शारीरिक शिक्षा

सिद्धार्थनगर:पेशेसेलेखिका,कवि,ब्लागर,संपादकऔरअनुवादककेरूपमेंपहचानबनानेवालीसौम्याकुलश्रेष्ठएकनएरूपमेंनजरआई।कपिलवस्तुमहोत्सवकेचौथेदिनमंगलवारकोउन्होंनेलोहियाकलाभवनमेंकवितालेखनकीकार्यशालालगाई।छात्रवछात्राओंकीकक्षामेंवहशिक्षिकाकेरूपमेंरही।काव्यरचनाकेमर्मकोबताया।एक-एकशब्दमेंछिपेभावार्थकोखोजनेकीकलाकीजानकारीदी।कार्यशालामें85छात्रोंनेप्रतिभागकिया।सभीपरीक्षालीऔरउत्तरपुस्तिकाजांचनेकेलिएअपनेसाथमेंलेगईहैं।जल्दहीपरिणामघोषितकरनेकाआश्वासनदिया।

सौम्याकुलश्रेष्ठनेकहाकवितालेखनआसानकलानहींहै।सोचकेसागरमेंडूबकरकविअपनेमोतीरूपीशब्दोंकाचयनकरताहै।उसकेकोषमेंशब्दोंकाभंडारहोनाआवश्यकहै।सभीव्यक्तिमेंएकस्वाभाविककविहै।वहहालातकेअनुसारअपनेजोविचारप्रकटकरतेहैं,उसेलयबद्धकरकेकविताबनाईजातीहै।सामान्यरूपसेयहचारप्रकारकीलिखीजातीहै।इन्हेंप्रेम,विग्रह,हास्यऔरवीररसकामानागयाहै।कवितालेखनपरिस्थितियोंपरनिर्भरकरताहै,अगरलेखकप्रसन्नचितहैतोउसकीलेखनीकारूखकुछइसीप्रकारकाहोगा।अंग्रेजी,हिदी,उर्दूऔरसंस्कृतसाहित्यसक्रियजुड़ावकेस्थलहोतेहैं।भाषा,शब्दऔरअक्षरकाअध्ययनहीएकमात्रकार्यहैजोछात्रोंकेकरनेलायकहै।सौम्याकुलश्रेष्ठनेबतायाकिवहएकशायरीक्लबचलातीहैं,जिसमेंहार्दिकशब्दोंकोसाझाकरनेकेलिएएकअनौपचारिकमंचकेरूपमेंजानाजाताहै।ब्लागकेसहनिर्माताभीहैं,जिसेदअदरक्विलकहाजाताहै।चलतीट्रेनमेंपहलीकवितासभाकीमेजबानीकरनेकाविश्वरिकार्डभीबनायाहै।सीडीओपुलकितगर्ग,जिलापंचायतकेअपरमुख्यअधिकारीसंतोषसिंह,रचनाकारनियाजकपिलवस्तुवीकेसाथसिद्धार्थपब्लिकस्कूलथरौलीवसिंहेश्वरीइंटरकालेजकेछात्र-छात्राएंमौजूदरहे।