शारीरिक शिक्षा

आगरा,जागरणसंवाददाता। ईश्वरदुश्मनकोभीयहदिननदिखाए।दूधपीनेकीजिदकरतेबच्चोंकीफरमाइशकोविधवामांकुछइसतरहसेपूराकरतीहै।दसरुपयेमेंदूधमेंइतनापानीमिलादेतीहैकिबसउसकारंगसफेदरहे।इसकेबादतीनोंबच्चोंकोबराबरमेंबांटदेतीहै।पतिकीमौतकेगमकेआंसूपोंछविधवामांअन्नूतीनबच्चोंकेपेटपालनेकीजद्दोजहदसेजूझरहीहै।सुबहऔरशाम्रघरमेचूल्हाजलानेकेलिएदूसरोंकेयहांजूठेबर्तनसाफकररहीहै।

सदरभट्टीकेटीलानंदरामकेरहनेवालेजवाहरजूताकारीगरथे।परिवारमेंपत्नीअन्नूएकबेटा,वदोबेटीहैं।बेटाछहसालकाजबकिबेटियांउससेछोटीहैं।स्वजननेबतायाजवाहरकोचारमईकोतेजबुखारआनेकेसाथसांसलेनेमेंदिक्कतकीशिकायतहुई।कोरोनाकेलक्षणहोनेपरउन्हेंएसएनमेडिकलकालेजमेंभर्तीकरादिया।यहांकरीबएकसप्ताहतकमौतसेजूझनेकेबाद12मईकोउनकीमौतहोगई।परिवारकेपासकोईजमापूंजीनहींथी।अंतिमसंस्कारकेकुछदिनबादहीविधवाअन्नूकेसामनेघरमेंचूल्हाजलानेकासंकटसामनेथा।

हालातनेउसेपतिकीमौतकागमभूलअपनेआंसूपोंछनेपरमजबूरकरदिया।बच्चोंऔरखुदकापेटपालनेकेलिएउसनेकामकीतलाशकी।मगर,कोरोनाकीदूसरीलहरकेप्रकोपकेचलतेकाममिलनाइतनाआसाननहींथा।किसीतरहसेउसनेकुछघरोंमेंझाडृूपौंछालगानेकाकामदेखा।इससेकिबच्चोंकीदोवक्तकीरोटीकाइंतजामहोसके।तीनोंबच्चेछोटेहैं,पिताजीवितथेतोवहउनकेलिएशामकाेअक्सरदूधलेकरआतेथे।इसकेचलतेबच्चेअक्सरदूधकीजिदकरनेलगतेहैं।मजबूरमांबच्चोंकोबहलानेकेलिएकिसीतरहदसरुपयेकादूधखरीदनेकेबादउसमेंबराबरकापानीमिलादेतीहै।इसेतीनोंबच्चोंमेंबराबरबांटदेतीहै।

मददमिलेतोपरिवारचले

परिवारकोअभीतककिसीसामाजिकसंगठनकीमददनहींमिलीहै।स्वजनकाकहनाथाकिपिताकोगंवानेवालेबच्चोंकोआर्थिकमददमिलनेसेउनकीपढाईजारीरहसकतीहै।अन्नूकाआर्थिकसंकटदूरहोसकताहै।बडाबेटाछहसालकाहै।उसनेपिछलेसालस्कूलजानाशुरूकियाथा।मगर,कोरोनाकेचलतेवहस्कूलनहींजारहाहै।