शारीरिक शिक्षा

अशोकशर्मा,फिरोजपुर:जिसऔलादकोपानेकेलिएमां-बापनेवर्षोंतकधार्मिकस्थलोंपरमन्नतेंमांगीथी,अबवहीऔलादमां-बापकोअपनेसाथरखनेकेलिएतैयारनहींहै,जिसकारणबुजुर्गदंपतीवृद्धआश्रममेंरहनेकेलिएमजबूरहै।फिरोजपुरकेगवालमंडीस्थितरामबागवृद्धआश्रममेंरहनेवालेश्रीनारायणऔरकांतादेवीअपनीऔलादऔरपोता-पोतीकीझलकदेखनेकोभीतरसगएहैं।भरापूरापरिवारहोनेकेबावजूदबुजुर्गदंपतीकरीबपांचसालसेवृद्धआश्रममेंदिव्यांगबेटेकेसाथजिदगीकाटरहेहैं।

श्रीनारायणनेबतायाकिवहफिरोजपुरमेंकबाड़काकामकरतेथे।उनकेघरकईसालऔलादनहुईतोउन्होंनेहरमंदिरऔरगुरुद्वारेमेंमन्नतेंमांगे।व्रतरखे,जिसकेबादउनकेघरबेटाहुआ।इसकेबादउन्हेदोलड़कियांऔरएकऔरलड़काहुआ,जोमानसिकतौरपरठीकनहींहै।दोनोंबेटियोंऔरबेटेकीशादीकेबादजैसेश्रीनारायणकाजीवनहीबदलगया।उम्रकेबढ़तेपड़ावमेंबच्चोंनेभीउनसेमुंहफेरलिया।अबहालातयेहैंकिऔलादउनकोदेखनेतककोतैयारनहीं।एकलड़काफिरोजपुरमेंअपनाबिजनेसकररहाहैऔरदोबेटियोंमेंएकफिरोजपुरऔरदूसरीराजस्थानमेंविवाहितहै,लेकिनवृद्धमातापिताकोमिलनेकोकोईतैयारनहीं।74वर्षीयश्रीनारायणवकांतादेवीनेबतायाकिउम्रकेइसपड़ावमेंबच्चोंकेसाथरहनेकाबड़ादिलकरताहै।एकबच्चेकेबीमारहोनेकेकारणउसकेबड़ेबेटेनेउनकोघरसेनिकालदिया।

By Daly