शारीरिक शिक्षा

बक्सर:लागलसंतनकेमेला,देखेकेमनवाहमरोकरेला.'।श्रीमिथिलारसकेरसिकसाकेतवासीपरमपूज्यश्रीमन्नारायणदासजीभक्तमालीउपाख्यनेहनिधिमामाजीकीयहपंक्तियांएकबारफिरसेसाकारहोरहीहै।सिय-पियमिलनमहोत्सवकार्यक्रमकायह52वांसालहै,जबइससेपहलेनेहनिधिपूज्यमामाजीनेनयाबाजारस्थितश्रीसीतारामविवाहमहोत्सवआश्रमकीबगियाकोअपनेहाथोंसंजोयाथा।नौदिवसीयइसमहोत्सवमेंदेशकेकोने-कोनेसेसंतसमाजकासमागमशुरूहोगयाहै।संतोंकेचरणपादुकापड़नेसेएकबारफिरसेआश्रमकेउपवनमेंहरियालीलौटआईहै।

शहरकेनयाबाजारस्थितआध्यात्मिकमहोत्सवमेंप्रात:अष्टायमहरिनामसंकीर्तनएवंश्रीरामचरितमानसपाठसेप्रारंभहोकरएकतरफदोपहरमेंश्रीअवधधामसेपधारेपूज्यमज्जगदगुरूरामानुजाचार्यस्वामी(डा.)श्रीराघवाचार्यमहाराजअपनेमुक्तकंठसेवाल्मिकीरामायणकथितअमृतबोलकीसुधाबरसारहेहैं।वहीं,दूसरीओरसंध्यापहरसमारोहमेंदेशकेकोने-कोनेसेपधारेसंतविद्वजनकेसपरिकरजीवनकीअसलमुक्तिरसबांटरहेहैं।जबकी,सुबहमेंवृंदावनकीविश्वविख्यातमंडलीस्वामीश्रीफतेहकृष्णशर्माएवंउनकेसहयोगीरमेशचंद्रशर्माकेनिर्देशनमेंश्रीकृष्णलीलातथारातमेंआश्रमकेपरिकरोंद्वारारामलीलाकाभीजीवंतमंचनकियाजारहाहै।बतौरआयोजकमहंतश्रीराजारामशरणमहाराजकार्यक्रममेंश्रीगुरुदेवखाकीबाबासरकारकासियपियमिलनमहोत्सवतिथिकेउपलक्ष्यमेंकलसोमवारकोदिनमेंफुलवारीतथारातमेंधनुषयज्ञकीलीलाकादर्शनभक्तजनकरसकेंगे।वहीं,बुधवार(8तारीख)कोश्रीरामविवाहकेबाद9तारीखकोरामकलेवाकेसाथमहोत्सवकोविश्रामदेदियाजाएगा।कार्यक्रमप्रात:कालहरिनामसंकीर्तनसेप्रारंभहोकरविभिन्नआयोजनोंकेसाथरात11बजेतकरामलीलाकेसाथप्रतिदिनविश्रामलेरहाहै।

भगवतकृपाहीमुक्तिकामार्ग:महंतराजाराम

उत्सवधर्मिताआश्रमकेमहंतराजारामशरणनेकहाकिव्यक्तिकोसंस्कारीहोनाचाहिए।क्योंकि,संस्कारीव्यक्तिअच्छेकर्मकरताहैऔरअच्छेकर्मसेभाग्यभीअच्छाहोजाताहै।जबआपयहसमझनेलगतेहैंकिआपकेद्वाराकियेगएसभीकार्यपरमात्माकेलिएहैंतोहरकार्यएकसुखदायीअनुभवबनजाताहै।उन्होंनेकथाश्रवणकेमहत्वपरचर्चाकरतेहुएकहाकिकलियुगमेंभगवतकृपाप्राप्तकरनाहीमुक्तिकामार्गहै।मेरेतोगिरधरगोपालदूसरोनकोई..

शनिवारकीसुबहश्रीकृष्णलीलामेंमीराचरित्रअभिनयकृत्यमंचनकेदौरानदिखायागयाकिकृष्णभक्तिमेंडूबीमीराकैसेजीवनकीविभिन्नपरिस्थितियोंसेगुजरतीहुईअंतत:श्रीकृष्णमेंहीसमाहितहोजातीहैं।इसक्रममेंएकगोपीकाजन्मराजस्थानकेमेड़तामेंमीराकेरूपमेंहोताहै।वहबचपनसेहीभगवानश्रीकृष्णकीपूजामेंरुचिरखतीहै।उनकेभाईजयमलसहीसमयआनेपरउनकाविवाहमेवाड़केराजाराणासांगाकेपुत्रभोजराजकेसाथकरदेतेहैं।विवाहकेपश्चातभीमीरागिरधरगोपालकीभक्तिमेंतल्लीनरहतीहै।जिसेदेखतेहुएराजाभोजराजउनकेलिएएकदूसरामहलबनवादेतेहैं।इसकेबावजूदभीमीरामेरेतोगिरिधरगोपालदूसरोनकोई,जाकेसिरमोरमुकुटमेरोपतिसोई.कीभजनकीर्तनमेंतल्लीनरहतीहैं।मंडलीकलाकारोंकेइसउत्कृष्टअभिनयकोदेखकरश्रद्धालुमुग्धहोजातेहै।

सीताजन्मकीलीलादेखश्रद्धालुहुएअविभूत

व्यासगद्दीसेआचार्यरातरामलीलामेंसीताजन्मकेमंचनसेपूर्वबतातेहैंकिमहारामायणमेंसीताजीकोहीसमस्तशक्तियोंकास्नोतघोषितकियागयाहै।रामायणकेबालकांडमेंराजाजनककीपुत्रीकिशोरीजी(सीताजी)कोउद्धवकारिणी,अयोध्याकाण्डसेअरण्यकांडतकस्थितिकारिणी,लंकाकांडमेंसंहारकारिणी,किष्किधाकांडएवंसुंदरकांडमेंक्लेशहारिणीऔरउत्तरकांडमेंसर्वश्रेयष्करीरूपकादर्शनहोताहै।इसकेसाथहीसाकेतवासीपरमपूज्यश्रीनारायणदासभक्तमालीउपाख्यनेहनिधिमामाजीकीहृदयउद्गारकेरूपमेंउद्भाषितउनकीरचनावलीमातासीताकेगुणकीर्तनसेझांकीवंदनकेसाथसीताजन्मकाजीवंतमंचनहोताहै।जिसेदेखकरमौजूदश्रद्धालुअविभूतहोजातेहैं।