शारीरिक शिक्षा

जागरणसंवाददाता,सिरसा:

सांस्कृतिकस्त्रोतएवंप्रशिक्षणकेंद्रदिल्लीकीओरसेराजकीयवरिष्ठमाध्यमिकविद्यालयखैरपुरमेंतीनदिवसीयशिक्षककार्यशालाआयोजितकीगई।प्रधानाचार्याकुलदीपकौरनेकहाकिबच्चोंकोसक्षमवसफलबनानेकेलिएपढ़ानेकीशैलीकोसरलएवंरुचिपूर्णबनानाहोगा।उन्होंनेकहाकिबच्चोंमेंबहुतप्रतिभाएंहोतीहैंलेकिनउसेनिखारनेकादायित्वप्रतिभावानशिक्षककाहोताहै।प्रशिक्षककेरूपमेंआएबूटा¨सहनेपाठयपुस्तकोंकेसाथ-साथविद्यार्थियोंकोव्यवहारिकज्ञानदेनेकेलिएप्रेरितकिया।उन्होंनेकहाकिअध्यापकस्वयंभीकर्मठहोनाचाहिएतथासंस्कृति,श्रमववस्तुविनियमकेबदलतेस्वरूपकेअनुसारगतिमानरहनाहोगा।रंगकर्मीसंजीवशादनेकहाकिशिक्षकोंकोसंवादकेसाथ-साथसंवेदनशीलहोनाचाहिए।विद्यार्थीचित्रदेखकरपहलासबकसीखताहैऔरशब्दबादमेंतयहोतेहैंइसलिएनाटकतत्वकोपाठयक्रमकेसाथजोड़नाचाहिए।चित्रकारगिरिजाशंकरनेशिक्षकोंकोचित्रकलाकेविभिन्नआयामोंवभिन्नभिन्नशैलियोंसेअवगतकराया।उन्होंनेकहाकिपढ़ानेकीशैलीमेंचित्रोंकोभीमहत्वदियाजानाचाहिए।

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