शारीरिक शिक्षा

संस,रूपौली(पूर्णिया)।रंगमंचसामाजिकक्षेत्रमेंफैलीबुराइयोंकोहीखत्मनहींकरताहै,बल्कियहएकनईक्रांतिपैदाकरताहै।आजभीइसभौतिकवादीवातावरणमेंग्रामीणक्षेत्रोंमेंरंगमंचकोजिदारखागयाहै,यहबहुतबड़ीबातहै।उक्तबातेंगोडियरपट्टीश्रीमातापंचायतकेउपमुखियासुमनकुमारनेहरनाहागांवमेंसरस्वतीपूजनोत्सवकेबादआयोजिननाट्यसमारोहकेउद्घाटनकेदौरानकही।

उन्होंनेकहाकिअभीजिसप्रकारभौतिकताकीओरबच्चासेबुजुर्गतककाझुकावहोताचलाजारहाहै,वैसीपरिस्थितिमेंभीरंगमंचकोजिदारखनाबहुतहीबड़ीउपलब्धिमानीजाएगी।

इसकेपीछेमुख्यकारणहैकिरंगमंचकेद्वाराजोहमेशाहीसंदेशदियागयाहै,वहीमुख्यबातेंहैं।सदियोंसेरंगमंचकेद्वारासमाजसेबुराईयोंकोखत्मकरनेकासंदेशदियाजातारहाहै,इससेसमाजपरप्रभावभीपड़ीहैतथालोगउनसामाजिकबुराइयोंकापरित्यागभीकरतेचलेजारहेहैं।इतनाहीनहीं,इसनेसमाजमेंहमेशाहीएकनईक्रांतिपैदाकीहै,जिससेसामाजिक,आर्थिक,शैक्षणिकस्तरउंचाउठाहै।उन्होंनेइसकेलिएग्रामीणोंसहितनाट्यकलापरिषदकेसभीसदस्योंकोबधाईदी।मौकेपरपंचायतसमितिसदस्यसंजयकुमार,वार्डसदस्यरामपालमंडल,उमेशकुमार,राजाकुमार,सूरजकुमार,संजयकुमारमंडल,अजितकुमार,विक्रमकुमार,धीरजगुप्ता,कुमोदकुमार,विजयसाह,गोपीकुमार,मनोजकुमार,मिथुनकुमार,निरंजनकुमार,संतोशकुमारसहितसैकड़ोंकीसंख्यामेंग्रामीणउपस्थितथे।