शारीरिक शिक्षा

बलिया:हमारेपूर्वजपहलेमिट्टीकेबर्तनमेंहीखानाबनाकरखातेथे।इसकेचलतेवहपूरीतरहस्वस्थभीरहतेथे।बदलतेजमानेमेंखानाबनानेकेपात्रोंमेंभीबदलावहोगया।इसकेकारणतरह-तरहकीबीमारियांभीफैलनेलगी।आधुनिकताकाहमारेजीवनपरइतनाप्रभावपड़ाहैकिनकेवलहमारेरहन-सहनकेतरीकेमेंबदलावआयाहैबल्किहमारेखान-पानकातरीकाभीपूरीतरहसेबदलगयाहै।पहलेमहिलाएंखानाबनानेकेलिएचूल्हेऔरमिट्टीकेबर्तनकाप्रयोगकरतीथीं।इनकीजगहगैसचूल्हों,फ्रिजऔरओवननेलेलियाहै।

आजकेसमयमेंरोटीबनानेकेलिएहरकोईलोहेयानॉनस्टिकतवेकाइस्तेमालकरताहै।तरक्कीकेसाथलोगोंकेकिचनसेमिट्टीकेबर्तनोंमानोगायबहोगएहैं।अबलोगोंमेंमिट्टीकेबर्तनोंमेंबनाखानापसंदआनेलगाहै।इसकोदेखतेहुएबाजारमेंदोबारासेमिट्टीकेबर्तनोंकाचलनआगयाहै।महिलाएंखानाबनानेसेलेकरखानाखानेतकऔरपानीकेलिएभीमिट्टीकेबर्तनोंकाइस्तेमालकरनेलगीहैं।शहरकेटाउनहालकेपासइसतरहकेमिट्टीपात्रोंबेचनेवालेकन्हैयाकुम्हारकीदुकानपरखरीददारजुटनेलगेहैं।इसकेदुकानपरमिट्टीकेगिलास,कपप्लेट,कड़ाही,तावा,बोतल,कुकर,थालीवखानारखनेकेपात्रआदिबिकरहेहै।वैसेवेमिट्टीकेपात्रखुदभीबनातेहैलेकिनइसकीमांगकोदेखतेहुएआजमगढ़सेखरीदकरकाफीसंख्यामेंपात्रलारहेहैं।

दोप्रकारकेबनतेहैंमिट्टीकेपात्र

मिट्टीकेबर्तनदोप्रकारसेबनाएजातेहैं।एकतोपरंपरागतचाकपरजैसाकुम्हारबनातेहैं।दूसरामिट्टीकेबर्तनअबफैक्ट्रीमेंडाईसेयानीखांचेद्वाराभीबनाएजारहेहैं।दोनोंतरहकेमिट्टीकेबर्तनमजबूतहोतेहैंलेकिनजोहाथसेबनेहोतेहैं,वेज्यादामजबूतहोतेहैंक्योंकिउन्हेंज्यादाअच्छेतरीकेसेभट्टीमेंपकायाजाताहै।

मिट्टीकेबर्तनसेचमकताभाग्यभी

पं.वेदप्रकाशपांडेयबतातेहैंकिआपकेघरमेंरखेमिट्टीकेबर्तनभीआपकाभाग्यचमकासकतेहैं।शास्त्रोंकेअनुसारमिट्टीकेबर्तनोंकोबहुतपवित्रमानागयाहै।घरमेंरखेंमिट्टीकेबर्तनएकतरफजहांआपकेजीवनमेंसकारात्मकऊर्जालातेहैंबल्किइनकेघरयाऑफिसमेंहोनेसेगुडलक,धन-वैभव,सफलतासबकुछहासिलकियाजासकताहै।पूजाघरसेलेकरविवाहकेमौकेपरपूजाकेलिएइस्तेमालकिएजानेंवालेसभीबर्तनमिट्टीकेहोतेहैं।

लोगोंकोमिट्टीकेबर्तनकेलिएजागरूककररहीइनरह्वीलसंस्था

दिवालीत्योहारकोदेखतेहुएमिट्टीकेबर्तनवपात्रोंकेलिएइनरह्वीलसंस्थालोगोंकोपूरीतरहसेजागरूककरनेमेंजुटीहुईहै।संस्थाकीनंदनीतिवारीनेबतायाकिइसकेखरीददारीकेलिएलोगोंकोजागरूकसोशलमीडियासेकियाजारहाहै।वहींअन्यसदस्यकुम्हारकेपाससेजाकरउसकाउत्साहवर्धनभीकररहेहैं।

By Cooke