शारीरिक शिक्षा

जागरणसंवाददाता,अंबालाशहर

राजकीयवरिष्ठमाध्यमिकविद्यालयबलदेवनगरमेंशिक्षकोंकेलिएएडोलोसेंसट्रेनिगएजुकेशनप्रोग्रामस्कूलशिक्षाविभागकीओरसेकरवायागया।इसमेंब्लॉकवनऔरब्लॉक2के52शिक्षकोंनेभागलिया।कार्यक्रममेंजिलाशिक्षाअधिकारीउमाशर्मानेकहाकिस्कूलोंमेंशिक्षकविद्यार्थियोंकेसाथउनकेमाता-पिताकीतरहव्यवहारकरें।

यहकार्यक्रमकिशोरावस्थाएवंक्रियान्वयनपरआधारितथा।प्रोग्रामऑफिसरउमासुंदरीनेकार्यक्रमकीशुरुआतकी।इसअवसरपरप्रधानाचार्यसुरेंद्रमोहननेउमासुंदरीप्रोग्रामऑफिसरधन्यवादकरतेहुएसाथहीसाथगीताकाउंसलर,रामदीन,भारतभूषणतथादोनोंब्लॉकसेआएहुएसभीटीचर्सकाधन्यवादकिया।

किशोरावस्थापरप्रकाशडालतेहुएउन्होंनेकहाकिआजकेबच्चोंकोऐसीशिक्षाकीआवश्यकताहैजोउसकासहीमार्गदर्शनकरसके।किशोरअवस्थाहीऐसीअवस्थाहैजिसकोजैसाचाहे,उसतरीकेसेहमरूपदेसकतेहैं।इसलिएइसप्रकारकीवर्कशॉपकाविशेषमहत्वअध्यापकोंकेलिएहोताहै।यहीअध्यापकजबअपनेविद्यालयमेंजाकरअपनेसहयोगियोंसेबातकरताहैऔरबच्चोंसेअपनेविचारसांझाकरताहैंऔरबच्चोंपरइसकाएकसकारात्मकप्रभावपड़ताहैतोइसकार्यक्रमकीसफलतानिश्चितहोजातीहै।

उन्होंनेकहाकिआजकलबदलतेहुएपरिवेशमेंबच्चेअनायासहीभटकजातेहैंऔरअपनीजीवनलीलाबिनाकारणकेहीसमाप्तकरनेपरउतारूहोजातेहैं।इसकार्यक्रममेंविशेषरूपसेउपस्थितजिलाशिक्षाअधिकारीउमाशर्मानेकिशोरावस्थाकेविषयमेंविस्तारसेअध्यापकोंकेसाथचर्चाकी।उन्होंनेकहाकिहमशिक्षकोंकोस्कूलमेंबच्चोंकेसाथमाता-पिताकीतरहव्यवहारकरनाचाहिए।हमेंकभीभीआक्रोशमेंकामनहींकरनाचाहिये,क्योंकिहमएकबच्चेकासहीरूपसेपालनपोषणऔरउसकामार्गदर्शनउसकाशारीरिक,मानसिकविकासकरनेमेंसमर्थहोतेहैं।जैसेहमसमाजकोशिक्षादेतेहैं,उसीप्रकारकासमाजउबरकरसामनेआताहै।

उन्होंनेकहाकिहमेंकिसीदेवीदेवताबननेकीआवश्यकतानहीं,हमेंमनुष्यहीबननेकीआवश्यकताहै।इसअवसरपरसतबीरसिंह,कुणालशर्मा,वंदनानरूला,पूजाशर्माउपस्थितरही।

By Daniels