शारीरिक शिक्षा

नयीदिल्ली,31जनवरी(भाषा)संसदकेदोनोंसदनोंकीसंयुक्तबैठकमेंबृहस्पतिवारकोअपनेअभिभाषणमेंराष्ट्रपतिरामनाथकोविंदनेमहात्मागांधी,बाबासाहबअंबेडकर,सरदारपटेल,राममनोहरलोहियाऔरदीनदयालउपाध्यायजैसेमहापुरुषोंकाउल्लेखकियातोसंतरविदास,प्रभुबसवन्नाऔरतिरुवल्लुवरकीउक्तियोंकाभीवर्णनकिया।राष्ट्रपतिनेअभिभाषणकीशुरूआतमेंकहाकिइसवर्षहमसेवाभावऔरसद्भावकेसाथजीवनजीनेकीसीखदेनेवालेगुरुनानकदेवजीकी550वींजयंतीभीहमइसीवर्षमनारहेहैं।उन्होंनेमहात्मागांधीकेसपनोंकेअनुरूप,नैतिकतापरआधारितसमावेशीसमाजकेनिर्माणका,बाबासाहबडॉक्टरभीमरावआंबेडकरद्वारासंविधानमेंदिएगएसामाजिकऔरआर्थिकन्यायकेआदर्शोंकाऔरडॉक्टरराममनोहरलोहियाके,समानतापरआधारितसमाजकाभीवर्णनकिया।कोविंदनेकहाकिदीनदयालउपाध्यायकेअंत्योदयकाआदर्शही,मेरीसरकारकेकामकाजकीसार्थकताकीकसौटीबनाहै।उन्होंनेपूर्वप्रधानमंत्रीअटलबिहारीवाजपेयीकाभीउल्लेखकिया।राष्ट्रपतिनेकन्नडसंतऔरसमाजसुधारकबसवन्नाकेकथनकाउल्लेखकियाजिसमेंउन्होंनेसबकेप्रतिसंवेदनशीलताकेभावकोव्यक्तकरतेहुएकहाथा:‘दयवेधर्मदमूलवय्या’।अर्थात,‘करुणाहीसभीआस्थाओंकाआधारहै’।उन्होंनेमहानसंततिरुवल्लुवरकीइसउक्तिकोभीअपनेअभिभाषणमेंशामिलकिया,“इयट्रलुम्ईट्टलुम्कात्तलुम्कात्त,वगुत्तलुम्वल्लदअरसु”।यानीकिअच्छीसरकारसमुचितढंगसेसंपत्तिअर्जितकरतीहै,राज्यकेधनऔरसेवाओंकोबढ़ातीहै,उनकाठीकसेसंरक्षणकरतीहैऔरलोगोंकेबीचराज्यकीसुविधाऔरसंपदाकोसजगताकेसाथन्यायपूर्णतरीकेसेपहुंचातीहै।कोविंदनेकहाकिसरदारवल्लभभाईपटेलनेदेशकेभौगोलिकऔरराजनैतिकएकीकरणकाचुनौतीपूर्णलक्ष्यअपनीअसाधारणक्षमताओंकेबलपरप्राप्तकियाथा।लेकिनपूरेदेशकेव्यापकआर्थिकएकीकरणकाकामअधूरारहगयाथा।यहअवधारणजीएसटीसेसाकारहुईहै।उन्होंनेकहाकिदेशमेंचौतरफाविकासमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभानेवालेसभीजिम्मेदारनागरिकसंतरविदासकेइसकथनकोचरितार्थकरतेहैंकिपरिश्रमहीसबसेबड़ीपूजाहै:श्रमकउईसरजानिकै,जऊपूजहिदिनरैन।‘रैदास’तिन्हहिंसंसारमह,सदामिलहिसुखचैन।।अभिभाषणकेअंतमेंउन्होंनेगुरुगोविंदसिंहजीकेप्रकाशपर्वपरसरकारद्वाराविशेषसिक्केकेविमोचनकाजिक्रकिया।