शारीरिक शिक्षा

नईदिल्ली।।दिल्लीमेंहुएबर्बरसामूहिकबलात्कारऔरउसकेबादआक्रोशितयुवाओंकेप्रदर्शनकोलेकरताज़ाचर्चाछेडतेहुएराष्ट्रपतिप्रणबमुखर्जीनेसवालउठायाकिदेशकीविधायिकाउभररहेभारतकोदर्शातीहैयाफिरइसमेंमौलिकसुधारकीआवश्यकताहै।उन्होंनेकहाकिनिर्वाचितप्रतिनिधियोंकोजनताकाविश्वासअवश्यजीतनाचाहिए।युवाओंकीबेचैनीकोतेजीऔरप्रतिष्ठासेपूरीव्यवस्थाकेसाथबदलावकीओरनिर्देशितकरनाहोगा।राष्ट्रपतिकेरूपमेंगणतंत्रदिवसकीपूर्वसंध्यापरराष्ट्रकेनामअपनेपहलेसंबोधनमेंमुखर्जीनेराष्ट्रीयराजधानीमेंएकयुवतीसेबर्बरबलात्कारऔरहत्याकीउसगंभीरघटनाकाउल्लेखकिया,जिसनेपूरेसमाजकोझकझोरकररखदियाहै।उन्होंनेकहाकिएकयुवतीबर्बरबलात्कारऔरहत्याकाशिकारबनी।वहयुवतीइसबातकाप्रतीकहैकिनयेभारतकोकिसतरहबननेकीकोशिशकरनीचाहिए।इसघटनानेहमारेमनकोबेचैनकरदिया।हमनेएकअनमोलजीवनसेकहींज्यादाखोयाहै।हमनेएकसपनाखोयाहै।राष्ट्रपतिनेसवालकियाकियदिआजकायुवाभारतीयनाराजहैतोक्याहमअपनेयुवाओंकोदोषीठहरासकतेहैं?मुखर्जीनेकहाकिदेशकाएककानूनहैलेकिनएकउससेभीऊंचाकानूनहै।महिलाकीगरिमाउसीबड़ेकानूनकानीतिनिर्देशकसिद्धांतहै,जिसेभारतीयसभ्यताकहतेहैं।हमजबकिसीमहिलाकेसाथबर्बरताकरतेहैंतोहमअपनेदेशकीआत्माकोजख्मीकरतेहैं।उन्होंनेकहाकिअबसमयआगयाहैकिदेशअपनीनैतिकताकोफिरसेनिर्धारितकरे।निराशावादकेप्रसारकीअनुमतिनहींहोनीचाहिएक्योंकिनिराशावादनैतिकताकेप्रतिअंधाहोताहै।हमेंअपनीअंतरात्मामेंगहरायीसेझांकनाचाहिएऔरखोजनाचाहिएकिहमकहांडगमगाये।मुखर्जीनेकहाकिसमस्याओंकासमाधानचर्चाऔरनजरियोंकेमेलमिलापसेखोजाजानाचाहिए।जनताकोविश्वासहोनाचाहिएकिशासनअच्छाईकेलिएहैऔरइसकेलिएहमेंअच्छाशासनसुनिश्चितकरनाचाहिए।सामूहिकबलात्कारकेपरिप्रेक्ष्यमेंराजधानीऔरदेशकेअन्यहिस्सोंमेंयुवाओंकेविरोधप्रदर्शनकीचर्चाकरतेहुएमुखर्जीनेकहाकिदेशएकऔरपीढ़ीगतबदलावकेसिरेपरहै।भारतकेयुवागांवोंऔरकस्बोंतकफैलेहैंऔरवेबदलावकेमुहानेपरहैं।भविष्यउनकाहै।वेआजकलकईतरहकेअस्तित्वपरकसंदेहोंसेपरेशानहैं।राष्ट्रपतिनेकहाकियुवाओंकोसंदेहहैकिक्याव्यवस्थायोग्यताकीकदरकरतीहैऔरक्याताकतवरलालचकेचलतेधर्मभूलगएहैं।क्याहमारीविधायिकाउभररहेभारतकोप्रतिविम्बितकरतीहैयाइसमेंमौलिकसुधारोंकीआवश्यकताहै।उन्होंनेकहाकिखालीपेटयुवासपनेनहींदेखसकते।उनकेपासरोजगारहोनेचाहिएजोउनकीऔरराष्ट्रकीआकांक्षाओंकोपूराकरनेमेंसक्षमहो।लेकिनहमेंयहभीसुनिश्चितकरनाचाहिएकिआर्थिकविकासकेफायदेउनसंपन्नलोगोंकोहीनमिलें,जोपिरामिडकेसबसेऊपरबैठेहैं।धनसृजनकाप्राथमिकउद्देश्यभूखकेराक्षसकोसमाप्तकरनाहोनाचाहिए।इसकाउद्देश्यवंचिततबकेऔरहाशियेपरजीरहेलोगोंकीमददहोनाचाहिए।पिछलेवर्षकोपरीक्षाकीघडीबतातेहुएमुखर्जीनेकहाकिदेशकोआर्थिकसुधारोंकेरास्तेपरआगेबढनेकेसाथसाथबाजारपरनिर्भरअर्थव्यवस्थाओंकीसमस्याओंकेप्रतिभीजागरूकहोनाचाहिए।कईधनीदेशसामाजिकप्रतिबद्धताकेबगैरअधिकारकीसंस्कृतिकीगिरफ्तमेंहैं।हमेंइसजालसेबचनाचाहिए।हमारीनीतियोंकेपरिणामहमारेगांवों,खेतों,फैक्टरियों,स्कूलोंऔरअस्पतालोंमेंनजरआनेचाहिए।उनकेलिएआंकडोंकाकोईमतलबनहींहै,जिन्हेंनीतियोंकालाभनहींमिला।उन्होंनेकहाकिहमेंतुरंतकार्रवाईकरनीचाहिएअन्यथासंघर्षकेमौजूदाक्षेत्र,जिन्हेंअकसरनक्सलहिंसाकहाजाताहै,औरअधिकखतरनाकस्वरूपअख्तियारकरसकतेहैं।

By Cook