शारीरिक शिक्षा

जागरणसंवाददाता,रुड़की:वैज्ञानिकोंनेजलसेसंबंधितअनुसंधान,विकासगतिविधियांऔरसंबंधितविभागोंकीपहलकेबारेमेंजानकारीदी।साथहीजलसंरक्षणपरजोरदियागया।

भारतीयप्रौद्योगिकीसंस्थान(आइआइटी)रुड़कीनेराष्ट्रीयजलविज्ञानसंस्थान(एनआइएच)केसहयोगसेविश्वजलदिवसमनाया।यूकेसेंटरफॉरइकोलॉजीएंडहाइड्रोलॉजीकेवॉटररिसोर्सहेडडॉ.ग्वेनरीसनेकहाकिसस्टेनेबलवॉटरट्रीटमेंटसार्वजनिकजलआपूर्तिकेलिएवॉटरट्रीटमेंटकॉस्टकोकमकरने,प्रदूषणकोकमकरने,पानीकीउपयोगिताबढ़ानेऔरजैवविविधताकीरक्षामेंकईगुनाप्रभावडालताहै।इनसभीपरिणामोंकाप्रकृतिकेसाथसामंजस्यपूर्णसंतुलनबनाएरखनेऔरनेचुरलकैपिटलअकाउंटिगमेंआर्थिकऔरसामाजिकलाभहै।आइआइटीरुड़कीकेनिदेशकप्रो.अजितकेचतुर्वेदीनेकहाकिपानीहमारेग्रहकेलिएएकअनिवार्यसंसाधनहै।स्वच्छजलतकपहुंचकाअभावभारतकेलिएएकविकटचुनौतीहै।पानीकासमुचितप्रबंधनपर्यावरणीयस्थिरताकेलिएअत्यावश्यकहै।डॉ.सुधीरकुमारनेजलविज्ञानऔरजलकेक्षेत्रोंमेंएनआइएचकेयोगदानकेबारेमेंबताया।कार्यक्रमकाआयोजनआइआइटीरुड़कीकेहाइड्रोएंडरिन्यूएबलएनर्जी(एचआरइडी)विभागनेहाइब्रिडमोडमेंकिया।जिसमेंसंस्थानकेफैकल्टीऔरएनआइएचकेवैज्ञानिकसमेत40ऑफलाइनऔर60सेअधिकऑनलाइनप्रतिभागीशामिलहुए।इसदौरानएचआरइडीविभागकीकीर्तिगोयलऔरप्रोफेसरअरुणकुमारकीओरसेलिखितवॉटररियूज:एवाइटलस्टेपटूवा‌र्ड्सवॉटरवैल्यूनामकएचआरइडीपब्लिकेशनकाभीविमोचनहुआ।इसमौकेपरप्रो.एमकेजैन,प्रो.आशीषपांडे,प्रो.जेडअहमद,प्रो.एसकेमौर्या,प्रो.एसकेसिगल,प्रो.सोनलकेथेंगानेआदिउपस्थितरहे।

By Daly