शारीरिक शिक्षा

जयपुर:कोरोनाकेसंक्रमणकेचलतेपूरेदेशकीजनतामुश्किलोंकेदौरसेगुजररहीहै,पूरेदेशमैलॉकडाउनजारीहै.संकटकीइसघड़ीमेंगरीबऔरमजदूरवर्गकेलोगोंकेसामनेखानेपीनेकेसामानकासंकटखड़ाहोचुकाहै.ऐसेमेंजबउम्मीदकीएकछोटीसीकिरणदिखतीहैतोलगताहैकिवाकईदुनियामेंअच्छेलोगहैंजोमौकामिलनेपरइंसानियतसेरूबरूकरादेतेहैं.

जोधपुरसे60किलोमीटरदूरउम्मेदनगरमेंरहनेवालेरामनिवासमंडानेअपनेजीवनभरकीकमाई50लाखरुपएकासूखाराशनकासामानखरीदकर6हजारघरोंकेलिएखानेपीनेकेसामानकेपैकेटतैयारकियेहैं.उन्होंनेमजदूरगरीबलोगोंकेघरतकसूखेराशनकेपैकेटपहुंचानेकाबीड़ाअकेलेख़ुदकेदमपरउठायाहै.

रामनिवासमंडाशिक्षकहैंऔरअपनीपत्नीकेसाथएकनिजीस्कूलकासंचालनकरतेहैं.उनकेपिताखेतीकरतेहैं.खेतीऔरशिक्षाकेजरिएबरसोंसेकड़ीमेहनतकरकेकमाएक़रीबपचासलाखरुपएशिक्षकमंडानेग़रीबोंकेपेटभरनेकीख़ातिरख़र्चकरदिए.उनकेद्वारातैयारराशनकेसामानकाएकपैकेटकरीब₹750काहै.रामनिवासमंडाने6000सेभीअधिकपैकेटबनवाएहैंजोअबग्रामीणक्षेत्रमेंबांटेजारहेहैंप्रतिपैकेटमेंआटा,दाल,तेल,नमक,हल्दी,मिर्ची,धनिया,साबुन,बिस्किट,माचिसजैसीदैनिकउपयोगकीवस्तुएंदीजारहीहैं.