शारीरिक शिक्षा

कानपुर,जेएनएन।गांवहैरौतापुरजहांसफाईकरनेवालेपृथ्वीपालनेदफनाएगएशवों(जोइतनेपुरानेहोचुकेथेकिउनपरपहलेमिट्टीआयीऔरफिरघासभीउगआयी)कोदिखातेहुएकहाकिपीढ़ीदरपीढ़ीलोगयहांशवदफनकरतेआरहेहैं।कईतोढाईसालतकपुरानेहैं।दफनानेमेंखर्च300से500रुपयेआताहैऔरजलानेमेंदोसेढाईहजारतोइसकारणभीशवदफनाएजातेहैं।परंपराभीशवदफनानेकाएककारणहै।

दैनिकजागरणटीमनेकीपड़ताल

गंगाकिनारेदफनाएगएशवोंकोलेकरपिछलेकुछदिनोंसेबहुतहंगामामचाहुआहै।बार-बारयहबातकहीगईकिकोरोनासेगंगापट्टीकेकिनारेइतनीबड़ीसंख्यामेंमौतेंहुईंकिअंतिमसंस्कारकेलिएलकडिय़ांकमपड़गईं,लिहाजाशवोंकोयातोगंगामेंफेंकनापड़ायादफनानापड़ा।संतसमाजनेविरोधकियाऔरकुछलोगकोर्टभीपहुंचे।दैनिकजागरणनेसत्यकापतालगानेकेलिएउनक्षेत्रोंकीपड़तालकाफैसलाकियाजहांयेशवअधिकसंख्यामेंमिलेथे।जागरणकानपुरकेसंपादकीयप्रभारीजितेंद्रशुक्लकेसाथशिवाअवस्थी,कामोदपाण्डेयऔरफोटोजर्नलिस्टसंजययादवकानपुरऔरउन्नावकेगंगाकिनारेकेलगभगएकदर्जनसेअधिकगांवोंमेंपहुंचे।50किलोमीटरसेअधिककीइसयात्रामेंटीमबनी,पिपरी,मिर्जापुर,लंगड़ापुर,रौतापुर,सिद्धनाथपुरी,शंकरपुर,बक्सर,परियर,लालूपुर,हाजीपुरआदिगांवोंतकपहुंची।

येपिताजीऔरउइदेखौचाचासोरहे...

शुक्लागंजकेरौतापुरगांवमेंगंगासेमहज500मीटरदूररहनेवालेसूर्यपाललोधीघरकेबाहरबनीकब्रदिखानेपरबोले-'येपिताजीसोरहेहैं।कुछफर्लांगदूरखेतकीतरफइशाराकरबोले,'उइदेखौचाचासोरहेहैं।Óसारयहकिजिनकेखेतनहींहैं,वेघरकेबाहरयागंगाकिनारेशवदफनातेहैं।लालारामनेबतायाकिगंगामेंअगरइसबारशवअधिकदिखरहेहैंतोकारणयहकिपिछलेसालउसमेंबाढ़नहींआयीथी।घाटकिनारेमछलीपकड़रहेफत्तेपुरकेसोनूबोले-'लोगझूठब्वालतहैं।रावत,गौतम,वर्माअउरलोघीलोगनमातौपहिलेसेहीगाड़ाजातरहै।याबारऔरैकुछलोगपैसनकेचक्करमेंजल्दबाजीमेंदफनागे।रास्तेमेंसाइकिलसेजारहेजयकरणखुदहीबोलपड़े,'दफनकरनेमेंकमखर्चलगताहै।

पिपरीऔरबनीमेंनहींहुईंसौमौतें

सड़ककिनारेहीअपनीदुकानकेबाहरखड़ेलंगड़ापुरकेसंतोषबतानेलगे,'पिपरीऔरबनीमेंसौसेअधिकलोगोंकीमौतहुईहै,लेकिनजबहमवहांपहुंचेतोपिपरीमेंपूर्वप्रधानशिवनारायणमिश्रनेपहलीहीलाइनमेंइसेसिरेसेनकारदिया।बोले-केवलआठ,दसकानिधनहुआहै।उन्होंनेगिनायाकि60वर्षीयपूर्वप्रधानबालकिशनशर्मा,38वर्षीयगुड्डूधोबी,48वर्षीयशिवकुमारउर्फपप्पूव60वर्षीयमिथिलामिश्राकीकोरोनासेमौतकीपुष्टिहुईहै।वहींमौजूदनवनिर्वाचितप्रधानराजारामबीचमेंहीबोले,'10लोगोंकीमौतहुईहै।हां,बीमारीसेलोगमरेथे।जांचटीमआईथीतोछह-सातकोरोनावालेमिलेथे।गांवमेंबाहरसेआईमहिलाकेकारणबीमारीआईथी।अबसबठीकहै।गांवकेदूसरेछोरपरपहुंचेतोजितेन्द्रशर्मावउनकेभाईशोभितशर्मानेकहाकियहां19दिनमें18मौतेंहोगईं।इनमेंचारकोरोनासंक्रमितथे।

जैसाहाहाकारमचावैसेनहींहालात

ऐसानहींकिकोरोनाकाअसरनहींमिला।बिल्कुलथाऔरलोगउससेमरेभीपरंतुवहहाहाकारहमेंकहींनहींमिलाजोइंटरनेटमीडियाऔरअन्यमाध्यमोंमेंबतायागया।कईगांवऐसेभीमिलेजोगर्वकररहेहैंकिमहामारीकोउन्होंनेहरादियाऔरएकभीमौतवहांनहींहुई।सिद्धनाथपुरी,लंगड़ापुर,मिर्जापुर,हाजीपुर,उद्दाखोरमेंकोरोनाकाकोईमरीजनहींमिला।रौतापुरकेग्रामपंचायतसचिवसुशीलपांडेयकाकहनाथा,'कोरोनाकालमेंक्लीनिकबंदथेतोमेडिकलस्टोरसेदवाएंलीं।कुछकोइलाजनहींमिलाऔरयेभीमौतकाकारणहै।पहलेयहांरेतकाइलाकाबहुतबड़ाथा।तबकुछलोगकहींभीशवदफनादेतेथे।उन्हेंनोटिसनहींलियाजाताथालेकिन,अबगंगाकिनारेतकसब्जियांकीखेतीहोतीहैऔरदफनानेकाइलाकाएक-डेढ़एकड़मेंहीसीमितहोगयाहै।इससेशवअधिकदिखतेहैं।

उन्नावडीएमनेकहीयेबात

अत्यधिकमौतोंकेकारणगंगाकिनारेशवदफनानेकीबातपरउन्नावकेडीएमरवींद्रकुमारबोले-'इंटरनेटमीडियापरगलतजानकारीदीजारहीहै।हमनेगहनपड़तालकराईहै।दफनाएगएशवोंमेंपुरानेभीहैंक्योंकिरौतापुरऔरपरियरकेआसपासबड़ीसंख्यामेंऐसेलोगभीहैंजिनकेयहांयहीपरंपराहै।उन्नावमेंहरदोईऔररायबरेलीतककेगांवोंकेलोगअंतिमसंस्कारकरनेआतेहैं।कबीरपंथी,असामयिकमौतोंवालेशवयहांवर्षोंसेदफनहैं।