शारीरिक

बक्सर:लॉकडाउनकीघोषणाकेबादपैदलऔरसाइकिलपरसैकड़ोंमिलोंकीदूरीतयकरगांवपहुंचेप्रवासीकामगारोंनेअबअपनेगांवमेंहीरोजगारकाजरियाढूंढ़लियाहै।गांवमेंमिलारोजगारइन्हेंखूबरासआरहाहैऔरलॉकडाउनमेंमजेकीजिदगीबितारहेहैं।अपनोंकेबीचरहकररोटी-रोटीकेजुगाड़मेंजुटेकामगारोंकाकहनाहैकिदिल्लीहोयामुंबई,कोईभीचकाचौंधकीदुनियागांवसेबेहतरनहींहै।

इसकड़ीमेंमनरेगाकेतहतशुरूहुएकार्यमेंलगेमिल्कीगांवकेमजदूरमुनिलालराम,प्रेमधारीरामबतातेहैंकिवेकानपुरमेंफैक्टरीमेंकामकरतेथे।वे12हजाररुपयेमहीनेमेंपगारपातेथे।लेकिन,घरकासुख-चैननहीं?मिलताथा।हालांकि,पेटकीआगऔररोजगारकीतंगीनेबेबसबनादियाथा।मजबूरनवेलोगएकसाथीकेसाथकानपुरगएथे।लेकिन,कोरोनामहामारीनेघरलौटनेकोमजबूरकरदिया।वे22मार्चकोघरलौटे।पहलेतोअटपटालगाकिआखिरक्याकरें,लेकिनआसतबजगी,जबमनरेगामेंकामकाअवसरमिला।मजदूरीतोकमहै,लेकिनपरदेशमेंरहने-खानेकाखर्चभीज्यादाथा।राजस्थानमेंलौटेचुन्नीकेनाथूकोइरी,लुधियानासेआएराजेश्वरराय,बनारपुरकेअमीरखान,भोलाप्रसादऔरहैदराबादसेआएरामदत्तधोबीभीयहीकहानीकहतेहैं।वहीं,स्पेशलट्रेनसेमुम्बईसेलौटेपिटूचौधरी,चिटूचौधरीनेबतायाकिचकाचौंधकीनगरीहमजैसेबिहारियोंकीबदौलतहीचलतीहै।यहांकेमजदूरनजाएंतोबडी-बड़ीफैक्ट्रियांबंदहोजाएंगी।रोजगारतोथा,पगारभीकामलायकमिलजातीथी।यहांआनेपरउन्हेंअहसासहुआकिगांवकीमिटटीऔरखेतीबारीकमनहीं,?कोरोनानेपरदेशसेमोहभंगकरादिया।अबगांवआएतोकमाईकुछकमतोहै,लेकिनयहखुशहालजिदगीउसजिदगीसेबेहतरहै।आजअपनेपरिवारमेंहैं।पिताजीकीखेतीबारीमेंभीहाथबंटारहेहैं।गुजरातसेलौटेजेपीचौधरीकहतेहैंकिलॉकडाउनऔरकोरोनाकीजंगमेंगुजरातसेगांवकीकमाईअच्छीहै।यहांसब्जीबेचनेकाकामकररहाहूं।जेपीकहतेहैंकियहांकमाईकुछकमहै,बावजूदजीवनबेहतरहै।

उद्योगधंधेहोंतोबाहरसेबेहतरघर

चुन्नीगांवमेंमनरेगामेंकामकररहेधनपतलुधियानामेंगारमेंटफैक्ट्रीमेंकामकरतेथे।कहतेहैं,उन्हींमजदूरोंकीबदौलतदेशकेकईराज्यविकासकीदौड़मेंआगेनिकलगए,बिहारमेंदक्षकामगारोंकीकमीनहींहै,बससरकारयहांउद्योग-धंधालगवादेतोअपनेगांव-शहरकोहीवेलोगसंपन्नशहरोंकीश्रेणीमेंलाकरखड़ाकरदेंगे।

By Cooper