शारीरिक शिक्षा

जागरणसंवाददाता,उरई:कोरोनाकालकेदौरानजिलेमेंअबतक5660लोगबीमारीकेचपेटमेंआएहैं,लेकिनइसमेंसेकुछऐसेविशेषस्वास्थ्यकर्मीहैं,जोफेज-1मेंहीकोरोनापॉजिटिवपाएगए।इसकेबादभीमरीजोंकीसेवापूरीनिष्ठासेकिए।उनकीयहपहचानअन्यलोगोंसेकाफीअलगहै।विषमपरिस्थितियोंमेंडटकरमुकाबलाकिया।महामारीकेसमयजिम्मेदारीकासहीआइनादिखागएयहकर्मी।आइएसुनतेहैंदोऐसेस्वास्थ्यकर्मियोंकीकहानी।बोलेयोद्धा

शुरुआतीकोरोनाकालमेंजिलाअस्पतालकेबागडोरसंभालतेसमयकोरोनापॉजिटिवहोगए।उससमयप्रत्येकस्वास्थ्यकर्मियोंकोड्यूटीलगानेऔरअस्पतालकीव्यवस्थाकीपूरीजिम्मेदारीअपनेऊपरथी।होमआइसोलेशनमेंरहकरफोनकेमाध्यमसेअस्पतालकीबागडोरसंभाली।इसविषमपरिस्थितिमेंजहांमेडिकलकॉलेजजैसेजगहोंपरओपीडीसेवाएंबंदथी।उसदौरानहमारेडॉक्टरमरीजोंकीलगातारसेवाकररहेथे।हालांकिइसदौरानएकदोलोगकोरोनापॉजिटिवहुए।लेकिनजिलेकेबाशिदेकोकिसीप्रकारकीपरेशानीनहींहोनेदिया।

डॉ.अजयकुमारसक्सेना,सीएमएसजिलाअस्पतालजालौनजिलापुरुषवमहिलाअस्पतालमेंमरीजोंकासैंपललियाकरतेथे।घरमेंजानेकेबादएकांतमेंजीवनकोकाटनाभीथा।फिरसुबहतैयारहोकरपूरीड्यूटीकरनीहोतीथी।यहलगातारफेज-1मेंचलतारहा।एकदिनइसबीचकोरोनापॉजिटिवहुए।डॉक्टरोंकीमेहनतकेआगेहमकोरोनाकोमातदेपाए।वहींठीकहोनेकेबादसैंपलिगकाकार्यमानोंआदतमेंआगयाहो।इसकेबादफिरसेअपनीड्यूटीज्वाइनकरसैंपलिगकाकार्यनिरंतरकरनेलगें।

पूजासिंह,लैबटेक्नीशियन

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