शारीरिक शिक्षा

आगरा,जागरणसंवाददाता। बी.टेककररहीमेधावीबेटीकीपरवाजपरकोरोनाकाकालासायापड़गया।पिताकीमौतकेबादकालेजकीफीसजमाकरानेकीफिक्रनेमांऔरबेटीदोनोंकीनींदउड़ादीहै।पतिकीमौतकेबादविधवाकेपासमांकेपासजमापूंजीकेनामपर20हजाररुपयेथे।जोअबखर्चहोनेकेकगारपरहैं।माता-पिताबेटीकासपनापूराकरनेकेलिएअपनीसारीपूंजीपरउसखर्चकररहेथे।अबजबकिउसकेदोसेमेस्टररहगएथे।कोरोनाकालनेपिताकोछीनलिया।बेटीकीफीसकैसेऔरकहांसेजमाहोगी,इसचितांनेमांकीनींदकोउड़ादियाहै।वहींआठवींमेंपढ़नेवालेबेटेकेभविष्यकोलेकरभीवहपरेशानहैं।

लोहामंडीबाजारकेरहनेवालेराजेशमजदूरीपरचांदीकाकामकरतेथे।उनकीउम्रकरीब50सालथी।पत्नीभारतीनेबतायाकिपतिको17अप्रैलकोवैक्सीनलगीथी।इसकेबादतीनदिनतकबुखारआया।जोठीकहोगया,इसकेबाद24अप्रैलकोअचानकतबीयतबिगड़़गई।पतिकोपेटमेतेजदर्दऔरउल्टीहोनेलगीं।उन्हेंअस्पताललेकरगईं।जांचकेबादबतायागयाकिउनकीआक्सीजनकाफीकमहोगईहै।उनकाएक्सरेकरायागया।वहपतिकोअस्पतालोंमेंभर्तीकरानेकेलिएभागतीरहीं।मगर,कहींबेडनहींथीतोकहींपरआक्सीजनसिलेंडरनहींथे।

वहपतिकाेघरपरहीउपचारकीव्यवस्थाकरानेकेलिएलेकरलौटरहीथीं।पतिनेरास्तेमेंहीदमतोड़दिया।अचानकपतिकीहालतबिगड़नेऔरकुछहीघंटेमेंमौतनेउनकापूरासंसारउजाड़दिया।पतिअकेलेकमानेवालेथे।वहपाई-पाईजोड़करबी.टेककररहीबेटीकोइंजीनियरबनानेकासपनापूराकरनेकीकोशिशकररहेथे।उन्हेंयकीनथाकिमेधावीबेटीदोसालमेंपढाईपूरीकरकेअपनेपैरोंपरखड़ीहोजाएगी।वहआठवींमेंपढ़़नेवालेछोटेभाईकेलिएआसराबनेगी।मगर,पतिकीमौतकेबादउनकेसामनेअबबेटीऔरबेटेदोनोंकासपनापूराकरनेकीचुनौतीहै।