शारीरिक शिक्षा

नईदिल्ली:भारतके30प्रतिशतसेअधिकजिलेजंगलमेंभीषणआगलगनेकेलिहाजसेसंवेदनशीलहैं।गुरुवारकोजारीएकअध्ययनमेंकहागयाहैकिपिछलेदोदशकोंमेंजंगलकीआगकेमामलोंमें10गुनासेअधिककीवृद्धिहुईहै।‘काउंसिलऑनएनर्जी,एनवायरनमेंटएंडवाटर’(सीईईडब्ल्यू)कीओरसेकिएगएअध्ययनमेंइसबातपरप्रकाशडालागयाहैकिपिछलेमहीनेअकेलेउत्तराखंड,मध्यप्रदेशऔरराजस्थानजैसेराज्योंमेंजंगलकीभीषणआगकीसूचनामिलीथी।सीईईडब्ल्यूकेअध्ययनमेंयहभीपायागयाकिआंध्रप्रदेश,असम,छत्तीसगढ़,ओडिशाऔरमहाराष्ट्रकेजंगलोंमेंजलवायुमेंतेजीसेबदलावकेकारणभीषणआगलगनेकीआशंकाप्रबलहै।सीईईडब्ल्यूकेमुख्यकार्यकारीअधिकारीअरुणाभघोषकेमुताबिक,'वैश्विकतापमानमेंवृद्धिकेसाथ,दुनियाभरमेंजंगलमेंभीषणआगकीघटनाएंबढ़ीहैं,खासकरशुष्कमौसमवालेक्षेत्रोंमें।पिछलेदशकमें,देशभरमेंजंगलमेंआगलगनेकीघटनाओंमेंतेजवृद्धिहुईहै।इनमेंसेकुछकानाजुकपारिस्थितिकीतंत्रऔरस्थानीयअर्थव्यवस्थाओंपरगंभीरप्रभावपड़ाहै।’ImranKhanLatestNews:कामनआयाइमरानखानकापैंतरा,पाकिस्तानकेसुप्रीमकोर्टनेनेशनलअसेंबलीबहालकी,9अप्रैलकोअविश्वासप्रस्तावपरवोटिंगअध्ययनमेंयहभीपायागयाकिपिछलेदोदशकोंमें,जंगलमेंआगकीकुलघटनाओंमेंसे89प्रतिशतसेअधिकघटनाएंउनजिलोंमेंदर्जकीगईहैंजोपरंपरागतरूपसेसूखाकेलिहाजसेसंवेदनशीलहैंयाजहांमौसममेंबदलावकेरुझानदेखेगएहैं,यानीजहांपहलेबाढ़आतीथीवहांसूखापड़रहाहैयाइसकेविपरीतस्थितिहै।कंधमाल(ओडिशा),श्योपुर(मध्यप्रदेश),उधमसिंहनगर(उत्तराखंड),औरपूर्वीगोदावरी(आंध्रप्रदेश)जंगलकीआगवालेकुछप्रमुखजिलेहैंजहांबाढ़सेसूखेकीओरएकअदला-बदलीकीप्रवृत्तिदिखरहीहै।बिहारMLCरिजल्टदेखकरMYभूलजाएंगे,अबBYकाजलवा,कामकररहातेजस्वीकाAटूZ?सीईईडब्ल्यूकेप्रोग्रामप्रमुख,अविनाशमोहंतीकहतेहैं,'पिछलेदोदशकोंमेंजंगलमेंआगलगनेकीघटनाओंमेंतेजवृद्धि,इसकेप्रबंधनकेलिएहमारेदृष्टिकोणमेंएकमहत्वपूर्णसुधारकीमांगकरतीहैं।सरिस्कावनरिजर्वमेंहालियाघटना,एकसप्ताहमेंचौथीऐसीघटनाहै,जोदिखातीहैकिबदलतेपरिदृश्यमेंजंगलकीआगकाप्रबंधनक्योंएकराष्ट्रीयअनिवार्यताहै।'उन्होंनेकहा,'आगेबढ़तेहुए,हमेंजंगलकीआगकोएकप्राकृतिकखतरेकेरूपमेंपहचाननाचाहिएऔरशमनसेसंबंधितगतिविधियोंकेलिएअधिकधननिर्धारितकरनाचाहिए।वनभूमिकीबहालीऔरजंगलकीआगकाकुशलशमनभीखाद्यप्रणालियोंऔरपारंपरिकरूपसेजंगलोंपरनिर्भरसमुदायोंकीआजीविकाकीरक्षाकरनेमेंमददकरसकताहै।'

By Connor