शारीरिक शिक्षा

पाकुड़:आधुनिकभारतकेधन्वन्तरिआचार्यबालकृष्णकेजन्मोत्सवपरपतंजलिकेपाकुड़कार्यालयकेबाहरजड़ी-बूटीदिवसमनायागया।लोगोंकोजड़ी-बूटीवअद्भुतवनस्पतिकेप्रतिजागरूककियागया।राहगीरोंकेबीचगिलोयकावितरणभीकियागया।कार्यक्रमकासंचालनकार्यक्रमप्रभारीसंजयशुक्लानेकिया।

कार्यक्रमप्रभारीगिलोय,पुनर्नवा,भुईआंवला,लटजीरा,भृगराज,एलोवेरा,पथलचट्टा,हड़जोड़,बिधारा,बड़ीदूधी,अश्वगंधा,तुलसीगुड़मार,रास्नाआदिकीजानकारीदी।

न्होंनेकहाकिपूरीतेजीसेवैश्विकपरिदृश्यबदलरहेहैं।एलोपैथीकीअनिश्चिततानेलोगोंकोअपनेपारंपरिकचिकित्सापद्धतिआयुर्वेदकीओरआकर्षितकियाहै।वर्तमानमेंप्रत्येकघरमेंकाढ़ापीनेकाप्रचलनबढ़गयाहै।लोगआंवला,सतावर,श्वेतमूसली,च्यवनप्राश,जीरा,हल्दीआदिकाप्रयोगकररहेहैं।

इसमौकेपरसाधनाओझा,राजकुमारभंडारी,मंजूदेवी,संजयचौबे,महादेवघोष,विष्णुदेवप्रसाद,कृष्णादुबे,तरुणसाह,कृष्णाशर्मा,सोनलतिवारी,धर्मेंद्रतिवारीनेजड़ी-बूटीकासंग्रहकरकार्यक्रमकोबलप्रदानकिया।

By Davey