शारीरिक शिक्षा

मधुबनी।बेनीपट्टीप्रखंडकेदेपूरागांवकीचंदावत्स(31)मिथिलापेंटिगकीनईविधाबालूसेपेंटिगकरनेवालीमिथिलाकीपहलीमहिलाहैं।मधुबनीपेंटिग,फाइनआर्ट,बालूपेंटिग,मिट्टीसेप्रतिमानिर्माणकेसाथवहगलेकीभीधनीहैं।राधाकृष्णकीभक्तगरीबपरिवारसेआईचंदाबचपनसेहीदेवी-देवताओंकाचित्रदेखचित्रबनानेकीकोशिशकरतीरहीं।शुरूमेंमिट्टीसेछोटीप्रतिमाबनातीथीं।बादमेंमिथिलापेंटिगकेस्टाइलमेंबनानाशुरूकिया।इसकेबादमिथिलापेंटिगकरनेकाकामशुरूकिया।लोगोंकीपेंटिेंगदेखकरस्वत:बनानाप्रारंभकरदिया।धीरे-धीरेमेंइसमेंसिद्धहस्तहोतीचलीगईं।सबसेपहले15गुनादससाइजकीमातासरस्वतीकीप्रतिमाबालूकेसहारेबनाई।इसपेंटिगमेंमिट्टीमें75प्रतिशतबालूकोमिलाकरमिट्टीतैयारकरतीहैं।

चंदावत्सकहतीहैंकिबालूसेमिथिलापेंटिगकेस्वरूपकीप्रतिमाकोआकारदेनाकठिनकामहै।ससुरालमेंआनेकेबादहमारीइसप्रतिभाकोदेखतेहुएपतिशंकरझाएवंससुर-सासनेप्रोत्साहितकिया।इसकारणआजमधुबनीपेंटिगकेसाथबालूवमिट्टीसेमधुबनीपेंटिगबनानेमेंसिद्धहस्तहोसकीहूं।मध्यमवर्गसेरहनेकेकारणजीवनमेंसंघर्षरहा।इसीसंघर्षकेरास्तेकामयाबीमिलरहीहै।चंदास्थानीयस्तरपरपेंटिगकेक्षेत्रमेंकईपुरस्कारजीतचुकीहैं।बालूसेबनीपेंटिगकीकाफीसराहनाकीगई।डब्ल्यूएचओद्वाराकुपोषणमेंहुएचित्रकलाप्रतियोगितामेंपुरस्कृतकियागया।भारतसरकारकेहस्तशिल्पसहवस्त्रमंत्रालयकलाकेलिएसूचीबद्धकररखाहै।चंदापेंटिगवगायनकीविधाकीसाधनामेंलगीहुईहै।वेअबतकसौसेअधिकलड़कियोंकोइसविधामेंपारंगतकरचुकीहैं।

By Dale