शारीरिक शिक्षा

मधुबनी।हरतरफश्रद्धावउत्साहकामाहौल।भगवतीदुर्गादरबारकापटखुलतेहीलोगभव्यप्रतिमाकीएकझलकपानेकेलिएपूजापंडालोंकीओरचलपड़ेहैं।सड़कोंपरआवाजाहीभीसामान्यदिनोंकीअपेक्षाकाफीअधिकहै।शहरहोयागांवसभीजगहमांकेप्रतिश्रद्धावउत्साहदेखतेहीबनतीहै।पूजापंडालोंमेंमानोजनसैलाबउमड़पड़ाहै।कोईभगवतीगीतगाकरतोकोईदुर्गासप्तशतीकापाठकरमाताकीकृपापानेकेलिएजुटेहुएहैं।शनिवारकीसुबहपूजापंडालोंमेंन्योतेगएबेलकोतोड़करमांकोनेत्रज्योतिप्रदानकीगई।मांकेदरबारकापटखुलतेहीसभीभक्तमांकासबसेपहलेदीदारकरलेनाचाहतेहैं।दर्शनकरनेकेलिएमहिलाओंकीभीड़सर्वाधिकहै।आखिरक्योंनहोमातादुर्गानारीशक्तिकाप्रतीकजोहैं।महिलाओंकेहाथोंमेंप्रसादकीथालीवफूलहैजोमाताकोचढ़ानेकेलिएलाएहैं।जबहमशनिवारकीसुबह8बजेपूजापंडालोंमेंसप्तमीकीपूजाकेसाथपटखुलनेकेसमयहोनेवालीगतिविधिकोजाननेनिकलेतोहरजगहमाहौलदेवीमयलगा।भ्रमणकीशुरुआतहमनेरहिकाप्रखंडकेदुर्गामंदिरसेकी।सुबहपहुंचेतोदेखाकिमाताकीडोलीसेशुक्रवारकीशामन्योतेगएबेलकोतोड़करपालकीमेंरखकरअभी-अभीलोगलाकररखेहीथे।पंडितजीइसकेबादकेअनुष्ठानकरारहेहैं।पूजासमितिकेअध्यक्षवसचिववहांपहुंचचुकेहैं।सैकड़ोंकीसंख्यामेंमहिलाएंदेवीगीतगारहीहैं।यहांमांकालरात्रिकीपूजामेंअभीकाफीविलंबदेखवहांसेचलकर9.25बजेसतलखादुर्गास्थानपहुंचे।जहांपंडितमहीकांतपाठकनेत्रज्योतिकेबादमांकालरात्रिकीपूजाकरारहेहैं।यहांपूजाकेलिएमांकापटखोलदियागयाहै।यहांकीदुर्गाप्रतिमासौम्यमुखवालीहै।वहांसेहमप्रणामकरमधुबनीनगरकेसप्तास्थितदुर्गास्थान9बजेपहुंचे।यहांभीबेलपूजाकेबादमाताकोनेत्रज्योतिप्रदानकीजारहीहै।पहुंचनेकेकुछमिनटोंकेबादपटखोलदियागया।वहांउपस्थितसमूहमाताकेजयकारेलगानेलगे।मांकेदर्शनकोआपाधापीमचगई।ध्वनिविस्तारकयंत्रसेलगातारभक्तोंसेधैर्यरखकरदर्शनकरनेकाआग्रहकररहेहैंयहांकीप्रतिमाविशालवआकर्षकहै।लगताहैअबबोलपड़ेंगी।सभीकेहाथमांकीआराधनामेंजुटेदिखे।वहांसेनिकलकर10बजेगिलेशनबाजारदुर्गास्थानपहुंचे।यहांसातदशकसेपूजाहोरहीहै।यहांविशालस्थाईमंदिरमेंमांकाविशालदरबारसजादिखा।यहांनेत्रज्योतिप्रदानकाअनुष्ठानसमाप्तकरभक्तोंकेदर्शनकोपटखुलादिखा।यहांकीप्रतिमाकाफीआकर्षकहै।महिषासुरकावधकरतेहुएमाताकावाहनविशालसिंहआक्रामकमुद्रामेंदिखा।मांकेचरणोंमेंप्रणामनिवेदितकरवहांसेभौआड़ाकोतवालीचौककेदुर्गास्थान11बजेपहुंचे।यहांमाताकेदर्शनकोभारीभीड़लगीथी।यहांखोईंछाभरनेकोमहिलाओंमेंआपाधापीहोतीदिखी।यहांसेचलकरहमभौआड़ापुरानीदुर्गास्थानपहुंचे।यहांमनौतीपूराहोनेपरबच्चोंकामुंडनहोरहाहै।यहांकीभगवतीप्रतिमापारंपरिकहै।जिसमेंबंगालकापुटभीदेखा।सभीजगहमाताकेदर्शनकेबादलोगकोमिठाईचढ़ानेकोआतुरदिखे।ध्वनिविस्तारकयंत्रसेभगवतीगीतकाप्रसारणहोरहाहै।वहांअपनीश्रद्धानिवेदितकरतेहुएमनहीमनकहाहेमंगलकारिणीमांदुर्गेआपकाआगमनसमस्तमानवकेलिएमंगलकारकहोकीकामनाकेसाथप्रणामकरतेहमविदाहुए।

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