शारीरिक शिक्षा

नयीदिल्ली,15अप्रैल(भाषा)हाथजोड़कर11सालकारमन(बदलाहुआनाम)कहताहैकिउसनेतीनदिनसेकुछनहींखायाहै।वहप्रशासनसेअपीलकरताहैकिखानानसहीतोकमसेकमउसेऔरउसकेतीनछोटेभाईृ-बहनोंकोपीनेकेलिएपानीहीदेदियाजाएक्योंकि24मार्चकोलागूहुएलॉकडाउनकेबादसेउन्हेंढंगसेभोजनभीनहींमिलपायाहै।रमननेएकवीडियोक्लिपमेंअपनायहसंदेशसड़कपररहरहेबेघरबच्चोंकेलिएकामकररहेगैर-सरकारीसंगठनचेतना(चाइल्डहुडइन्हैंसमेंटथ्रूट्रंनिंगएंडएक्शन)कोभेजा।चेतनाकेनिदेशकसंजयगुप्ताकेमुताबिकलॉकडाउनलागूहोनेकेबादउन्हेंऐसेकईवीडियोमिलेहैं।भारतइससमयइतिहासकेसबसेबड़ेलॉकडाउनमेंहै,जिसकेतहतकोरोनावायरसमहामारीसेबचनेकेलियेदेशके130करोड़लोगोंकोघरोंमेंबंदरहनेकोकहागयाहै।इसवायरससेदेशमेंअबतककुल11,000सेअधिकलोगसंक्रमितहैंजबकि377लोगोंकीजानजाचुकीहै।सरकारनेसभीकोअपनेघरोंमेंरहने,अनावश्यकआवाजाहीसेबचनेऔरसामाजिकदूरीकापालनकरनेकेकड़ेनिर्देशदिएहैंलेकिनअपनेघरोंमेंबंदरहनासभीकेलिएइतनाआसाननहींहै,खासकरवैसेबच्चोंकेलियेजोयातायातसिग्नलपरगुब्बारे,पेनआदिबेचकरअपनागुजाराकरतेहैं।गुप्तानेकहा,“सड़कोंपरघूमकरसामानबेचनेवालेयेबच्चेइससमयसबसेअधिकखतरेमेंहैंक्योंकिउनकेपासएकदिनकाखर्चउठानेकेलिएभीबचतनहींहोतीहैऔरवेपूरीतरहसेबाहरीमददपरनिर्भरहोतेहैं।येबच्चेऐसेइलाकेमेंरहतेहैंजहांपहुंचनामश्किलहोताहै।”लॉकडाउनकेशुरुआतीतीनदिनोंकाअपनाअनुभवबतातेहुएउन्होंनेकहाकिइनभूखसेरोरहेबच्चोंसेऐसेसंदेशमिलनाअपनेआपमेंहीभयावहथा।गुप्तानेकहा,“बच्चोंनेहमसेसंपर्ककियाऔररोतेहुएबतायाकिउन्होंनेकुछनहींखायाहै।इसकेबादसरकारहरकतमेंआईऔरउसनेकईहेल्पलाइननंबरजारीकिए।हमनेउन्हेंनंबरदेनाशुरुकिया।हमारेपासकर्फ्यूपासनहींहोनेकेकारणहमसीधेउनकीमददनहींकरसकतेथे।बहरहालकिसीभीतरहउनतकखानापहुंचगयालेकिनवोपर्याप्तनहींथा।”उन्होंनेबतायाकिइनमेंसेअधिकतरवीडियोलखनऊ,गाजियाबादऔरदिल्लीकेथेक्योंकियहांएनजीओकानेटवर्ककाफीसक्रियहै।गुप्तानेकहा,‘‘कुछसमयपहलेहमनेऐसेबच्चोंकेछोटे-छोटेसमूहबनाएथेऔरउनकेमोबाइलनंबरहमारेपासथे।आपयेमतसोचिएकिसड़कपररहनेवालेइनबच्चोंकेपासमोबाइलफोननहींहोगा।10-15बच्चोंकेबीचसमूहमेंकमसेकमएककेपासमोबाइलफोनहोताहै।इसतरहसेसंपर्कसूत्रबनाकरहमलखनऊ,गाजियाबादऔरदिल्लीके600-800बच्चोंतकपहुंचनेमेंसफलरहे।येवोबच्चेहैं,जिन्होंनेहमेंअपनीसमस्यासेअवगतकरायाथा।”उन्होंनेकहाकियेबच्चेवीडियोबनाकरइसलियेभेजतेहैंक्योंकिउन्हेंलगताहैकिइसतरहसे‌वेअपनीसमस्याबेहतरढंगसेव्यक्तकरसकतेहैं।सरकारकईइलाकोंमेंभोजनकेलिएराशनऔरपकाहुआखानामुहैयाकरारहीहैलेकिनगुप्ताकहतेहैंकिइनबच्चोंकोदिनमेंकमसेकमतीनबारभोजनमिलनाचाहिए।गुप्ताकेअनुसारअपनेपरिवारकेअन्यसदस्योंकेसाथछोटेकमरोंमेंबंदरहकरयेबच्चेमानसिकरुपसेप्रभावितहोरहेहैं।उन्होंनेकहाकिहमउन्हेंतनावमुक्तहोनेकेतरीकोंवालेसंदेशऔरटिकटॉकवीडियोभेजतेहैं।कुछसंगठनोंकीमानेंतोभारतमेंसड़कपररहनेवालेइनबेघरबच्चोंकीसंख्या20लाखहोसकतीहैजबकिराष्ट्रीयराजधानीमेंइनकीसंख्याकरीबदोलाखहोगी।