शारीरिक शिक्षा

रोहतास:कभीअपनीछायामेंमेधाकोसंवारनेवालाविद्यालयआजस्याहवर्तमानमेंअपनेस्वर्णिमअतीतकोतलाशरहाहै।1951मेंस्थापितसंझौलीगौरीशंकरउच्चविद्यालयसंझौलीकाकभीस्वर्णिमइतिहासरहाहै।इसविद्यालयमेंएकसेबढ़करएकविभूतियोंनेशिक्षाग्रहणकीऔरराष्ट्रीयएवंराज्यस्तरपरविद्यालयकोगौरवान्वितकिया।गीताकाअंग्रेजीअनुवादकरनेवालेवराष्ट्रीयप्रेमचंदपुरस्कारसेसम्मानितसुप्रसिद्धलेखकवआइएएसडा.भगवतीशरणमिश्रइसीविद्यालयकेछात्ररहेथे।यहांकेपढ़ेंकईविद्यार्थियोंनेबिहारकेशिक्षाव्यवस्थामेंभीअपनामहत्वपूर्णयोगदानदिया।

यहांकेछात्रकुलपतिऔरजजतकबने।अपनीशैक्षणिकव्यवस्थाएवंअनुशासनकेलिएक्षेत्रमेंमशहूरयहविद्यालयवर्तमानमेंप्रशासनिकउदासीनताकेकारणअपनेस्वर्णिमअध्यायकोदुहरानेकेलिएजद्दोजहदकररहाहै।संझौलीकेबनमालीमिश्रद्वारादानमेंदीगईजमीनपर1951मेंइसविद्यालयकीस्थापनाकीगईथी।2014मेंइसेउच्चमाध्यमिककादर्जाप्राप्तहुआ,परंतुयहांछात्र-छात्राओंकेअनुपातकेमुताबिकनशिक्षकहैंऔरनभवन।विद्यालयमेंशौचालयवपेयजलकीभीसमुचितव्यवस्थानहींहै।इसविद्यालयमेंकुल1136छात्र-छात्रानामांकितहैं।जहांमात्र18शिक्षकहैं।उच्चविद्यालयमें614पर12वउच्चमाध्यमिकमें522परमात्रछहशिक्षककार्यरतहैं।उर्दू,भूगोल,अर्थशास्त्र,समाजशास्त्र,वनस्पतिविज्ञान,जंतुविज्ञान,मनोविज्ञानकेशिक्षकनहींहै।अंग्रेजीकेलिएअतिथिशिक्षकहैं।वर्तमानमेंकार्यरतशिक्षकविद्यालयकेउनविभूतियोंसेभीअनभिज्ञहैं,जिन्होंनेकभीयहांसेपढ़करविद्यालयकोगौरवान्वितकियाथा।हालांकिविद्यालयमेंपदस्थापितशिक्षकशिक्षणव्यवस्थाकोबेहतरीलानेकोप्रयासरतदिखतेहैं।

इसविद्यालयकेकईछात्रउच्चपदोंपररहेआसीन

इसविद्यालयकेकईछात्रआगेचलकरउच्चपदोंपरआसीनहोइसकामानबढ़ाचुकेहैं।जिसमेंसुप्रसिद्धलेखकवआइएएसडा.भगवतीशरणमिश्रनेसौसेभीज्यादापुस्तकेंऔरग्रंथलिखेहैं।बिहारसरकारकेराजभाषाविभागकेनिदेशकवरेलवेमंत्रालयमेंभीअधिकारीरहेथे।वेशिवहरकेडीएमभीरहचुकेहैं।इसीविद्यालयकेपढ़ेंबेनसागरकेविश्वनाथसिंहमोतीहारी,भोजपुर,वैशालीकेजिलाजजकापदऔरयहींसेपढ़ेंबलरामसिंहमुजफ्फरपुरविश्वविद्यालयकेकुलपतिकापदसुशोभितकरचुकेहैं।वहींउदयपुरकेमुनमुनप्रसादवर्मानेतरहाटविद्यालयकेकोषअधिकारी,मगधऔरवीरकुंवरसिंहविविकेवित्तअधिकारीकेपदपर,जबकिफूलनप्रसादवर्माविनोबाभावेविविझारखंडकेकुलपतिकेपदपररहचुकेहै।

यहांसेपढ़ेविभूतियोंकेबारेमेंछात्रोंकोबतानेकीजरूरत

जानकारबतातेहैंकिविद्यालयसेपढ़ेंविभूतियोंकेबारेमेंछात्रोंकोबतानेसेवेअधिकमोटिवेटहोसकतेहैं।उनकीजीवनीसेवेसबकलेकरखुदकोसंवारसकतेहैं।न्यायाधीशविश्वनाथसिंहकीबहूकिरणकुमारीइसीविद्यालयमेंशिक्षिकाहै।बतातीहैं,यहहमारेलिएगर्वकीबातहैकिजिसविद्यालयसेससुरपढ़करअच्छेओहदेपरगए,वहांकीमैंशिक्षिकाहूं।शिक्षककलीमअख्तरकहतेहैंकिजोसंसाधनहैं,उसीमेंहमसबछात्रोंकोबेहतरीप्रदानकरनेकीकोशिशरहेंहैं।

विद्यालयकाअतीतजितनास्वर्णिमहैवर्तमानमेंउतनीहीसमस्याहै।पेयजलकेअलावाछात्राओंकेलिएशौचालयतकनहींहै।फिलहालविद्यालयमें450छात्राएंपढ़तीहै।छहऔरकमरोंकीआवश्यकताहै।शिक्षकोंकीभीघोरकमीहै।40छात्रोंपरएकशिक्षककेअनुपातमेंदसऔरशिक्षकोंकीआवश्यकताहै।

सुरेंद्रसिंह,प्रधानाचार्य