शारीरिक शिक्षा

मधुबनी।शारदीयनवरात्रकेशनिवारसप्तमीतिथिकोभगवतीदुर्गाकोपूजितबेलकेरससेनेत्रज्योतिदेनेकेबादकालरात्रिरूपकीपूजाकेसाथलोगोंकेदर्शनकेलिएपटखोलदियागया।नेत्रज्योतिप्रदानकरनेसेपूर्वआजशास्त्रीयविधिसेपूजितबेलकोतोड़करसुबहमेंपालकीपरलायागया।जहांउसकीपूजाकीगई।जिसकेबादमूर्तिकारनेउससेरसनिकालकरमांकोनेत्रज्योतिप्रदानकी।जगह-जगहपूजापंडालोंमेंमांकेदर्शनकरनेकेलिएसुबहसेहीभक्तोंकीकतारलगीहै।

नगरकेसप्ता,गिलेशनबाजार,कालीमंदिर,भौआड़ा,कोतवालीचौकपरपटखुलनेकेबादलगातारदर्शनकोलोगपहुंचरहेहैं।प्रसादचढ़ानेकोलेकरभीड़लगीहुईहै।सभीपहलेमांकादर्शनकरअपनेपरिवारवपरिजनोंकेलिएमंगलकामनाकररहेहैं।नेत्रज्योतिदेनेकेसाथमहिलाएंखोईंछाभरनेकेकाममेंलगगई।महिलाओंद्वाराभगवतीपरकगीतगायनसेमाहौलभक्तिमयहोगयाहै।रहिका:प्रखंडमेंरहिका,सतलखा,पोखरौनी,सीमा,सौराठ,कपिलेश्वर,ककरौलआदिस्थानोंपरपटखुलतेहीमांकेदर्शनकोभीड़उमड़पड़ी।इनस्थानोंपरलगातारदुर्गासप्तशतीवभगवतीगीतोंकागायनहोनेसेमाहौलभगवतीमयहोगयाहै।जगह-जगहमेलाकाभीआयोजनकियागयाहै।सतलखाजनकडीहपरअन्यवर्षेांकीतरहपूजाकाआयोजनकियागयाहै।इसबारजीर्णेांद्वारकरबनाएगएनएमंदिरमेंपूजाकाआयोजनहै।प्रखंडकेगंधवारिमेंमांदुर्गाकीभव्यप्रतिमास्थापितकरपूजाअर्चनाकीजारहीहै।वहींसमौलगांवकेदुर्गास्थानपरनयनज्योतिदेनेकेबादपटखुलतेहीश्रद्धालुओंकीभीड़उमड़पड़ी।यहांमेलाकाभीआयोजनहै।झंझारपुर:मांकीभक्तिमेंसमूचाअनुमंडलपरिक्षेत्रडूबाहुआहै।मांकेजयकारासेवातावरणभक्तिमेंसराबोरहै।नवटोल,कैथिनियां,बेहटउतरी,गंगापुर,उमरी,बेलौंचा,मदनपुर,लोहनाउतर,नरूआर,सिमरासहितअन्यजगहोंपरमाताकेदर्शनकोभीड़उमड़ऩेलगीहै।

बेनीपट्टी:मिथिलांचलकासिद्धपीठउच्चैठभगवतीस्थानशारदीयनवरात्रकेअवसरपरशक्तिकीउपासनाकेलिएश्रद्धालुओंकाआकर्षणकाकेंद्रबनाहुआहै।उच्चैठदुर्गास्थानमेंसप्तमीतिथिकोश्रद्धालुओंकीभारीभीड़उमड़पड़ीहै।दर्शनकोलेकरश्रद्धालुओंकीलंबीलाइनलगीहुईहै।मछलीगेटसेलेकरदुर्गामंदिरतकश्रद्धालुओंकीलंबीकतारलगीहै।प्रशासनभीड़कोनियंत्रितकरनेकेलिएव्यापकस्तरपरपुलिसबलवप्रशासनिकअधिकारीलगेहुएहैं।दूसरीओरप्रखंडकेबसैठ,पालीगोठ,नवटोली,धकजरी,मनपौर,दुगरली,करही,अड़ेर,बलाईन,नागदह,दामोदरपुर,चानपुरापश्चिम,ढ़ंगा,जटियाही,रामनगर,सहितअन्यगांवोमेंमांदुर्गाकीपूजाविधिविधानकेसाथकीजारहीहै।मांकीपटखुलतेहुएश्रद्धालुओंकीभीड़उमड़पड़ी।वहींकलुआहीप्रखंडकेकलुआही:ढंगा,करमौली,लोहा,नरहीसहितअन्यजगहोंपरदुर्गादर्शनकोभारीभीड़है।ढंगामजरहीमेंमातादुर्गाकेदर्शनकोसुबहहीलोगपहुंचगए।बाबूबरही:पटखुलनेकेबादपूजापंडालोंमेंश्रद्धालुओंकीभीड़उमडऩेलगीहै।खड़गबनी,सतघारा,बाबूबरहीमेंइसअवसरपरमेलाकाभीआयोजनकियागयाहै।फुलपरास:अनुमंडलक्षेत्रकेसिसवाबरही,धर्मडीहा,सिजौलिया,गाड़ाटोल,सिसवार,मनसापुर,अमौजा,सुडिय़ाही,बेलहा,कालापट्टी,डेवढ़,घोघरडीहा,हटनी,समेतअन्यपूजापंडालोंकापटखुलनेकेबाददर्शनकोभीड़उमड़पड़ी।पूजापंडालोंमेंगूंजतेभगवतीवंदनावपवित्रश्लोकोंसेमाहौलभक्तिमयबनाहै।पूजापंडालोंकीसजावटदेखतेहीबनतीहै।रात्रिकालमेंजगमगरोशनीकीछटालोगोंकेआकर्षणकाकेंन्द्रबनाहुआहै।मधवापुर:शारदीयनवरात्राकेसप्तमीतिथिकोविभिन्नमंदिरोंएवंपूजापंडालोंमेंमांकालरात्रिकीविधिवतपूजाअर्चनाकरलोगोंकेदर्शनवपूजनकेलिएमांकापटखोलदियागया।पटखुलतेहीदर्शनवपूजनकेलिएश्रद्धालुभक्तजनोंएवंखासकरमहिलाओंकीभारीभीड़पूजापंडालोंमेंउमड़नेलगीहै।लदनियां:प्रखंडक्षेत्रकेपद्मा,जोगिया,सिधपकला,बौरहा,विसहरिया,दोनवारी,लदनियां,पिपराही,गाढ़ा,खाजेडीह,सिधपाएवंगजहरासमेतअन्यगांवोंमेंमातादुर्गाजीएवंअन्यदेवी-देवताओंकेप्रतिमाबनाकरधूमधामसेपूजा-अर्चनाकीजारहीहै।माताकीजयकारएवंभगवतीगीतभजनकीर्तनसेवातावरणगूंजायमानहै।पटखुलनेकेबाददर्शनकोभीड़है।पंडौल:प्रखंडकेपंडौलबाजारपंडौलप्रखंडकार्यालयस्थितदुर्गामंदिर,यमशम,नाहरभगवतीपुर,विहनगर,मेघौलसहितविभिन्नगांवोंमेंदुर्गापूजाधूमधामसेमनाईजारहीहै।पंडौलबाजारमेंमांदुर्गाकेदर्शनकोलेआकर्षकढंगसेसजायागयाहै।खुटौना:प्रखंडकेलौकहाबाजारतथाखुटौनासमेतलौकहा-लदनियां(एनएच104)केकिनारेमविकेबगलमेंस्थितदुर्गामंदिरमेंस्थाईरूपसेस्थापितमांदुर्गाकीसौम्यस्फटिकप्रतिमाकेदर्शनकोभीइनदिनोंभीड़है।लौकहासेसटेउत्तरनेपालीक्षेत्रकेठाढ़ीबाजारमेंनेपालीशैलीमेंनिर्मितदुर्गामंदिरमेंभीखूबभीड़-भाड़तथाचहल-पहलहै।थानासेपूरबएसएच51केकिनारेस्थितमनोकामनामंदिरमेंपिण्डस्वरूपादसमहाविद्याओंकेदर्शन-पूजकोभीभीड़उमडऩेलगीहै।ललमनियां,दुर्गीपंट्टी,अरनामा,पिपराहीतथागोइतपरसाहीसमेतसमस्तदुर्गामंदिरोंमेंमंत्रोच्चारणएवंदेवीगीतोंकेबीचउत्सवीमाहौलमेंभगवतीकीपूजा-अर्चनाचलरहीहै।जयनगर:जयनगरअनुमंडलमुख्यालयसमेतग्रामीणक्षेत्रोंकेदुर्गामंदिरमेंमांदुर्गाकोनेत्रप्रदानकरपटखुलतेहीश्रद्धालुनर-नारीमांदुर्गाकेदर्शनकोउमड़पड़े।धमियांपट्टीदुर्गाआजसुबहसेहीदर्शनकरनेकोभीड़लगीहुईहै।सर्वकामप्रदायनीमांदुर्गाकेरूपमेंख्यातिहोनेकेकारणपड़ोसीराष्ट्रनेपालकेभीश्रद्धालुदर्शनकोपहुंचरहेहैं।परसामेंपटखुलतेहीलोगदर्शनकोउमड़पड़े।जयनगरबस्तीमेंशारदीयनवरात्रमेंकलशस्थापनकेदिनसेहीभारीसंख्यामेंश्रद्धालुनर-नारीदर्शनकोपहुंचरहेहैं।दुल्लीपंट्टी,उसराही,सर्वदेवमयीमातामंदिरजयनगर,जयनगररेलवेस्टेशनस्थितदुर्गामंदिरमेंदर्शनकाभीड़उमड़पड़ीहै।

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