शारीरिक शिक्षा

दरभंगा।मैथिलीउपन्यासजगतकेश्लाकापुरुषकेदारनाथचौधरीनेअपनीकृतिकाआधारलोकभाषाकोबनायाहै।इसकेकारणइनकेउपन्यासकेपात्रजेहनमेंबसजातेहैं।इन्होंनेअपनीरचनाएंनईपीढ़ीकेनजरिएसेलिखेहैं।जैसेहरिमोहनझाकन्यादान,दुरागमनकेलिएयादकिएजातेहैं,उसीतरहसेकेदारबाबूअपनेउपन्यासोंकेलिएयादकिएजाएंगे।उक्तबातेंजाकिरहुसैनटीचरट्रेनिगकॉलेजकेडॉ.मंजरसुलेमाननेमैथिलीसाहित्यमेंकेदारनाथचौधरीकउपन्यासविषयकसंगोष्ठीमेंकही।डॉॅ.सुलेमाननेबतायाकिदरभंगाजिलेकेनेहरागांवनिवासीकेदारनाथचौधरीबहुमुखीप्रतिभाकेधनीरहेहैं।प्रथममैथिलीफिल्मममतागाबयगीतकेनिर्माताओंमेंशामिलरहेकेदारबाबूआजीवनप्रबंधनकेक्षेत्रसेजुड़ेरहेऔर70वर्षकीअवस्थामेंलेखनप्रारंभकिया।चमेलीरानी,माहुर,करार,हिना,आवारानहितनऔरआयनाउपन्यासकालेखनकरमैथिलीसाहित्यकोनईदिशादीहै।शायद,यहीकारणहैकिप्रबोधसम्मानसेसम्मानितइनकीकृतिकापुन:प्रकाशननेशनलबुकट्रस्टसेहोरहाहै।यहमैथिलीसाहित्यकेलिएगौरवकाविषयहै।लनामिविविकेपीजीमैथिलीविभागएवंडॉ.प्रभातदासफाउंडेशनकेसंयुक्ततत्वावधानमेंआयोजितसंगोष्ठीमेंपूर्वविभागाध्यक्षडॉ.रमणझानेकहाकिलेखककीकृतिकामूल्यांकनपाठकहीकरतेहैंऔरकेदारबाबूकीरचनाओंकीलोकप्रियताबतातीहैकिपाठकोंकीप्रशंसाउन्हेंमिलचुकीहै।आवारानहितनतोअपनीलोकप्रियताकेकारणहीमैथिलीसिलेबसमेंभीजुड़ीहुईहै।इनपरशोधप्रारंभहोचुकाहै।इससेइनकेलेखनीकेकईजाने-अनजानेपहलूउजागरहोंगे।राजनीतिशास्त्रविभागाध्यक्षडॉ.रविद्रचौधरीनेकहाकिमैथिलीसाहित्यमेंरिक्तरहेस्थानोंकोकेदारबाबूकीपोथीभरतीहै।एमएलएसएमकॉलेजकेमैथिलीविभागकीडॉ.उषाचौधरीनेकहाकिविश्वसाहित्यकेसमक्षमैथिलीकोखड़ाकरनेमेंकेदारनाथचौधरीकेउपन्यासोंकीअहमभूमिकाहै।अतिथिशिक्षकडॉॅ.अमीताचौधरीनेकहाकिइनकेसभीउपन्यासोंमेंपात्रपरिवेशकेअनुसारमैथिलीभाषाकाप्रयोगहै,जोपाठकोंकोभाताहै।अध्यक्षताविभागाध्यक्षडॉ.प्रीतिझानेकी।संगोष्ठीमेंसहरसाकॉलेजकेडॉ.नरेंद्रनाथ,शोधार्थीरौशनीकुमारी,आशुतोषकुमारझा,कुमकुमकुमारी,भागवतमंडल,राजकुमार,माधवकुमार,चंद्रदेवठाकुर,प्रवीणकुमारप्रभंजन,डॉ.नागेंद्रआदिनेअपनेविचारवशोधपत्रोंकोप्रस्तुतकिया।स्वागतएवंसंचालनफाउंडेशनकेसचिवमुकेशकुमारझाऔरधन्यवादज्ञापनशोधार्थीरौशनयादवनेकिया।