शारीरिक शिक्षा

छत्तीसगढ़मेंसंक्रमितऔरमौतकेआंकड़ेबढ़नेलगेहैं।तमामऐसेलोगहैं,जोअपनोंकाअंतिमसंस्कारतकनहींकरपारहे।ऐसेमेंगरियाबंदकेदोयुवाफरिश्ताबनगएहैं।लॉकडाउननेरोजगारछीनातोसंक्रमितोंकीसेवाकोहीमकसदबनालिया।जिनशवोंकोपरिजनहाथनहींलगाते,उन्हेंभीमुक्तिधामपहुंचाताहै।वहींSDMऑफिसबंदहोनेकेबादएकपटवारीस्कूटरपरहीबैठकरडेथसर्टिफिकेटबनानेलगा।

जबकोईसंक्रमितशवकोनहींछूता,तबमनीषहाथबढ़ातेहैं

गरियाबंदनगरकेरहनेवालेमनीषयादवकरीब12दिनोंसेजिलाअस्पतालमेंसंक्रमितोंकीसेवामेंजुटेहैं।इतनेदिनोंमें30शवोंकोएंबुलेंससेमुक्तिधामलेजाचुकेहैं।इनमें15शवऐसेभीथे,जिन्हेंछूनेकेलिएपरिजनतकतैयारनहींथे।वहीं7शवोंकाखुदअंतिमसंस्कारकिया।इनमेंसे3केपरिजनआएनहीं,बाकीकेपहुंचेतोमुखाग्निदेनेकीहिम्मतहीनहींजुटासके।उनकेइसकाममेंदोकर्मचारीकोपराकेताराचंदऔरफिंगेश्वरकेविक्रमसहयोगीहैं।

शादीमेंसाइकिलपरलाउडस्पीकरबजातेथे,लॉकडाउनमेंबंदहोगयाकाम

मनीषगांव-गांवजाकरशादियोंमेंसाइकिलपरलाउडस्पीकररखकरगानाबजातेथे।लॉकडाउनमेंकामबंदहोगया।इसीदौरानउन्हेंअस्पतालमेंकामकरनेवालेएकयुवकनेबतायाकिसंक्रमितमरीजोंकीमौतकेबादशवोंकोमोर्चरीमेंरखनेऔरएंबुलेंसतकलेजानेवालोंकीकमीहै।कामजोखिमकाहै,इसलिएकोईतैयारनहींहोरहा।तबमनीषआगेऔरउन्होंनेइसेअपनेहाथमेंलेलिया।खासबातयहहैकियहसाराकामवोबिनापैसोंकेकररहेहैं।

मनीषकहतेहैं-यहकामनैतिकऔरसामाजिकदायित्वलगताहै

मनीषबतातेहैंकिलोगोंमेंइतनाडरहैकिकोईशवउठानेवालानहींहै।परिजनतककईबारआनेकोतैयारनहींहोतेहैं।जोआतेभीहैं,वहदूरीबनाकररखतेहैं।मोर्चुरीसेशवकोवाहनमेंरखने,मुक्तिधामलेजानेऔरअंतिमसंस्कारतकपूराकामहमतीनोंहीकरतेहैं।कहतेहैंउन्हेंपताहैकियहजोखिमभराहै,लेकिनPPEकिटपहनकरकोविडगाइडलाइनकापूरापालनकरतेहैं।यहकामउन्हेंनैतिकऔरसामाजिकदायित्वलगताहै।

स्कूटरमेंहीडेथसर्टिफिकेटबनानेकीव्यवस्था,प्रोफार्मसेलेकरमुहरतक

वहींपटवारीमनोजकंवरकीकोविडमेंड्यूटीलगाईगईहै।उन्होंनेइसेसमाजसेवाबनालियाहै।संक्रमितकीमौतकेबादशवकेअंतिमसंस्कारकेलिएडेथसर्टिफिकेटजरूरीहोताहै।ऐसेमेंमनोजनेउसकाप्रोफार्माबनालियाहै।उसेवेअपनीस्कूटरमेंहीमुहरकेसाथरखेरहतेहैं।सर्टिफिकेटकेलिएफार्मभरकरवॉट्सऐपपरSDMकोभेजदेतेहैं।वहांसेसाइनहोकरआनेकेबादअस्पतालयाफिरतहसीलऑफिसजाकरहार्डकॉपीपरिजनोंकोसौंपतेहैं।

परिजनोंकोशवसौंपनेलेकरअंतिमसंस्कारतककीकरतेहैंव्यवस्था

कईबारजबपरिजननहींआतेतोमनोजहीनैतिकजिम्मेदारीउठातेहुएअंत्येष्टिकीपूरीव्यवस्थाकरतेहैं।अबतकपरिजनोंकेनहींआनेपर3सेज्यादाशवकाअंतिमसंस्कारभीकराचुकेहैं।इसकेलिएसारेखर्चवहखुदउठातेहैं।इसबीचमनोजएकबारखुदभीपॉजिटिवहोचुकेहैं।इसकेबादभीवहठीकहोकरफिरअस्पतालपहुंचगए।अंतिमसंस्कारकीव्यवस्थासेलेकरपरिजनोंकोसमस्यानाहोइसकापूरध्यानरखतेहैं।

कोरोनासंकटकालमेंपरिजनभीशवकेपासजानेसेडरतेहैं।ऐसेकठिनसमयमेंभीमनीषयादवसच्चेसमाजसेवीकेरूपमेंइसजोखिमभरेकामकोकरनेकेलिएतैयारहुएहैं।मनीषकोशासनप्रशासनऔरअस्पतालप्रबंधनकीओरसेहरसंभवसहयोगप्रदानकियाजाएगा।

-डॉ.जीएलटंडन,सिविलसर्जन,जिलाअस्पताल

By Connor