शारीरिक शिक्षा

मधुबनी।अपनीमेहनतऔरलग्नकेबदौलतसिक्कीकलाकेक्षेत्रमेंकामयाबीकीकहानीलिखनेवालीसुधीरादेवीकाजीवनसंघर्षभरारहाहै।भूख-प्यासकोभूलकरनित्यनएसिक्कीकलाकीबारीकियांकोनिखारनेकोआतूरसुधीरादेवीद्वारातैयारकलाकृतिकीसराहनाचहुंओरहोनेलगीहै।सिक्कीकलाकेक्षेत्रमेंविशिष्टयोगदानकेलिएसुधीरादेवीकोहस्तशिल्पविभागद्वारानेशनलमेरिटअवार्डकेलिएपिछलेवर्षचुनागया।सुधीराकोइसक्षेत्रमेंयोगदानकेलिएबिहारसरकारपहलेहीसम्मानितकरचुकीहै।सिक्कीकलामेंक्षेत्रमेंदेश-दुनियांस्तरपरअपनीपहचानबनानेवालीझंझारपुरकेरैयामगांवनिवासीचन्द्रकुमारठाकुरकीकरीब44वर्षीयसुधीरादेवीअबतकअनेकोंदफेदिल्लीसहितदेशकेविभिन्नहिस्सोंमेंसिक्कीकलाकीपरचमलहराचुकीहै।इसकलाकोएकनयाआयामदेतेकरीबतीनदशकसेइसकलासेजुड़ेसुधीरासिक्कीकलाकोएकअलगरुपदेनेकाप्रयासकरतेरहेहै।सुधीरानेकहाकिग्रामीणक्षेत्रोंकीमहिलाओंकोरोजगारकेअवसरमुहैयाकरानेमेंसिक्कीकलाकारगरसाबितहोरहाहै।इसकलाकेविकाससेमहिलाओंकीदशा-दिशाबदलीजासकतीहै।स्थानीयस्तरपरइसकलाकोविकसितकरनेकेअलावाबिक्रीकेंद्रकीस्थापनाइसकलाऔरइसकेकलाकारोंकेलिएवरदानसाबितहोगा।

By Dale