शारीरिक शिक्षा

बक्सर:प्रखंडकेकोरानसरायहाईस्कूलकेपरिसरमेंरविवारकीशामबदलावऔरप्रज्ञायुवाक्लबकेसंयुक्तपहलपरमानवीयरिश्तेकेविभिन्नपहलुओंकोध्यानमेंरखतेहुए''मूर्तिकार''नाटककामंचनराष्ट्रीयस्तरकीटीमकेकलाकारोंनेकिया।डा.शंकरशेषकेद्वारालिखितऔरसुनीलफेकानियाकेपरिकल्पनाऔरनिर्देशनमेंमंचितनाटकमेंविभिन्नप्रांतोंसेआएनाट्यकलाकारोंनेअपनीमंचनसेदर्शकोंकादिलजीतलिया।इसनाटककेमाध्यमसेवर्तमानसमाजकीखोजबीनकेसाथहीव्यवस्थाकीखामियोंऔरविसंगतियोंकोउजागरकियागया।पात्रकलाकारोंनेजीवनकीविडंबनाओंऔरविसंगतियोंकोउनकेजड़सेपकड़नेकाप्रयासकिया।मूर्तियोंकीआकृतिगढ़नेऔरउसमेंरंगभरनेवालामूर्तिकारस्वाभिमानीऔरखुद्दारीकेचलतेअपनीकलासेसमझौतानहींकरताहै।कईमौकेपरपैसेवालोंनेकलाखरीदनेकीकोशिशकी,लेकिनउसकेअंदरकामूर्तिकारकलाबेचनेकोतैयारनहींहुआ।जिसकेकारणअपनेपारिवारिकदायित्वोंकोपूरानहींकरपानेकेचलतेपत्नीललिता(अंबिकासोनी)सेअक्सरतकरारहोतीरहतीहै।विवशतासेघिरामूर्तिकारआखिरएकदिनअपनीबनाईमूर्तियोंऔरपेंटिगतोड़देताहैऔरदूसरोंकीतरहहीबननेकीबातकरताहै।नाटकमेंमूर्तिकारकीबहनकाकिरदारनिभारहींअन्नुप्रियाऔरअनादिकीभूमिकामेंराजूसहनीनेसंवादअदायगीऔरअभिनयसेदर्शकोंकोबांधेरखा।वहींरौशनसहनी,सत्यमसिंह,सूरजकुमारनमनऔरअनमोलसहितअन्यकलाकारोंनेअंततकनाटककीजीवंतताकोबरकराररखा।इसकेपहलेसम्मानसमारोहऔरनाट्यप्रस्तुतिमंचकाउद्घाटनकार्यक्रमकेमुख्यअतिथिवरिष्ठआईपीएसअधिकारीसहविशेषगृहसचिवविकासवैभवनेफीताकाटकरकिया।शुरुआतीदौरमेंमंचकासंचालनराजहाईस्कूलकेशिक्षकअनुरागमिश्रानेकिया।इसकेबादवरिष्ठपत्रकारआजाददक्षनेमंचसंचालनकाकार्यबखूबीनिभाया।तमामआगतअतिथियोंकास्वागतपत्रकारआशुतोषकुमारपांडेयनेकिया।मुख्यअतिथिकेरूपमेंउपस्थितवरिष्ठआईपीएसअधिकारीविकासवैभवनेकहाकियुवाओंकासोचबदलरहाहै।साहित्य,शिक्षा,चिकित्सा,कलासंस्कृतिकेक्षेत्रमेबिहारतेजीसेआगेबढ़रहाहै।इसदौरानउपस्थितगणमान्यलोगोंमेंआजाददक्ष,अश्विनीकुमार,यशउपाध्याय,श्रीपतित्रिपाठी,विवेकचंद्र,सुनीलपांडेयऔरधीरेंद्रकुमारसहितइलाकेकेकईगणमान्यलोगोंऔरआयोजनसमितिकेसदस्योंनेअपनीभागीदारीसुनिश्चितकराई।