा-बुझाकररोकनेवालाप्रतिरोधहै।’’

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