शारीरिक शिक्षा

बाघराय:शिक्षासेहीदेशकाविकासहोगा।शिक्षाकेबगैरक्षेत्रवदेशतरक्कीनहींकरसकता।शिक्षाकाप्रकाशफैलानेवालेशिक्षककोहरजगहसम्मानइसीलिएमिलताहै,क्योंकिवहनईपीढ़ीकोसंस्कारितबनातेहैं।उक्तबातेंविकासखंडबिहारकेछेंवगास्थितबालभारतीइंटरकालेजकेवार्षिकोत्सवमेंप्रबंधकडा.अयोध्याप्रसादनेकहीं।उन्होंनेकहाकिशिक्षकसमाजकेदर्पणहैं।शिक्षकोंकोअपनेदायित्वोंकेप्रतिसजगरहनाचाहिए।तभीसमाजमेशिक्षकोंकाआदरऔरबढ़ेगा।कार्यक्रममेंआदर्शशिक्षकोंकोअंगवस्त्रमआदिदेकरसम्मानितकियागया।इसदौरानछात्र-छात्राओंनेएकसेबढ़करएकरंगारंगप्रस्तुतियांदीं।राधाकृष्णकीझांकीबहुतहीआकर्षकरही।राधाकेरूपमेंछात्रामानसीवकृष्णाकेरूपमेछात्रासंध्यानेदिलजीतलिया।इसमौकेपरअध्यक्षव्यापारमंडलबाघरायडा.बांकेलाल,प्राचार्यराजेंद्रप्रसाद,रोहितचौरसिया,राहुलचौरसिया,मंजूचौरसिया,आनंदपांडेय,दिवाकर¨सह,पुष्पेंद्रयादव,शुभमसाहू,महरानीदीनगुप्ता,श्वेता¨सह,दीक्षा,आशामिश्रा,प्रतापगौतम,समीर¨सहआदिलोगमौजूदरहे।

By Daly